अंबाला। राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान अंबाला शहर में दाखिले के इच्छुक प्रशिक्षुओं के लिए अच्छी खबर है। इस बार संस्थान ने प्रशिक्षुओं के उज्ज्वल भविष्य और मार्केट डिमांड के अनुसार 12 औद्योगिक प्रतिष्ठानों के साथ एमओयू साइन किए हैं। इसके तहत ड्यूल सिस्टम ट्रेनिंग करवाई। इसके अनुसार दो वर्षीय कोर्स में प्रशिक्षु एक वर्ष तक इंडस्ट्री में प्रेक्टिकल प्रशिक्षण लेंगे और एक वर्ष तक आईटीआई में थ्योरी की ट्रेनिंग दी जाएगी। इसी तरह एक वर्ष के कोर्स में छह महीने इंडस्ट्री और छह महीने आईटीआई में प्रशिक्षण दिया जाएगा।
इस तरह के एमओयू साइन करने में संस्थान के पूर्व छात्र गुरचरण सिंह प्रो. विश्वकर्मा टूल मंडौर और संस्थान ब्रांड एंबेसडर वेदप्रकाश धीमान प्रो. धीमान इंजी. टूल की अहम भूमिका रही। इन दोनों ही पूर्व छात्रों ने संस्थान का उद्योग के साथ सीधा संपर्क करवाने में बहुत योगदान दिया। इसी तरह के एमओयू मेट्रो मोटर प्राइवेट लिमिटेड मोहड़ा एवं अंबाला छावनी के साथ भी किया गया।
12 यूनिटों में करवाई जाएगी ट्रेनिंग
इस स्कीम के तहत 12 यूनिट में ट्रेनिंग करवाई जाएगी। इससे लगभग 200 प्रशिक्षु का एडमिशन होगा। इस तरह की स्कीम जिला अंबाला में पहली बार चलाई जा रही है। इस तरह कोर्स पूर्ण होने की उपरांत रोजगार मिलने में आसानी होगी। इस तरह की ट्रेनिंग करवाने के लिए ड्यूल सिस्टम ट्रेनिंग (डीएसटी) कमेटी का गठन किया जाएगा। कमेटी में ट्रेनिंग के लिए सभी प्रकार के समय सारणी नियमावली शेड्यूल इत्यादि पास किए जाएंगे। डीएसटी कमेटी की मीटिंग हर महीने होगे समय-समय पर आईटीआई के निदेशक प्रतिष्ठानों में जाकर ट्रेनों की ट्रेनिंग की चेकिंग भी करेंगे।
मारुति सुजुकी का स्किल इन्हांसमेंट सेंटर
अंबाला शहर की राजकीय आईटीआई में इससे पूर्व में भी मारुति सुजूकी इंडिया लिमिटेड गुरुग्राम में दोबारा एक स्किल इन्हामेंट सेंटर की स्थापना की जा चुकी है। यह सेंटर भी दाखिला लेने वाले अभ्यर्थियों को इस संस्थान की तरफ आकर्षित करता है। ट्रेनिंग करने के उपरांत रोजगार दिलवाने में भी इसकी अहम भूमिका है। यही कारण है कि गत वर्ष भी राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान अंबाला शहर में लगभग सभी व्यवसायों की सभी सीटें भरी गई थी।
अंबाला शहर राजकीय आईटीआई अंबाला की सबसे बड़ी और पुरानी आईटीआई है। संस्थान को इस बात का गर्व है कि पूर्व छात्रों ने खुद के उद्योग-धंधे स्थापित कर खुद के साथ जिले और संस्थान का नाम रोशन किया। इसके अलावा हमें अपने ऐसे पूर्व छात्रों पर भी गर्व है जोकि दूसरे संस्थानों व आईटीआई में प्रशिक्षण दे रहे हैं। निश्चित तौर पर ड्यूल सिस्टम ट्रेनिंग रोजगार परक साबित होगा।
-भूपेंद्र सिंह सांगवान, प्रिंसिपल शहर राजकीय आईटीआई।