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आखिर ऐसे कैसे सुधरेगा शिक्षा का स्तर : गुरूजी कक्षा 9वीं के छात्रों की परीक्षा कॉपियों में लिखे गलत शब्दों पर लगा रहे सही का निशान

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नौंवी कक्षा के पेपर में वो गलतियां, जिससे शिक्षकों ने पेपर को बताया है ठीक - फोटो : Ambala
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क्यों, पढ़ाई और प्रदेश बेशक यह बेहद सामान्य शब्द हैं लेकिन 9वीं कक्षा के विद्यार्थियों के साथ-साथ जिले के सरकारी स्कूलों में पढ़ाने वाले हिंदी के कुछ प्राध्यापकों को भी इन शब्दों का या तो ज्ञान नहीं है या फिर कापी चेक के दौरान लापरवाही बरती गई है। शायद यही कारण है कि मासिक और क्लास टेस्ट के दौरान इन गलत शब्दों को भी मास्टर जी सही कर उस पर धड़ल्ले से हस्ताक्षर कर रहे हैं। अमर उजाला के हाथ अंबाला छावनी के गवर्नमेंट स्कूल के हिंदी प्राध्यापक द्वारा चेक किया गया एक पेपर लगा है। इस पेपर में मास्टर जी ने क्यू, पढ़ाई, पुर्वी, प्रद्रेशो, इस्त्रियों जैसे शब्दों को भी सही कर दिया है। सही शब्दों की बात करें तो हिंदी व्याकरण के अनुसार सही मायने में क्यूं, प्रदेश, पढ़ाई, स्त्री, पूर्वी यह शब्द सही हैं। गुरू जी ने एक नहीं बल्कि दर्जनों पेपरों में इसी तरह के शब्दों को अनदेखा करते हुए क्लास टेस्ट चेक कर दिए। जबकि नियमानुसार इस पेपर पर गलती मार्क करते हुए बच्चे को ठीक शब्दों के लिए प्रेरित करना अनिवार्य होता है।
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गाइड खुलवाकर लिए गए टेस्ट
इस स्कूल में ज्यादा बच्चों के जितने भी टेस्ट हैं वह दीपक गाइड खुलवाकर करवाए गए हैं। ऐसे में शिक्षा विभाग के प्रयासों को खुद शिक्षक ही पलीता लगाने में जुटे हैं। 9वीं कक्षा के बच्चे ने हूबहू अपने गाइड की भाषा का इस्तेमाल अपने टेस्ट में किया हुआ है। ऐसा कोई एक-दो पेपर नहीं हैं बल्कि कई ऐसे पेपर पाए गए हैं जिनमें यह किया गया है।
9वीं के बच्चों को नहीं 5वीं का ज्ञान
बेशक सरकार और जिला शिक्षा विभाग अंबाला को सक्षम करने का दावा कर रहा है लेकिन 9वीं कक्षा के बच्चों को 5वीं का भी ज्ञान नहीं है। प्रश्न पत्र में इंद्रया, बाधाक, दीजीये, संम्भती, प्राप्ती इत्यादि को भी गुरूजी ने सही करते हुए उस पर अपने हस्ताक्षर कर किए हैं।
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प्रिंसिपल की भी हो जवाबदेही
जहां क्लास और सक्षम जैसी परीक्षाओं में शिक्षक खानापूर्ति करने में जुटे हैं वहीं स्कूल प्रिंसिपल भी सब कुछ जानते हुए भी मौन धारण किए हुए हैं। यही कारण है कि लापरवाही बरतने के बावजूद शिक्षकों पर कोई कार्रवाई नहीं हो रही।
निश्चित तौर पर यदि बच्चा गलतियां कर रहा है तो शिक्षक को उन गलतियों को चिह्नित करते हुए गोला लगाना चाहिए। इसके बाद बच्चे को बताया जाना और सीखना जरूरी है कि क्या गलती है। यदि क्लास टेस्ट या मासिक परीक्षाओं में बच्चा गलती कर रहा है और शिक्षक गलतियों को अनदेखा कर रहा है तो निश्चित तौर पर अध्यापक अपनी ड्यूटी का सही तरह से निवर्हन नहीं कर रहा। ऐसे में हरियाणा सर्विस एक्ट के तहत सजा का हकदार है। प्रिंसिपल को भी ऐसे मामलों पर संज्ञान लेना चाहिए ताकि गलतियां सुधारी जा सकें।
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-सुधीर कालड़ा, डिप्टी डीईओ।
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