फर्जी बैंक मैनेजर बनकर एक आरोपी ठग ने म्यूनिसिपल कारपोरेशन अंबाला कैंट जोन के लाइब्रेरियन शैलेंद्र कुमार के खाते से पंद्रह हजार रुपये निकाल लिए। इस ठगी को साइबर क्राइम के जरिए सिर्फ छह मिनट में अंजाम दिया गया, लेकिन जब लाइब्रेरियन को इस ठगी का मालूम चला तो उसने तुरंत अपने बैंक में संपर्क कर एटीएम को ब्लॉक करवाया। इसकी शिकायत महेश नगर थाने में दे दी गई है और महेशनगर पुलिस ने इसे जांच के लिए साइबर सेल में भेज दिया है। पीड़ित लाइब्रेरियन ने बताया कि उसे चंडीगढ़ से फोन आया था, ठग ने उसे खुद को कैनरा बैंक में एटीएम हेल्पलाइन का मैनेजर बताया और कहा कि उससे एटीएम में गड़बड़ी हो गई है, इसलिए कुछ देर के लिए बैंक को उसका एटीएम ब्लॉक करना पड़ेगा। ये कहकर उसने उससे एटीएम कार्ड पर लिखा पिन का नंबर पूछ लिया।
शैलेंद्र ने बताया कि उसके बाद उसके मोबाइल पर मैसेज आया, जिससे उसे मालूम चला कि उसके खाते से पांच हजार रुपये निकाले जा चुके हैं। हर दो मिनट में ऐसा ही मैसेज आता रहा। छह मिनट में खाते से पंद्रह हजार रुपये निकल गए। पीड़ित ने बताया कि उसके बाद वे तुरंत अपने कार्यालय के सामने ही कैनरा बैंक में भागकर गया और वहां मैनेजर को घटना से अवगत करवाया। उसके बाद मैनेजर ने तुरंत उसका एटीएम ब्लॉक करवाया और उसे नंबर पर डॉयल किया, जिस नंबर से ठग का फोन आया था। मैनेजर ने जब उससे असली बैंक मैनेजर बनकर बात की , तो उसने मोबाइल काटकर बंद कर दिया। उसके बाद पीड़ित ने महेशनगर थाने में शिकायत दी। जिसकी जांच चल रही है। उधर, डीसीपी अर्बन जश्नदीप सिंह रंधावा ने लोगों से अपील की है कि इस तरह के फर्जी कॉल आने पर कोई अपना एटीएम का पिन मोबाइल पर किसी को न बताएं। इसके लिए वे खुद बैंक शाखा में जाकर ही संपर्क करें।