- किसानों को अनाज मंडियों में ही काटनी पड़ रही रात, नमी की जांच पर उठाए सवाल
संवाद न्यूज एजेंसी
अंबाला सिटी। मौजूदा सीजन के चरम पर पहुंचते ही सिटी की अनाज मंडी में व्यवस्था चरमरा गई है। मंडी में जगह की किल्लत के चलते किसानों को अधिक नमी वाली धान सुखाने के लिए जगह नहीं मिल रही है। मंडी से बाहर मुख्य सड़कों पर भी धान के ढेर नजर आ रहे हैं। दूर-दराज के गांवों से फसल लेकर पहुंचे किसानों को उपज बेचने के लिए मंडी में ही 5-5 रातें काटनी पड़ रही हैं।
मंडी में फसल बेचने पहुंचे जलबेड़ा गांव के किसान मनजीत सिंह ने बताया, 10 एकड़ की धान लेकर मंडी पहुंचे तो हैरान करने वाला नजारा था। नमी जांचने के लिए आईं 5 अलग-अलग मशीनों ने एक ही फसल पर 17% से लेकर 22% तक अलग-अलग परिणाम दिए। समझ नहीं आ रहा कि किस मशीन का मापदंड सही है।
जलबेड़ा के किसान अजय कुमार ने आरोप लगाया कि उनकी फसल को निर्धारित मापदंडों से भी ज्यादा सुखा दिया गया, जिससे उनकी प्रति एकड़ पैदावार घट गई और सीधा आर्थिक नुकसान हुआ। उन्होंने मांग उठाई कि यदि किसान 17 प्रतिशत से कम नमी की धान लाता है, तो उसे अतिरिक्त बोनस या भुगतान मिलना चाहिए।
धान की सटीक आवक का पता रात 12 बजे के बाद चल पाता है, क्योंकि पोर्टल में तकनीकी खामी के कारण डेटा देरी से अपडेट हो रहा है। मंडी में जगह बनाने के लिए उठान कार्य तेज कर दिया गया है।
- दलेल सिंह, सचिव, अनाज मंडी, सिटी