अंबाला। अमृतसर से ड्राई सिटी गुजरात और बिहार में हो रही शराब तस्करी के मामले में तीन गिरफ्तारी होने पर भी गुत्थी अनसुलझी है। आठ दिन बीतने के बावजूद पुलिस यह पता नहीं कर पाई है कि आखिर अमृतसर में यह शराब किस ठेके से या फैक्ट्री से आई थी। हालांकि आरोपियों से पूछताछ में खुलासा हुआ है कि वह पहले भी इस तरह ही खेप ले जा चुके हैं।
किसान आंदोलन के चलते शंभू बॉर्डर बंद होने के कारण वह लिंक रोड का सहारा लेकर अंबाला पार कर लेते थे इसलिए पकड़ में नहीं आते थे। बॉर्डर खुलने के बाद वह जैसे ही कैंटर में खेप लेकर जा रहे थे अंबाला सदर थाना पुलिस ने काबू कर लिया।
इस मामले को सुलझाने के लिए एसआईटी भी जांच कर रही है। बता दें कि 31 मार्च को सदर थाना पुलिस ने कैंटर में धान के भूसे के कट्टों के नीचे छिपाकर ले जाई जा रही शराब का भंडाफोड़ किया था। मौके पर जींद निवासी आशीष को काबू किया था। पूछताछ में दो ओर आरोपी हिसार निवासी अजय व रोहतक निवासी संजय को काबू किया था। शराब की बोतलों से बारकोड हटा रखे थे।
चौथे आरोपी की गिरफ्तारी के लिए रोहतक में दबिश दे रही पुलिस
शराब तस्करी के मामले में अहम यानी चौथे आरोपी का नाम सामने आया है। पुलिस उसकी गिरफ्तारी को लेकर रोहतक में दबिश दे रही है। हालांकि अभी तक पुलिस के हाथ सफलता नहीं लगी है। इस गिरफ्तारी के बाद ही पुलिस अनसुलझी गुत्थी को सुलझा पाएगा और अन्य आरोपियों तक पहुंच पाएगी।
शराब तस्करों की ओर से पहले भी इस तरह की खेप ले जाने की बात सामने आई है। शंभू बॉर्डर बंद होने के कारण वह लिंक रोड का सहारा लेकर जाते थे और अंबाला पुलिस की नजर से बच जाते थे। बॉर्डर खुलने के बाद पहली की खेप ले जाते हुए आरोपी को काबू कर लिया गया है। अभी तक तीन गिरफ्तारी हो चुकी है। जल्द ही अन्य को भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
इंस्पेक्टर शंभू लाल, प्रभारी थाना सदर अंबाला