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Ambala News: नशा तस्कर को चार साल की कैद

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- दर्जी करता था नशा तस्करी, सैंपलिंग में चूक से कम हुई सजा
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माई सिटी रिपोर्टर

अंबाला सिटी। नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में एनडीपीएस फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट ने फैसला सुनाया है। अदालत ने प्रतिबंधित नशीले कैप्सूल रखने के जुर्म में कुलदीप कुमार उर्फ चिंटू को 4 साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही दोषी पर 25,000 रुपये का जुर्माना लगाया गया है। यह फैसला अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश अरविंद कुमार बंसल की अदालत ने सुनाया। सैंपलिंग में चूक से आरोपी को कम ही सजा हो सकी।

सुनवाई के दौरान अदालत ने पाया कि बरामद किए गए 42 पत्तों में से केवल एक पत्ता (24 कैप्सूल) ही जांच के लिए मधुबन स्थित लैब भेजा गया था। कोर्ट ने पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के पुराने फैसलों का हवाला दिया। अदालन ने कहा कि जब तक सभी पत्तों का बैच नंबर समान न हो या उनका मिश्रण बनाकर सैंपल न लिया जाए। तब तक पूरे स्टॉक को नशीला नहीं माना जा सकता। इस तकनीकी कारण से कोर्ट ने कुलदीप को केवल 24 कैप्सूल रखने का दोषी माना। जो इंटरमीडिएट श्रेणी में आता है। यदि सैंपलिंग सही होती, तो यह मामला कमर्शियल श्रेणी का होता और सजा 10 साल से अधिक हो सकती थी।
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4 अक्टूबर 2018 को पुलिस को इस मामले की सूचना मिली थी। सूचना थी कि साढौरा स्थित कृष्णा लेडीज सूट नामक दुकान चलाने वाला दर्जी कुलदीप कुमार नशीले पदार्थों की तस्करी करता है। पुलिस ने दाऊ-सड़का चौक पर नाकाबंदी कर मोटरसाइकिल सवार कुलदीप को रोका। तलाशी के दौरान उसके बैग से नशे के कैप्सूल के 42 पत्ते बरामद हुए, जिनमें कुल 1008 कैप्सूल थे। इनका कुल वजन 808 ग्राम पाया गया।
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नशा समाज के लिए घातक : कोर्ट

सजा सुनाते समय न्यायाधीश ने कहा कि नशीले पदार्थों की तस्करी समाज और युवाओं के लिए बेहद हानिकारक है। दोषी के खिलाफ पहले से ही यमुनानगर में एक अन्य नशा तस्करी का मामला लंबित है जिससे यह स्पष्ट होता है कि उसमें सुधार की कोई गुंजाइश नहीं है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि समाज की अपेक्षाओं और सुधार की संभावनाओं के बीच संतुलन जरूरी है, इसलिए दोषी को 4 साल की कड़ी सजा दी गई है।
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