अंबाला। किराये की ई-रिक्शा चलाने वाले के करीब आधा दर्जन लोन चलने के मामले में पुलिस के 16 दिन बाद भी हाथ खाली है। ई-रिक्शा चालक भी हैरान है कि आखिर उसने कभी लोन नहीं लिया और कैसे अलग-अलग जगह से लोन चल रहे हैं। जबकि सेक्टर-9 थाना पुलिस के जांच अधिकारी एएसआई संजय कुमार का कहना है कि ई-रिक्शा चालक को खुद नहीं पता कि लोन किसने लिया।
इसलिए मामले की गंभीरता से जांच चल रही है। संबंधित बैंक से जानकारी जुटाई जा रही है ताकि पता चल सके कि आखिर ऐसा कैसे हो गया। बता दें कि इस संबंध में अंबाला सिटी के सेक्टर-9 थाने में दी शिकायत में नसीरपुर के सुरेंद्र नगर निवासी कृष्ण लाल ने बताया था कि किराये की ई-रिक्शा चलाता है। उसने 4-5 माह पहले महिलाओं के ग्रुप में अपनी पत्नी और बेटी के नाम से लोन के लिए अप्लाई किया था। उस दौरान उसने सोनिया व सुनीता नाम की महिला को अपना आधार कार्ड और पैन कार्ड समेत अन्य दस्तावेज दिए थे। उस दौरान किसी कारणवश लोन पास नहीं हो पाया। बाद में उसने नगर निगम से प्रधानमंत्री स्वरोजगार योजना के तहत ई-रिक्शा खरीदने के लिए लोन अप्लाई किया था। 2 माह बाद दिसंबर में उसके पास कॉल आई कि पंजाब नेशनल बैंक से लोन मंजूर हो गया है। लोन मंजूर होने की सूचना के बाद पहुंचा तो खुलासा हुआ था कि उसका सिब्बल स्कोर खराब है और उसे लोन नहीं मिल सकता। उसने पता लगाया तो एक के बाद एक करीब आधा दर्जन लोन सामने आए। पीड़ित के मुताबिक उसने कभी यह लोन लिए ही नहीं।