बंगाली मोहल्ला स्थित जय राम की मंडी में पिछले 10 दिनों से पेयजल का संकट गहरा गया है। दो दर्जन परिवार ऐसे हैं जो रोजाना घंटों पानी की मोटर तो चलाते हैं, लेकिन पानी ही नहीं आता। यही कारण है कि पानी की किल्लत को पूरा करने के लिए कोई हैंडपंप तो कोई दूसरी कॉलोनी से पानी लाकर गुजारा कर रहा है। स्थिति यह बन चुकी है कि लोगों में जलापूर्ति विभाग की कार्यप्रणाली के खिलाफ भी रोष है। उनका कहना है कि बार-बार शिकायतों के बावजूद भी समस्या का समाधान तो दूर विभाग की ओर से वैकल्पिक व्यवस्था के लिए पानी के टैंकर तक भी उपलब्ध नहीं करवाए गए हैं। पीने का पानी तो बाजार से जैसे-तैसे खरीद लेते हैं, लेकिन रोजमर्रा के कामों को पूरा करने के लिए पानी नहीं मिलता और इधर-उधर भटकना पड़ता है।
पानी का समय हो निर्धारित
पिछले 10 दिन से पानी की किल्लत झेलनी पड़ रही है। घरों में आने वाले पानी का समय निर्धारित होना चाहिए। मोटर चलाते हैं तो कई बार आ जाता है तो कई बार आता ही नहीं। रात के समय जागकर पानी भरना पड़ता है। ऊपर से गंदे पानी की सप्लाई से पूरी लाइन से जुड़े लोगों में पानी से इंफेक्शन फैलने का भी खतरा रहता है।
मधु
कई-कई दिनों तक कोई नहीं लेता सुध
इलाके में पानी की समस्या आती है तो कोई भी अधिकारी सुध नहीं लेता। कई-कई दिन तक स्थिति खराब रहती है। जलापूर्ति विभाग के अधिकारियों को चाहिए कि वह शिकायत आते ही सबसे पहले उसका समाधान करवाएं न कि इंतजार करें कि कब हालात बिगड़े। गर्मी के बीच पानी न आने के कारण बेहद परेशानी झेलनी पड़ती है।
रंजना
हमेशा रहती है पानी की समस्या
पानी की पाइप लाइन को लेकर हमेशा समस्या रहती है। कभी पानी समय पर नहीं आता है तो कभी वो भी आना बंद हो जाता है। कभी गंदा पानी आता है। पाइप लाइन में लीकेज हो जाती है और कर्मचारियों को खबर तक नहीं होती। पानी के सैंपल भरे जाने चाहिए, ताकि पता चल सके कि कहीं कोई परेशानी तो नहीं।
नेहा
यहां पर नेशनल हाईवे की टीम ने पाइप लाइन काटकर बंद कर दी थी। हमने अब वहां पर पानी की समस्या को दूर कर दिया है। बंगाली मोहल्ले में कोई दिक्कत नहीं रही।
जगदीप सिंह, जेई पब्लिक हेल्थ।