अंबाला कैंट। एक ओर हरियाणा में हाई अलर्ट है, तो दूसरी ओर सिविल एरिया की सुरक्षा रामभरोसे है। कैंट के सबसे महत्वपूर्ण रेलवे स्टेशन व बस स्टैंड पर सुरक्षा के नाम पर मात्र खानापूर्ति है, जबकि रेलवे स्टेशन को कई बार उड़ाने की धमकी भी मिल चुकी हैं। इतना ही नहीं अंबाला कई बार आतंकी घटनाएं झेल चुका है या फिर आतंकी योजनाएं फेल हो चुकी हैं। सिविल एरिया में तो लोगों की सुरक्षा जहां राम भरोसे है, वहीं पुलिस का नाइट डोमिनेशन अभियान भी सुरक्षा के लिहाज से कुछ खास नहीं रहा।
यह है कैंट रेलवे स्टेशन की स्थिति
अंबाला कैंट का रेलवे स्टेशन काफी महत्वपूर्ण है, जबकि इस स्टेशन से करीब ढाई सौ ट्रेनें अप एंड डाउन करती हैं। लेकिन इस स्टेशन पर सुरक्षा के नाम पर कुछ नहीं है। स्टेशन पर कोई भी व्यक्ति आसानी से घुस सकता है और किसी भी बड़ी घटना को अंजाम दे सकता है। स्टेशन के एंट्री गेट पर चेकिंग कुछ नहीं है, जबकि जहां पर मेटल डिटेक्टर लगाया गया है, वहां पर सुरक्षा रामभरोसे है।
यहां हो सकती है चूक
यूटीएस काउंटर की ओर से चेकिंग के लिए इंतजाम नहीं है, कोई भी संदिग्ध आसानी से घुस सकता है
- इनकवायरी विंडो की ओर से आने वालों की कोई चेकिंग नहीं है
- स्टेशन पर लगे सीसीटीवी कैमरों में से अधिकतर धुंधले हैं या फिर बंद हैं
- स्टेशन चारों ओर से खुला है और यहां कोई सुरक्षा कर्मी तैनात नहीं रहते
- आउटर सर्कुलेटिंग एरिया भी पूरी तरह से असुरक्षित है, जहां कोई चेकिंग नहीं है
यह हो चुकी हैं घटनाएं
अंबाला में झेलम एक्सप्रेस में बम विस्फोट हो चुका है
कैंट स्टेशन को कई बार बम से उड़ाने की धमकी मिल चुकी है
कैंट स्टेशन की पार्किंग में खड़ी कार से भारी मात्रा में आरडीएक्स बरामद हुआ था
यह है कैंट बस स्टैंड की स्थिति
अंबाला कैंट बस स्टैंड से हरियाणा, पंजाब, चंडीगढ़, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, राजस्थान, यूपी, जम्मू के लिए बसों का आवागमन होता है। इसी बस स्टैंड से रोजाना सात सौ से अधिक बसें आती जाती हैं। अंबाला का बस स्टैंड सुरक्षा के लिहाज से काफी संवेदनशील है, जबकि सुरक्षा के नाम पर यहां कुछ नहीं है।
यहां हो सकती है चूके
- यह बस स्टैंड तीन ओर से ओपन है, जबकि तीनों प्रवेश द्वारों पर सुरक्षा के लिए कुछ नहीं है
- बस स्टैंड के भीतर सुरक्षा के नाम पर कुछ पुलिस कर्मी हैं, लेकिन उनके पास भी चेकिंग के लिए उपकरण नहीं हैं
- दोपहिया, तिपहिया, निजी वाहनों का बस स्टैंड में जमावड़ा लगा रहता है
- बस स्टैंड पर एक भी सीसीटीवी कैमरा नहीं है, जबकि मेटल डिटेक्टर तक नहीं है
- बस स्टैंड पर एक भी सिक्योरिटी पोस्ट नहीं है
यह हो चुकी हैं घटनाएं
- बस स्टैंड पर बम रखने व इसे उड़ाने की सूचना पर चेकिंग अभियान चलाया गया
- बस स्टैंड पर भी दो-तीन बार मामलों में फायर तक हुए हैं
- बस स्टैंड पर ही असामाजिक तत्वों को रात के समय जमावड़ा लग जाता है
यह है सिविल एरिया के हालात
कैंट के सिविल एरिया में सुरक्षा के नाम पर कुछ भी नहीं है। बाजारों में नाका लगाने के लिए बैरिकेट्स रखे हैं, लेकिन इन पर कर्मचारी ही तैनात नहीं होते। कभी कभार वाहन चेकिंग के लिए पुलिस कर्मी तैनात होते हैं, लेकिन नियमित तौर पर यह बेरिकेट्स ही खाली रहते हैं। पब्लिक की मानें, तो पुलिस की पेट्रोलिंग भी सवालिया निशान है।
क्या कहती है पब्लिक
कैंट के रहने वाले आनंद मोहन शुक्ला, एसएस सोनी, भगत सिंह, कर्ण कुमार, संतोष कुमार खींची, सिटी के रहने वाले राजेंद्र गुजराल, राजदीप सिंह सिद्धू, बृजलाल सिंगला, पार्षद दलजीत सिंह भाटिया, पार्षद हरदीप कौर पूनिया, रिंकू पूनिया, पूर्व पार्षद हरीश सासन, राजेश मेहता का कहना है कि सुरक्षा के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति है। यदि कोई घटना हो जाए, तो पुलिस कुछ अलर्ट दिखती है, लेकिन यह भी मात्र दिखावा ही लगता है। चेकिंग के नाम पर कुछ यात्रियों का सामान चैक किया जाता है, लेकिन इस में भी लापरवाही ही दिखती है।
सुरक्षा को लेकर पूरी तरह से पुलिस तैयार है। थाना प्रबंधकों को नियमित चेकिंग के निर्देश दिए गए हैं, जबकि बसों में भी चेकिंग की जा रही है। इसके अलावा आम जनता से भी आह्वान किया गया है कि वे संदिग्ध गतिविधियों अथवा सामान के बारे में पुलिस को सूचना दें।
- डा. अरुण सिंह, डीसीपी अंबाला
हाल ही में कैंट रेलवे स्टेशन का दौरा किया, जिसमें सुरक्षा को लेकर अधिकारियों को दिशा निर्देश दिए हैं। स्टेशन पर लगे सीसीटीवी कैमरों को भी दुरुस्त करने को कहा गया है। इसके अलावा सुरक्षा को लेकर कर्मचारी पूरी तरह से मुस्तैद हैं।
संदीप खिरवार, एसपी रेलवे