अंबाला सिटी। पहले ही नुकसान की दहलीज पर खड़े अन्नदाता पर बारिश की एक ओर मार पड़ गई है। आढ़तियों की हड़ताल के कारण किसानों के धान को कोई देखने वाला नहीं है। दूसरी ओर अब बारिश में भीगने और नमी के कारण धान में दोबारा से फुटाव शुरू हो गया है। हालात यह हैं कि जिन किसानों ने अपनी धान को ट्राली में भरा हुआ था वह खराब होने के कगार पर खड़ी है। धान में नमी की मात्रा अधिक होने के कारण तेजी के साथ फुटाव होना शुरू हो गया है। जो किसान अपनी फसल मंडी में लेकर पहुंचे थे, तेज बारिश में उनकी फसल रात को हुई तेज बारिश में बह गई। किसान चाहकर भी कुछ नहीं कर पाए।
किसानों का कहना है कि आढ़तियों की हड़ताल होने के कारण मजदूर भी किसानों द्वारा लाई गई धान पर ध्यान नहीं दे रहे हैं। ऐसे में जो नुकसान पहले कई क्विंटल धान का था वह कई सौ क्विंटल तक पहुंच रहा है। इसके बावजूद अभी तक सरकार की ओर से न तो धान की खरीद शुरू की गई है और न ही आढ़तियों की मांगों को सरकार सुनने के लिए तैयार है। सरकार ने भी अभी खरीद की तारीख को एक अक्टूबर निर्धारित किया हुआ है। तब तक किसान बर्बाद होने की कगार पर पहुंच जाएगा। किसानों ने मांग की है कि सरकार को जल्द से जल्द धान की खरीद शुरू करानी चाहिए और खराब हुई फसल है उसकी भी खरीद करें।
पहले ही छोटी फसल की बीमारी से आधा हुआ उत्पादन
किसानों का कहना है कि इस बार खेतों में छोटी फसल की बीमारी आ गई थी। इस कारण पहले ही औसत से आधा धान खेतों से निकल रहा है, ऊपर से अब इस बारिश में धान भीगने से किसानों को बिल्कुल ही धरातल पर लगा दिया है। किसानों को मुनाफा होना तो बहुत दूर की बात है लागत भी पूरी नहीं हो रही है। यहां तक कि जो लागत लगी थी उससे कई गुणा नुकसान हो रहा है। इसके बावजूद उनकी सुनने वाला कोई भी नहीं है।
खराब धान को सरकार भी नहीं खरीदेगी
हम तो पहले ही नुकसान झेल रहे हैं, ऊपर से धान की खरीद न होने के कारण नुकसान बढ़ता जा रहा है। पिछले दिनों ही अपनी धान लेकर मंडी में पहुंचे थे। दो दिन से बारिश हो रही है और धान भीग गया है। उसमें फुटाव होना शुरू हो गया है। इसे सरकार भी नहीं खरीदेगी।
- गुरप्रीत सिंह, मिर्जापुर
नमी की मात्रा बढ़ती गई इसलिए हुआ फुटाव
बारिश में फसल भीग गई थी, आढ़तियों की हड़ताल चल रही है तो फसल को पंखा भी नहीं लगा। ऐसे में नमी की मात्रा बढ़ती गई और धान में फुटाव शुरू हो गया। हम किसान पहले ही नुकसान झेल रहे हैं, ऊपर से बारिश ने और अधिक नुकसान बढ़ा दिया है।
- दीदार सिंह, लखनौर साहिब
बारिश में बह गया धान
सरकार को जल्द से जल्द धान की खरीद शुरू करनी चाहिए, ताकि हम किसानों को जो नुकसान हो रहा है उसमें थोड़ी कमी आए। हमारी फसल तो कितनी बारिश में भी बह गई है और हम मजबूर किसान देखने के अलावा कुछ नहीं कर सके।
- कृष्ण कुमार, दुराना
खरीद करने में क्या दिक्कत है
जब मंडियों में धान आना शुरू हो गया है तो समझ नहीं आ रहा है कि आखिर सरकार को फसल खरीद करने में क्या दिक्कत है। हम किसान पहले ही नुकसान झेल रहे हैं और यह नुकसान दिन पर दिन बढ़ता ही जा रहा है। सरकार जल्द खरीद शुुरू कराए।
- सुखबीर सिंह, रायवाली।
हमारी ओर से तिपराल आदि की व्यवस्था करवा दी गई थी। हर संभव प्रयास किए जा रहे है जिससे किसानों को परेशानी न हो।
- दिलेल सिंह, सचिव, मार्केट कमेटी, अंबाला सिटी।