अंबाला। कारगिल विजय दिवस पर बुधवार को अंबाला छावनी के नागरिक अस्पताल में भारत विकास परिषद गोविंद शाखा (अंबाला छावनी) और अमर उजाला फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में रक्तदानन शिविर आयोजित हुआ। इसमें रक्तदाताओं ने सबसे पहले कारगिल में शहीद हुए सैनिकों को नमन करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की। इसके बाद रक्तदान किया। शिविर का शुभारंभ भाविप गोविंद शाखा के अध्यक्ष प्रवेश कुमार सोबती ने किया।
इस मौके पर प्रवेश कुमार सोबती ने कहा कि रक्तदान महादान है, हमें जब भी मौका मिले तब हमें रक्तदान जरूर करना चाहिए। रक्तदान शिविर में रक्तदाओं ने बढ़चढ़ कर भाग लिया। सुबह 10 बजे से लेकर दो बजे तक आयोजित शिविर में कुल 30 यूनिट रक्त एकत्रित किया गया। इस दौरान भारत विकास परिषद गोविंद शाखा के पदाधिकारियों ने रक्तदाताओं को प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया। इस अवसर पर भावित गोविंद शाखा से सचिव सुशील जोशी, सह सचिव रमेश तिवारी, उपाध्यक्ष बलदेव राज बत्रा, उपाध्यक्ष जितेंद्र गंभीर, मीडिया प्रभारी अखिलेश बत्रा, संगठन सचिव सुमीर गुप्ता, सह संगठन सचिव महेंद्र सिंह, महिला प्रमुख सुमन मदान, सह सचिव कोमल सचदेवा, सह मीडिया प्रभारी मीनू लखनपाल, संदीप बक्शी, राजिंदर खेड़ा, गौतम चड्ढा व अन्य मौजूद रहे।
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हर स्वस्थ व्यक्ति को रक्तदान करना चाहिए
मतिदास नगर निवासी सुमीर गुप्ता ने बताया कि वह अब तक 25वीं बार रक्तदान कर चुके हैं, उनका प्रयास होता है कि वह प्रत्येक चार पांच माह के बाद रक्तदान अवश्य करें। हर स्वस्थ व्यक्ति को रक्तदान करते रहना चाहिए।
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रक्तदान की कीमत समझ आई
इंद्रपुरी निवासी तरूण ने बताया कि अब तक वह 25वीं बार रक्त्दान कर रहे हैं, काफी समय पहले भाई को किडनी में दिक्कत हो गई थी, जिसके चलते भाई को करीब 20 बार रक्त दिया। इसलिए रक्तदान का महत्व पता चला।
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पांचवीं बार किया रक्तदान
महेश नगर निवासी सौरभ ने बताया कि उसकी टेलर की दुकान है और वह पांचवीं बार रक्तदान कर रहा है। शुरूआत में सबसे पहले उसने जरूरतमंद को रक्तदान किया था। उसके बाद से वह रक्तदान करता आ रहा है।
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दोस्तों संग रक्तदान करना किया था शुरू
बब्याल निवासी विवेक कुमार ने बताया कि वह 22वीं बार रक्तदान कर रहा है। दस साल पहले दोस्त की सड़क हादसे में मौत हो गई थी। इसके बाद से सभी 11 दोस्तों ने रक्तदान की शुरूआत की और दोस्तों के साथ मिलकर पहली बार रक्तदान किया था। तब से अभी तक रक्तदान जारी है।
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38वीं बार कर रहे रक्तदान
छावनी के मतिदास नगर निवासी प्रवेश कुमार सोवती ने बताया कि वह भारत विकास परिषद के अध्यक्ष हैं और वह 38वीं बार रक्तदान कर रहे हैं। जब वह एसडी कालेज में पढ़ते थ तब प्रोफेसरों के कहने पर पहली बार रक्तदान किया था, तब से लेकर अब तक वह रक्तदान करते आ रहे हैं।
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दोस्त को रक्त देने से शुरू हुआ सफर
छावनी के प्रीत नगर निवासी जितेंद्र गंभीर ने बताया कि वह भारत विकास परिषद के वाइस प्रेसिडेंट है। वह 47वीं बार रक्तदान कर रहे हैं। 18 साल की उम्र में दोस्त को खून की जरूरत थी तब उन्होंने पहली बार रक्तदान किया। तब से वह रक्तदान करते आ रहे हैं और पांच बार वह अपनी मां को भी रक्तदान कर चुके हैं।
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चिकित्सक ने भी किया रक्तदान
रजत लोहान ने बताया कि वह भगवान महावीर फिजियोथैरेपी सेंटर में डाक्टर हैं। वह सातवीं बार रक्तदान कर रहे हैं। लोगों को रक्तदान से डरना नहीं चाहिए। यह आपको स्वस्थ रखने में मदद करता है।
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लगातार कर रहे रक्तदान
गोबिंद नगर निवासी दीपांशु ने बताया कि वह 10वीं बार रक्तदान कर रहा है, 2011 जब वह जीएमएन कालेज में पढ़ाई कर रहा था तब पहली बार रक्तदान किया था, तब से लेकर अब तक वह रक्तदान करता आ रहा है।
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पहली बार पड़ोसी को दिया था खून
चंद्रपुरी निवासी महेंद्र सिंह ने बताया कि वह सेना से रिटायर्ड हैं और 26वीं रक्तदान कर रहे हैं। सन् 1987 में पड़ोसी का एक्सीडेंट हो गया था और वह पीजीआई चंडीगढ़ में भर्ती था तो उसे खून की जरूरत थी, तब पहली बार खून दिया था, तब से वह रक्तदान करते आ रहे हैं।
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