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छावनी नागरिक अस्पताल में शुरू होगा डीएनबी कोर्स, दो घंटे टटौली टीम ने प्रबंधन की नब्ज

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नागरिक अस्पताल छावनी के रेडियोलॉजी डिपार्टमेंट के डॉक्टर अब अध्यापक की भूमिका में नजर आएंगे। स्वास्थ्य विभाग द्वारा संचालित इस अस्पताल में डिप्लोमेट ऑफ नेशनल बोर्ड (डीएनबी) कोर्स शुरू करने की कवायद शुरू कर दी है। हालांकि इसकी अभी अनुमति नहीं मिली है, लेकिन दस्तावेजों की प्रक्रिया पूरी होने के बाद शुक्रवार को डीएनबी की स्पेशल टीम में शामिल डॉ. विवेक गुप्ता, जोकि पीजीआई के पूर्व प्रोफेसर हैं और उन्हें डीएनबी ने पैनल पर ले रखा है, उन्होंने अस्पताल का निरीक्षण किया। करीब दो घंटे तक अस्पताल प्रबंधन की नब्ज टटोली। वह अस्पताल में व्यवस्थाएं देखकर खुश हुए। अब कोर्स के आगे की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। दरअसल, प्रदेश में डॉक्टरों की कमी दूर करने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने नागरिक अस्पताल में डीएनबी कोर्स शुरू करने की कवायद शुरू की है। यह कोर्स शुरू होता है तो दो सीटें रहेंगी। जिस प्रकार मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस की पढ़ाई के बाद पोस्ट ग्रेजुएशन करवाई जाती है, ठीक वैसे ही छावनी नागरिक अस्पताल में रेडियोलॉजिस्ट का पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा डीएनबी कोर्स में करवाया जाएगा। कोर्स पूरा करने के पश्चात छात्र रेडियोलॉजिस्ट बन जाएंगे। इस कोर्स में सीटी स्कैन, एक्स-रे, मैमोग्राफी, एमआरआई व अल्ट्रासाउंड की पढ़ाई करवाई जाएगी। टीम के अलावा सीएमओ डॉ. कुलदीप, पीएमओ डॉ. राकेश सहल, रेडियोलॉजिस्ट डॉ. ललित व डॉ. रविंद्र आदि मौजूद रहे।
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अस्पताल में तैयार किया गया स्टडी रूम
बाकायदा डीएनबी कोर्स को लेकर रेडियोलॉजी डिपोर्टमेंट में इस कोर्स के मापदंडों को पूरा करने की कवायद शुरू कर दी है। दो छात्रों को पढ़ाने के लिए स्टडी व सेमिनार रूम भी तैयार किया गया है। इस रूम को तैयार करने के लिए कंप्यूटर सेट के साथ-साथ अलमारी रखी गई है। कोर्स को करने वाले सरकारी सेवा में भी जा सकते हैं अथवा निजी प्रेक्टिस करने के अधिकारी भी बन सकेंगे। शर्त केवल यह है कि नीट की परीक्षा पास करने के बाद ही डीएनबी कोर्स में दाखिला मिल सकेगा।
रेडियोलॉजिस्ट पर होगी पढ़ाने की जिम्मेदारी
यह कोर्स करने वाले छात्र रेडियोलॉजिस्ट बनकर नागरिक अस्पताल से निकलेंगे। निश्चित ही इससे युवा डॉक्टरों को काम करने का मौका मिलेगा। देश के सरकारी अस्पतालों में रेडियोलॉजिस्ट की कमी भी दूर होगी। बता दें कि इस कोर्स को शुरू करने से पहले अस्पताल को कढ़ी परीक्षा से गुजरना पड़ेगा। इस कोर्स के लिए 100 बेड का अस्पताल जरूरी है। वहीं अस्पताल में आने वाले मरीजों व अलग-अलग वार्ड के बारे में पूरा ब्यौरा लिया जाता है। चाहे फिर इमरजेंसी या फिर ओपीडी में आने वाले मरीज हो या फिर प्रसूति वार्ड सहित बच्चों की ओपीडी। ताकि पढ़ाई करने वाले छात्रों को हर तरह के अल्ट्रासाउंड करने की जानकारी मिल सके।
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डीएनबी कोर्स की प्रक्रिया चल रही है। पहले चरण के बाद डॉ. विवेक गुप्ता दौरा करने आए थे। बाद में ही निर्धारित हो पाएगा कि यह कोर्स यहां शुरू होगा कि नहीं। शुरूआत में डीएनबी की दो सीटें निर्धारित रहने की उम्मीद है। डीएनबी कोर्स से जहां युवा डॉक्टर तैयार होंगे, वहीं नागरिक अस्पताल में कार्यरत डॉक्टरों को टीचिंग एक्सपीरियंस मिलेगा।
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डॉ. विनय गोयल, डिप्टी मेडिकल सुपरिंटेंडेंट, नागरिक अस्पताल छावनी
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