संवाद न्यूज एजेंसी
अंबाला। ट्रेन में यात्री सुविधा का आकलन करने के लिए अंबाला मंडल के रेल प्रबंधक ने एक आम यात्री की तरह चंडीगढ़ से सहारनपुर तक सफर किया। स्लीपर कोच में बैठकर यात्रियों से मंत्रणा की और रेलवे की ओर से प्रदान की जा रही सुविधाओं का आकलन किया। निरीक्षण के दौरान डीआरएम को कुछ जगह पर गंदगी नजर आई तो वहीं शौचालय में भी पानी व सफाई की कमी मिली। इसे देखकर वह काफी गुस्से में नजर आए और उन्होंने ट्रेन में तैनात स्टाफ की जमकर क्लास भी लगाई। अब इसकी विस्तृत रिपोर्ट तैयार करके मुख्यालय भेजी जाएगी ताकि यात्री सुविधाओं में सुधार किया जा सके।
ट्रेन नंबर 15012 में हुए सवार
डीआरएम अंबाला विनोद भाटिया एक आम यात्री की तरफ वीरवार शाम को लगभग पांच बजे चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन पहुंचे थे। इस दौरान कुछ अधिकारी भी सादी वर्दी में ही यात्री की तरफ उनके साथ मौजूद थे। सबने पहले आरक्षण केंद्र से स्लीपर श्रेणी की टिकट ली और फिर वह स्लीपर कोच नंबर एस-1 में सवार हो गए। ट्रेन के चलते ही उन्होंने कोच में सफर कर रहे यात्रियों से दोस्ताना व्यवहार करते हुए सुविधाओं की जानकारी हासिल करनी शुरू कर दी। उन्होंने एक आम यात्री के तहत अपना परिचय यात्रियों को दिया तो यात्रियों ने भी खुलकर ट्रेन में नजर आने वाली खामियों की जानकारी दी।
सहारनपुर स्टेशन का भी किया था औचक निरीक्षण
डीआरएम अंबाला ने इससे पहले अगस्त में सहारनपुर रेलवे स्टेशन सहित खान आलमपुर रेल यार्ड का निरीक्षण किया था। डीआरएम एक प्रोफेसर की भूमिका में स्टेशन पर पहुंचे थे, उसके अनुसार ही उन्होंने अपना हुलिया भी बनाया था। निरीक्षण करने के लिए वह प्राइवेट वाहन से सहारनपुर पहुंचे थे ताकि किसी को इसकी भनक न लगे। इस दौरान तीन कर्मचारियों को लापरवाही से कार्य करते हुए देखा गया था और उन्हें कार्यशैली में सुधार की चेतावनी दी गई थी, वहीं वीरवार को भी विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए गए थे कि वह सफर के दौरान किसी को भी उनकी पहचान नहीं बताएंगे।
स्वच्छता पखवाड़े के तहत ट्रेनों में औचक निरीक्षण किया गया ताकि यात्री सुविधाओं का आकलन किया जा सके। एक तरफ पूरे देश में रेल मंत्री से लेकर विभागीय अधिकारी साफ-सफाई में जुटे हुए हैं, बावजूद इसके अभी भी ट्रेनों में गंदगी है। इस व्यवस्था को सुधारने के लिए जल्द ही सख्त कदम उठाए जाएंगे।
- विनोद भाटिया, डीआरएम अंबाला।