अंबाला सिटी। जिला परिषद में चल रही राजनीतिक फेरबदल के कारण परिषद के वार्ड में होने वाले काम प्रभावित हो रहे हैं। जून में सदन की अंतिम बैठक हुई थी। इसके बाद अभी तक न तो कामों के लिए बैठक हो पाई है और न ही आए हुए करोड़ों रुपये के बजट का इस्तेमाल हो पा रहा है।
हाल ही में तीन करोड़ रुपये से अधिक के काम करने के लिए जिला परिषद को बजट जारी हुआ था। इसमें से अभी तक बजट खर्च नहीं किया गया है। पहले लोकसभा के चुनाव और बाद में विधानसभा चुनावाें के कारण कई काम रुक गए। इन कामों में जिले भर की आंगनबाड़ी केंद्रों की रिपेयरिंग का कार्य भी शामिल है। जिसके लिए निदेशालय से दो करोड़ रुपये का बजट जारी हुआ है।
12 नवंबर को हुआ था अविश्वास प्रस्ताव
बीती 12 12 नवंबर को जिला परिषद के पार्षदों ने प्रधान राजेश कुमार के खिलाफ वार्ड में काम न होने के कारण अविश्वास प्रस्ताव उपायुक्त को सौंपा था। अब इस प्रस्ताव पर प्रधान ने हाई कोर्ट से स्टे ले लिया है। जिसकी अगली तारीख 10 दिसंबर मिली है। ऐसे में जब तक कोर्ट का फैसला नहीं आता तब तक परिषद के कार्य यूं ही अटके रहेंगे।
वर्तमान अधिकारी ही करवाएंगे कार्य
जिला परिषद के उपप्रधान करनैल सिंह ने कहा कि फिलहाल के लिए कार्य रुक गए हैं। इन्हें करवाने के लिए अभी तक अधिकारियों ने चर्चा भी नहीं की है। प्रधान पद को लेकर मामला हाई कोर्ट में जारी है, उसके फैसले के बाद ही आगे की कार्रवाई होगी।
काम करवाने के लिए ही कोर्ट के फैसले का इंतजार किया जा रहा है। 10 दिसंबर को अगली सुनवाई होगी। सुनवाई के बाद ही इस बारे में विचार किया जाएगा।
गगनदीप सिंह, मुख्य कार्यकारी अधिकारी, जिला परिषद अंबाला।