जाट आंदोलन की आंच शुक्रवार को अंबाला में पहुंच गई थी, लेकिन शनिवार को इस आंदोलन ने अंबाला में भी अपना प्रभाव धीरे-धीरे मजबूत कर लिया है। आंदोलनकारी सड़कों पर जमे हुए हैं और इसका असर सड़क और रेल यातायात दोनों पर दिखाई दे रहा है। आंदोलन का आलम यह है कि अब अंबाला और चंडीगढ़ का संपर्क फिलहाल हर तरह से दिल्ली से टूट गया है। इतना ही नहीं पंजाब से आने वाला ट्रैफिक भी केवल अंबाला तक ही सीमित रह गया है। पंजाब से आने वाली बसें अंबाला तक तो आ रही हैं, लेकिन इससे आगे नहीं जा रही है। हरियाणा के पानीपत जिले के बाद से सारा दिल्ली की ओर जाने वाला सारा ट्रैफिक वापस अंबाला लौट रहा है। क्योंकि पानीपत और उसके आसपास की लिंक मार्गों पर जाट समुदाय के लोगों ने पूरी तरह से जाम लगा रखा है।
लिहाजा अपनी कारों और अन्य साधनों से दिल्ली की ओर जा रहे लोगों को पानीपत से वापस अंबाला लौटने पर मजबूर होना पड़ रहा है। क्योंकि पानीपत से दिल्ली की ओर जाने वाले अन्य लिंक मार्गों को भी जाट समुदाय के लोगों ने आरक्षण की मांग के चलते पूरी तरह जाम किया हुआ है। उधर, अंबाला के बस स्टैंड और रोडवेज की डिपो में फिलहाल बसों का ठहराव करवा दिया गया है। विभाग बसों को एहतिहातन सड़कों पर उतारने के मूड में नहीं है। जबकि दिल्ली रूट की ओर जाने वाली ट्रेनें भी रद हैं। ट्रेनों को शार्ट टर्मिनेट कर दिल्ली से आगे और अंबाला से वापस पंजाब, जम्मू की ओर वापस भेजा जा रहा है।
इस तरह से कटा दिल्ली का संपर्क
-अंबाला से नेशनल हाइवे नंबर एक को जाटों ने पानीपत में बंद कर दिया है और पानीपत से ही वाया रोहतक और वाया करनाल से होकर दिल्ली जाने वाला लिंक मार्ग भी बंद कर दिए गए हैं
-अंबाला से दिल्ली वाया यमुनानगर, सहारनपुर मार्ग भी यमुनानगर में जाट समुदाय के लोगों ने बंद कर रखा है
-उधर, अंबाला से दिल्ली वाया कालाअंब, पांवटा साहिब, देहरादून, सहारनपुर रूट भी अंबाला के नारायणगढ़ में जाम लगाकर बंद कर दिया गया।
-अंबाला से दिल्ली वाया कैथल, जींद, रोहतक मार्ग भी अंबाला सिटी व ठोल इलाके में जाम की वजह से बंद रहा। इससे आगे भी इसी रोड पर विभिन्न जिलों पर जाम लगे रहे
-उधर, पंजाब व चंडीगढ़ का संपर्क भी इसलिए दिल्ली से कट गया, क्योंकि इस ट्रैफिक को वाया अंबाला ही दिल्ली के लिए गुजरना है।
-इस तरह परेशान रही जिंदगी-
केस-एक
अंबाला के सौरभ कहते हैं उनके अपने भाई को उन्होंने एम्स में चेकअप के लिए लेकर जाना था। उन्होंने इसके लिए स्पेशल टैक्सी की और अपने मरीज भाई व पिता के साथ दिल्ली के लिए रवाना हुआ। लेकिन पानीपत में जाकर वे लोग फंस गए और घंटों वहां खड़े रहने के बाद देरशाम अंतत: उन्हे अंबाला वापस लौटना पड़ा।
केस- दो
पंजाब के लुधियाना जिले से बाराती की टोली दिल्ली बारात में हिस्सा लेने जा रही थी। लेकिन ये टोली अंबाला में ही आकर फंस गई। हरदीप कौर ने बताया कि दिल्ली में उसके भाई की शादी है, इसलिए वे अपने पूरे परिवार के साथ लुधियाना से चली। लेकिन अंबाला आकर उन्हें मालूम चला कि पंजाब की बसें अंबाला से आगे नहीं जाएंगीं।
केस-तीन
गुड़गांव में थी जरूरी मीटिंग, नहीं कर पाएंगें अटैंड
वरदान वालिया ने बताया कि उनकी गुड़गांव में बहुत जरूरी मीटिंग में भाग लेने जाना था, लेकिन पानीपत से आगे वे नहीं जा पाए। वे वापस अंबाला लौटे और उन्होंने चंडीगढ़ से वाया फ्लाइट दिल्ली जाने की योजना बनाई। लेकिन चंडीगढ़ से दिल्ली तक वायुसेवा किराया ही पच्चीस से तीस हजार रुपये प्रति यात्री बताया गया, जिसके बाद उनके होश उड़ गए और उन्हे मीटिंग रद करनी पड़ी।
केस-चार
भाई की है आज मंगनी, नहीं पहुंचेगी बहन
श्रुति अपने पति व बच्चों के साथ कार में दिल्ली के लिए निकली थी, उनके भाई की रविवार को मंगनी है। बहन श्रुति इस बात को लेकर बहुत ज्यादा उत्साहित थी। लेकिन परिवार अपनी कार से पानीपत तक पहुंचा, तो वहां जाम देखकर उनके होश फाख्ता हो गए।
सड़कों पर लगाया जाम, दौड़ते रहे डीसी, एसडीएम
अंबाला में आंदोलनकारियों ने दो इलाकों में जाम लगाए और हंगामा किया। जिसके चलते डीसी अंबाला समेत जिले के तीनों एसडीएम गाड़ियों में इधर-उधर घूमते हुए स्थिति को संभालते हुए देखे गए। जाटों ने हिसार हाइवे को बलाना के पास और देहरादून हाइवे को नारायणगढ़ इलाके में पूरी तरह से जाम कर दिया। हालांकि अफसरों ने जाटों को शांति बनाए रखने की अपील की। जाट समुदाय के लोगों ने भी अफसरों को अपना मांग पत्र सौंपा और उन्हे आश्वस्त किया कि वे अंबाला में उग्र घटना को अंजाम नहीं देंगे, लेकिन सड़कों पर तब तक डटे रहेंगे, जब तक सरकार उनकी मांग पूरी नहीं करती।
पहला जाम: अंबाला-हिसार हाइवे बंद
आरक्षण की मांग को लेकर अंबाला के गांव बलाना में शनिवार को एक बार फिर जाटों ने अंबाला-हिसार राष्ट्रीय राजमार्ग को बाधित कर दिया। जाट समुदाय के लोग बैनर लेकर सड़क पर बैठ गए। एसडीएम कैप्टन शक्ति सिंह तुरंत भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। चार घंटों तक जाट सड़क पर डटे रहे और सरकार विरोधी नारे लगाते रहे। एसीपी हितेश यादव भी मौके पर पहुंच गए। एसीपी और एसडीएम दोनों मौके पर जाटों को समझाने का प्रयास करते रहे, कशमकश बनी रही और जाट भी अपनी मांगों पर अडिग रहे। लेकिन अफसरों के आग्रह पर जाटों ने आश्वास्त किया कि उनका आंदोलन शांतिपूर्ण रहेगा। लेकिन प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी है कि आरक्षण की मांग कर रहे जाटों पर यदि बल प्रयोग हुआ तो यहां भी स्थिति बिगड़ सकती है।
जाट महासभा का प्रधान सतीश चौधरी, हरजिंद्र रिंकू पूनिया, बलकार सिंह, शेरपाल, संदीप विवेक चौधरी, अवतार सिंह धुराला, दलविंद्र सिंह, बलविंद्र सिंह जलबेड़ा, गुरचरण सिंह जलबेड़ा, महेंद्र सिंह, सुरजन सिंह, प्रीतपाल सिंह अंटाल, परमजीत भड़ी शम्मी सौंडा, सोनू बलाना, संदीप सांगवान, नवनीत चौधरी, सोनू बलाना, जय सिंह जलबेड़ा, दुनीचंद दानीपुर, गुलजार सिंह, हैप्पी बलाना के नेतृत्व में काफी जाट समुदाय के लोग सुबह गांव बलाना के पास पहुंचे और हिसार हाइवे को जाम कर दिया। शाम तक स्थिति तनावपूर्ण बनी रही।
दूसरा जाम: देहरादून हाइवे बंद
जाट आरक्षण की आंच नारायणगढ़ में भी पहुंची, जहां पर जाट समुदाय ने आरक्षण की मांग लेकर राजमार्ग- एक चंडीगढ़ व देहरादून रोड जाम कर सरकार व राजकुमार सैनी के खिलाफ नारेबाजी की। सूचना पाकर एसीपी नारायणगढ़ रमेशकुमार व तहसीलदार सहित भारी पुलिस दल बल के साथ मौके पर पहुंचे जहां पर समुदाय को समझाने की कोशिश की पर आरक्षण को लेकर जाम में डटे रहे।
इधर बसों के रूट बदलने पड़े जो लिंक रोड से बसों को निकाला गया। लोगों को इस जाम से परेशानी का सामना करना पड़ा। वहीं जाट समुदाय के लोगों ने कहा कि जब तक आरक्षण नहीं मिलता आंदोलन जारी रखेगें।
अंबाला में सीएम का कार्यक्रम रद
जाट आंदोलन के चलते सीएम का कार्यक्रम रद कर दिया गया है। रविवार को मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर को अंबाला के बराड़ा हलके में एक रैली को संबोधित करने आना था। एआईपीआरओ हरदीप सिंह का कहना है कि फिलहाल जाट आंदोलन के हालातों को देखते हुए अंबाला में सीएम का कार्यक्रम को स्थगित कर दिया गया है। अंबाला के बराड़ा में सीएम ने कई विकास कार्यों का उद्घाटन करना था।
अंबाला में मंत्रियों, विधायकों की सुरक्षा बढ़ाई
जाट आंदोलन के चलते अंबाला में पुलिस ने नेताओं व मंत्रियों के आवास का सिक्योरिटी एस्सेसमेंट कर उनकी कोठी की सुरक्षा बढ़ा दी है। अंबाला में मंत्री अनिल विज, राज्यमंत्री नायब सैनी, विधायक असीम गोयल, विधायक संतोष सारवान की कोठियों पर गारद बढ़ा दी गई और उन्हें पूरी तरह से सुरक्षा के घेरे में ले लिया गया है
सैनी की अंबाला मेें कोठी सील
जाट आरक्षण पर अपने विवादित बयानों से जाटों को भड़काने का काम करने वाले कुरुक्षेत्र के सांसद राजकुमार सैनी की नारायणगढ़ के सेक्टर चार में रिहायशी मकान को सील कर दिया गया है। राजकुमार सैनी दरअसल, मूल रूप से नारायणगढ़ के ही रहने वाले हैं और भाजपा से कुरुक्षेत्र के सांसद है। लेकिन पिछले कई महीनों से वे जाट विरोधी बयानबाजी कर जाटों को भड़काने का काम कर रहे थे। इसी बात को लेकर भी जाट काफी खफा है। लिहाजा, पुलिस ने नारायणगढ़ हुड्डा सेक्टर चार में कुरूक्षेत्र के सांसद राजकुमार सैनी की रिहायशी मकान पर पुलिस सुरक्षा तैनात कर दी गई है।
पांच जिलों पर नजर रखेगी अंबाला आर्मी
जाट आंदोलन के चलते अंबाला की लोकल मिलिट्री अथारिटी पांच जिलों अंबाला, करनाल, कुरुक्षेत्र, कैथल व यमुनानगर पर अपनी नजर रखेंगी। इसके लिए अंबाला के डीसी अशोक सांगवान की लोकल मिलिट्री अथारिटी के अफसरों से बातचीत हो गई है। डीसी ने अंबाला सेना को जाट आरक्षण के दौरान चल रहे आंदोलन की भी पूरी जानकारी दे दी है। जिसके बाद अंबाला प्रशासन और अंबाला सेना के समन्वय को बढ़ा दिया गया है। उधर, स्थानीय सेना के प्रवक्ता के अनुसार आर्मी का अंबाला प्रशासन से पूरा तालमेल बना हुआ है, स्थिति बिगड़ने पर जैसे ही हेडक्वार्टर से आदेश आएगा, उसी तरह काम किया जाएगा।
अफवाहों को लगे पंख, उड़ी अफसरों की नींद
सोशल मीडियो और मोबाइल फोनों के जरिए जो अफवाहें अंबाला तक पहुंच रही है, उन अफवाहों ने अंबाला के अफसरों की नींद उड़ी हुई है। इन अफवाहों के जरिए अंबाला के जाटों को अपने-अपने क्षेत्रों में आंदोलन उग्र करने का आह्वान किया जा रहा है। डीसी अंबाला ने खुद इसकी पुष्टि की है।
ट्रेनों के थमे रहे पहिए, स्टेशन पर बेहाल जिंदगी
जाट आरक्षण आंदोलन को लेकर रेलवे यातायात पूरी तरह से प्रभावित रहा। आलम यह रहा कि दिल्ली जाने वाली तमाम ट्रेनें रद रही। सहारनपुर रूट से कुछ ट्रेनों को निकाला गया, लेकिन यह रूट भी अधिकतर ट्रेनों के लिए बंद रखा गया। पंजाब व जम्मू की ओर से आने वाली ट्रेनों का पूरा ट्रैफिक अंबाला तक ही सीमित रह गया। उधर, अन्य राज्यों से अंबाला की ओर आने वाली ट्रेनें भी दिल्ली में शार्ट टर्मिनेट कर दी गई। अंबाला से भी दिल्ली की ओर जाने वाली कई ट्रेनों को रद कर दिया गया। जबकि बहुत सी ट्रेनों को अंबाला व अन्य स्टेशनों पर ही शार्ट टर्मिनेट कर वापस पंजाब व जम्मू की ओर भेजा जा रहा है। शताब्दी तक रद करनी पड़ी। ट्रेनें रद होने के बाद अंबाला स्टेशन पर लोग परेशान रहे, जबकि टिकट कैंसिल कर रिफंड लेने को लेकर भी मारामारी बनी रही।
प्रशासन ने स्थापित किए कंट्रोल रूम
जाट आंदेालन के चलते फिलहाल अंबाला में प्रशासन ने कंट्रोल रूम स्थापित किया है। अंबाला पुलिस का कंट्रोल रूम 100 नंबर तो जारी है। जबकि डीसी अंबाला ने कैंप कार्यालय को अपना कंट्रोल रूम बनाया है। लोग 0171-2552200, 2552201 पर जानकारी ले सकते हैं।
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अंबाला में लोगों से अपील है कि वे प्रदर्शन उग्र न करें, शांतिपूर्ण अपनी बात रखें और सड़कों जाम न लगाए। दूसरा, अफवाहों से जरूर बचे, पुलिस और प्रशासन के कंट्रोल रूम में इमरजेंसी स्थिति पर जानकारी दें और सही जानकारी वहीं से ले। सरकार मांगों पर विचार कर रही है। अंबाला वैसे ही शांतिपूर्ण जिलों के लिए माना जाता है, इसलिए सभी जाट समुदाय के लोगों से आह्वान है कि वे अंबाला की शांतिप्रिय प्रथा को कायम रखें। समन्वय के लिए अंबाला आर्मी से बातचीत कर ली गई है।
-अशोक सांगवान, डीसी, अंबाला
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पुलिस पूरी तरह से हाई अर्लट पर है। अंबाला में मंत्रियों, विधायकों की कोठियों का सिक्योरिटी एस्सेसमेंट कर लिया गया है, उनकी सिक्योरिटी बढ़ा दी गई है। डीसी अंबाला ने अंबाला सेना से बातचीत कर ली है। सभी थाना प्रभारियों को भी अलर्ट कर दिया गया है। धारा-144 जिले में पहले से ही लगा दी गई है, लोगों से आह्वान है कि वे शांति बनाए रखें।
-जशनदीप सिंह रंधावा, डीसीपी