अंबाला सिटी। जिला लोक संपर्क और कष्ट निवारण समिति की बैठक सोमवार को शहर के पंचायत भवन में हुई। इसमें शहरी स्थानीय निकाय मंत्री सुभाष सुधा ने अध्यक्षता की। परिवहन राज्यमंत्री असीम गोयल भी माैजूद रहे।
बैठक में सुनवाई के दौरान नगर निगम की कार्यप्रणाली सबसे अधिक लचर मिली। इसमें डेयरी काॅम्पलेक्स क्षेत्र में सफाई नहीं कराने के चक्कर में नगर निगम के अधिकारियों के पसीने छूट गए। सीएसआई निलंबित होने से बचे। हैरानी तो तब हुई जब अधिकारियों ने सफाई के लिए मशीनें लगाने का दावा किया और शिकायतकर्ताओं ने साफ मना कर दिया। हकीकत कहने के साथ सुबूत के तौर पर फोटो भी दिखा दिए।
मंत्री सुभाष सुधा ने सीएसआई को 10 दिन का समय दिया, जिससे कि वह सफाई करा दें। इस दाैरान 14 शिकायतों को सुनकर आठ का निपटान किया और बाकी शिकायतें संबंधित को मार्क कर दी। इन्हें समाधान के लिए अगली बैठक के लिए रखा।
जहां किया था निरीक्षण, वहीं मिली गंदगी
अंबाला शहर के खतौली के अंदर डेयरी यूनियन ने दो जुलाई को शिकायत देते हुए बताया कि उनके यहां 20 साल से गंदगी का आलम है। जलभराव रहता है। गंदे पानी की निकासी का स्थायी समाधान नहीं है। इसके बाद कष्ट निवारण समिति की पिछली बैठक में निकाय मंत्री खुद इस क्षेत्र में स्थिति देखने गए और अधिकारियों को सफाई के निर्देश दिए। एक माह बाद जब सोमवार को दोबारा से बैठक में यह मामला उठा तो शिकायतकर्ता ने बताया कि स्थिति जस की तस है। किसी अधिकारी ने कोई कार्रवाई नहीं की। इस पर मंत्री सुधा ने नगर निगम के चीफ सेनेटरी इंस्पेक्टर से जवाब तलब किया।
सीएसआई भी पसीने से तरबतर हो गए और बोले हमने सफाई कराई है। एक जेसीबी और कर्मचारी मौके पर भेजे हैं, शिकायतकर्ता से भी संपर्क किया था। इसके बाद शिकायतकर्ता बोले कि कोई सफाई नहीं हुई। एक दिन भी उनके पास जेसीबी और कर्मचारी नहीं आए। इसके फोटो वह लोकेशन के साथ लाए हैं। इस पर सीएसआई कोई जवाब नहीं दे सके और मंत्री ने शिकायतकर्ता ने कहा कि आप लिखकर दें वह आज भी निलंबित कर रहे हैं। इसके बाद शिकायतकर्ता ने मंत्री से कहा कि वह अधिकारी को 10 दिन का समय दें। इस पर मंत्री ने 10 दिन का समय देते हुए डीएमसी की जिम्मेदारी लगाई वह नजर रखें।
अफसर बदल रहे अपने ही निर्देश
खाद्य आपूर्ति विभाग में पूर्व में कार्यरत दविंद्र सिंह ने बताया कि उसने विभाग में चौकीदारी का कार्य किया था। विभाग ने चार महीने का वेतन नहीं दिया। इस पर विभागीय अधिकारियों ने बताया कि जिन चार महीनों का इन्हें वेतन नहीं मिला है उनमें इन्होंने काम नहीं किया। इस पर शिकायतकर्ता ने बताया कि उनके पास विभागीय अधिकारी का ही पत्र है, जिस पर वह सहमति जता रहे हैं कि उसने काम किया है। इस पर अधिकारी ने कहा कि पहले जरूर उन्होंने पत्र लिखा था मगर बाद में दूसरा पत्र लिखकर मना कर दिया था। ऐसे में मंत्री ने सवाल खड़े किए कि एक अधिकारी दो दो बार पत्र लिख रहा है, इसकी जांच की गई । ऐसे में मंत्री ने अधिकारी को चौकीदार का वेतन दिलाने की बात कही।
बीमारी से हुई थी मृत्यु पत्नी को नहीं मिला देय
छावनी के निर्मल कॉम्पलेक्स के पास की निवासी डॉ. कुसुम मोर्य ने शिकायत करते हुए बताया कि उनकी शादी हरकेश कुमार से हुई थी। इनकी बीमारी से मृत्यु हो गई। इसके बाद उनके सुसुरालियों ने उन्हें घर से निकाल दिया, यहां तक कि उन्हें पिता की नौकरी भी नहीं मिली। इस पर जिला मौलिक शिक्षाधिकारी डॉ.सुधीर कालड़ा ने बताया कि मामला कोर्ट में विचाराधीन है। इस पर मंत्री सुभाष सुधा ने पूछा कि क्या कोर्ट से स्टे है। इस पर नहीं का जवाब मिला। ऐसे में मंत्री ने महिला काे उसका अधिकार देने के निर्देश दिए।
इन शिकायतों को सुनकर दिए निर्देश
गांव निहारसा निवासी सुखदेव सिंह की सरकार की ओर से दिए प्लाॅट पर कब्जे की शिकायत का समाधान किया और इस शिकायत को एजेंडे से फाइल किया। गांव धुरकड़ा निवासी कृपाल सिंह की गांव की फिरनी पर कुछ लोगों के कब्जा होने की शिकायत पर यह मामला कोर्ट में होने पर एजेंडे से फाइल किया। तीसरी शिकायत के तहत गांव रतनहेड़ी निवासी निर्मला देवी ने कहा कि उसने एक प्लाॅट खरीदा था जिस पर आनंदपुर जलबेड़ा के एक व्यक्ति ने कुछ लोगों के साथ उसके प्लाॅट पर कब्जा कर लिया और किसी और को बेच दिया था। इस मामले में राज्यमंत्री ने तहसीलदार को प्लाॅट से संबंधित रिकाॅर्ड पेश करने के निर्देश दिए और इस शिकायत को अगली बैठक के लिए लंबित रखा।
चौथी शिकायत में अंबाला शहर दशमेश काॅलोनी के निवासियों ने शिकायत में बताया कि उनकी काॅलोनी के पास एक नाला है जो जडौत रोड की बाईं तरफ गीता नगरी और एक नाला बाईं तरफ काकरू की तरफ जाता है। बाईं तरफ का नाला बंद होने के चलते यहां पानी निकासी की समस्या रहती है। इस मामले में संबंधित अधिकारी ने बताया कि अस्थायी तौर पर पुराने नाले की सफाई का जो काम हो सकता था उसे करा दिया है। नाले के स्थायी समाधान के लिए नाै करोड रुपये का टेंडर लगाकर मुख्यालय भेजा है। इसमें मंत्री सुभाष सुधा ने जेई को निर्देश दिए कि वे दोबारा से नाले की सफाई व्यवस्था का कार्य दुरुस्त कराएं, जिससे कि बारिश के दिनों में पानी निकासी की समस्या का सामना न करना पड़े। गांव तलहेड़ी रांगडान निवासी गुरदीप सिंह ने गांव के पूर्व सरपंच की ओर से चौपाल निर्माण के कार्य में पैसे गबन करने की थी, जिस पर बीडीपीओ ने जांच कर बताया कि इस मामले में संबंधित के खिलाफ एफआईआर दर्ज करा दी थी और रिकवरी के लिए केस डीसी ऑफिस में भेज दिया है।
ठेकेदार पर जुर्माने के निर्देश
इसी प्रकार सेक्टर-9 में जलभराव की समस्या के मामले में उन्होंने ठेकेदार की ओर से काम देरी से शुरू करने के मामले में उस पर जुर्माना लगाने के निर्देश दिए और नगर निगम के अधिकारियों को निर्देश दिए कि एक सप्ताह के अंदर-अंदर ड्रेनेज सिस्टम के तहत यहां पर सफाई कराना सुनिश्चित करें। संबंधित अधिकारी ने यह भी बताया कि इस कार्य के स्थायी समाधान के लिए नाै करोड रुपये से परियोजना तैयार की गई और इस कार्य की स्वीकृति के लिए केस मुख्यालय भेजा गया है। उन्होंने इस शिकायत को आगामी बैठक के लिए लंबित रखा।