अंबाला। हरियाणा-पंजाब के शंभू बॉर्डर पर दिल्ली कूच से रोकने के लिए अंबाला पुलिस ने लोहे के कांटे बिछा दिए है। आंदोलन से दो दिन पहले ही रविवार को घग्गर पुल के एक लेयर के सुरक्षा कवच को बढ़ाकर चार लेयर में तब्दील कर दिया है।
पहले जहां सीमेंट के बढ़े-बढ़े पिलरों को सरिये से आपस में जोड़कर स्थायी कर दिया है। ठीक उसके पीछे तीन और नाके लगाकर उसमें कंटीले तार लगा दिए हैं। जबकि आखिर में लोहे के कांटे भी स्थायी रूप से लगा दिए हैं। यहीं सुरक्षा कवच ही शंभू बॉर्डर पर हरियाणा की ढाल बनेगा। इतना ही नहीं नदी पर जगह-जगह पंजाब की तरफ मुंह करके सीसीटीवी कैमरे लगा दिए हैं। शंभू बॉर्डर पर ही एक सर्वर रूम बना दिया है, जिससे कि 24 घंटे कैमरों के जरिए भी बॉर्डर पर नजर बनी रहे।
मॉक ड्रिल भी की गई बॉडर पर
इसके अलावा जैमर लगाने की भी चर्चा चल रही है। इसके अलावा बीएसएफ के जवानों को भी अन्य टुकड़ी के साथ बॉर्डर पर तैनात कर दिया है। उधर, पुलिस की ओर से भी शंभू बॉर्डर पर मॉक ड्रिल की गई। इस दौरान आंसू गैस के गोले चलते दिखाई दिए। मौके पर खुद अंबाला पुलिस अधीक्षक जश्नदीप सिंह रंधावा ने पहुंचकर अधिकारियों से स्थिति का जायजा लिया और दिशानिर्देश दिए।
सीमाएं सील, नाकों पर फोर्स तैनात
जैसे-जैसे आंदोलन की तिथि नजदीक आ रही है, वैसे-वैसे अंबाला पुलिस की सख्ती बढ़ती दिख रही है। पंजाब को जाने वाले शंभू बॉर्डर को दोबारा बंद करने के बाद रविवार को भी पंजाब से जुड़ी सभी सीमाओं को भी सील कर दिया। कई ऐसे रास्ते थे जो खेतों के बीच से होकर गुजरते थे उन पर भी पुलिस फोर्स तैनात है। नाकाबंदी कर नजर रखी जा रही है। उधर, शंभू बॉर्डर के पास करीब एक किलोमीटर के मुख्य मार्ग पर कई जगह पर नाकेबंदी की गई है। वाहनों को आने जाने से रोका जा रहा है।
पुलिस गांव-गांव में करा रही मुनादी
आंदोलन में किसानों की भागीदारी को रोकने के लिए भी पुलिस की तरफ से मुनादी कराई जा रही है। गांवों में जाकर पीसीआर पर माइक के जरिये चेताया जा रहा है कि कोई भी किसान आंदोलन में शामिल होता है या फिर उसकी भागीदारी सामने आती है तो उस पर कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। इसके लिए किसानों ने रविवार को सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल की थी। एक गांव में रात के समय पुलिस की गाड़ियां मुनादी करा रही हैं।
दमकल की गाड़ियों ने भी किया प्रशिक्षण
पुलिस के अलावा रविवार को शंभू बॉर्डर पर जिलाभर से दमकल विभाग की करीब आधा दर्जन गाड़ियां पहुंची और अपना प्रशिक्षण किया। तमाम तैयारियां की गई कि आखिर आंदोलन के समय किसी भी स्थिति से कैसे निपटा जा सके।
घग्गर में नजर रखने के लिए एसडीआरएफ तैनात
शंभू बॉर्डर के अलावा पुलिस की नजर घग्गर नदी पर भी रहेगी। इसके लिए एसडीआरएफ की टीम भी तैनात कर दी है। रविवार को टीम ने मौके पर पहुंचकर अपनी किश्ती को तैयार किया और जरूरत पढ़ने पर वह नदी में उतरकर काम करेगी। हालांकि अभी नदी में पानी बेहद कम है लेकिन जरूरत पड़ती है तो वो नदी भी उतरकर भी काम करेगी।
फोटो नंबर - 11, 13, 14
शंभू बॉर्डर बंद तो घग्गर को बनाया रास्ता
नेट नहीं चलने से यात्रियों को रास्ता तलाशने में आ रही परेशानी
शंभू टोल पर खड़े ट्रक, बोले-जब खुलेगा रास्ता, तभी होंगे रवाना
संवाद न्यूज एजेंसी
अंबाला। शंभू बॉर्डर पर अंबाला की तरफ से तो लोगों की पैदल आवाजाही भी बंद रही लेकिन पंजाब की ओर से मुख्य मार्ग बंद होने पर लोगों ने घग्गर नदी को ही रास्ता बना लिया। रविवार भी दर्जनों लोग तो कुछ के परिवार नदी के बीच पानी में से गुजरते दिखाई दिए।
इतना ही नहीं अंबाला की तरफ आने के बाद भी उन्हें आगे जाने के लिए कोई वाहन नहीं मिला। जिसके बाद कई किलोमीटर तक वह पैदल ही चलकर अपनी मंजिल तक पहुंचे। इस बीच छोटे बच्चों को गोद में उठाकर गुजरने वाले परिवार की नदी से गुजरते समय सांसें अटकी हुई थी। हालांकि नदी में पानी कम था लेकिन गिरने का खतरा बना हुआ था।
तीखी धूप, प्रोटेक्टर सूट में जवानों के छूटे पसीने
आंदोलन से पहले सैकड़ों की संख्या में पुलिस की टुकड़ियां बॉर्डर पर तैनात रहीं, लेकिन रविवार को निकली तीखी धूप ने फुल बॉडी प्रोटेक्टर सूट में पसीने छुड़ा दिए। अधिकतर जवान इन सूट को समय-समय पर उतारकर हवा ले रहे थे। बता दें कि पुलिस मुलाजिमों की सुरक्षा को देखते हुए उन्हें फुल बॉडी प्रोटेक्टर सूट दिए हैं। जो शरीर के सभी हिस्से को कवर करते हैं। पूरा-पूरा दिन सूट पाए रखने के लिए गर्मी में बेहद परेशानी होती है।
नेट सेवा बंद, रास्ते के लिए उलझते दिखे यात्री
आंदोलन के मद्देनजर बंद की गई नेट सेवा का सबसे ज्यादा नुकसान सफर करने वालों को हुआ। पहले तो वो ऑनलाइन मैप के जरिए रूटों का पता लगाते हुए निकल रहे थे। नेट बंद होने के कारण वो भी नहीं देख सके और मजबूरन लोगों को पूछते-पछाते हुए आगे बढ़े। इतना ही नहीं अधिकतर लोग ऑनलाइन पेमेंट यानी यूपीआई के जरिए पेमेंट करते हैं। वह न चलने के कारण लोगों को एटीएम की तरफ दौड़ लगानी पड़ी।
ट्रांसपोर्टर भी झेलते रहे परेशानी
शंभू बॉर्डर के जरिए पंजाब में जाने वाले कई ट्रांसपोर्टरों के ट्रक फंस गए है। शंभू बॉर्डर से पहले ही यह ट्रक खड़े है। हालांकि उनके पास डायवर्ट रूट से जाने का विकल्प है, लेकिन खर्च अधिक होने के कारण वह जाने से कतरा रहे हैं। उनका कहना है कि टोल खुलने के बाद ही पंजाब जाएंगे। खड़े ट्रकों में जहां एक रेलवे के इंजन का ढांचा ट्रक के ऊपर लदा हुआ था तो वहीं श्री नगर में चलने वाली कई नई बसों के ट्रक भी वहीं खड़े थे।
शंभू बॉर्डर पर किसानों को रोकने के लिए बनाए गए चार लेयर के मजबूत सुरक्षा कवच में सीमेंट से स्था
शंभू बॉर्डर पर किसानों को रोकने के लिए बनाए गए चार लेयर के मजबूत सुरक्षा कवच में सीमेंट से स्था
शंभू बॉर्डर पर किसानों को रोकने के लिए बनाए गए चार लेयर के मजबूत सुरक्षा कवच में सीमेंट से स्था
शंभू बॉर्डर पर किसानों को रोकने के लिए बनाए गए चार लेयर के मजबूत सुरक्षा कवच में सीमेंट से स्था
शंभू बॉर्डर पर किसानों को रोकने के लिए बनाए गए चार लेयर के मजबूत सुरक्षा कवच में सीमेंट से स्था
शंभू बॉर्डर पर किसानों को रोकने के लिए बनाए गए चार लेयर के मजबूत सुरक्षा कवच में सीमेंट से स्था