खिलाड़ियों की डाइट में एक दिन का खर्च 500 रुपये आता है, लेकिन खेल विभाग की ओर से केवल 125 रुपये भी वितरित किए जाते है। भला ऐसे में खिलाड़ी बिना अपनी डाइट पूरी किए कैसे बेहतरीन खेल का प्रदर्शन कर सकते है। बुधवार को वार हीरोज स्टेडियम में खेल विभाग की ओर से आयोजित स्कूल स्टेट लेवल गेम्स में नेशनल लेवल के स्वीमिंग खिलाड़ियों ने बताया कि कैसे यह राशि नाकाफी है।
खिलाड़ियों का कहना है कि एक स्पोर्ट्स मैन को जिस तरह का खाना चाहिए, वह 125 रुपये में नहीं आता। ऐसे में खिलाड़ियों को वह सब खाना पड़ता है, जो एक खिलाड़ी के लिए खराब हो सकता है। गुड़गांव निवासी पूर्व इंडियन टीम स्वीमिंग कोच आर्यन यादव के अनुसार प्रशासन को स्टेट लेवल की गेम्स में डाइट की राशि में वृद्धि करनी चाहिए। ऐसे में खिलाड़ी अपनी डाइट को स्वयं अपने पैसों से पूरा कर रहे है। नेशनल गेम्स स्वीमिंग अंडर 19 वर्ग के खिलाड़ी गुड़गांव निवासी कुणाल ठाकरान, सोनीपत निवासी मोहित डागर, गुड़गांव निवासी शिव राणा, गुड़गांव निवासी यशिका रावत का कहना है कि डाइट के लिए जो राशि दी जाती है, वह कम है, जबकि इससे कहीं अधिक डाइट एक तैराक को चाहिए।