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एसीएस ने डीजीपी से पूछा...अब तक क्यों नहीं हुआ केस दर्ज

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संवाद न्यूज एजेंसी
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अंबाला सिटी। डीजीपी और आईजी के मध्य शुरू हुआ विवाद लंबा खिंचता जा रहा है। अब इस मामले में हरियाणा गृह विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव (एसीएस) ने डीजीपी मनोज यादव, वर्तमान आईजी अंबाला और एसपी अंबाला को पत्र लिखकर अब तक की गई कार्रवाई की रिपोर्ट मांगी है। साथ ही यह भी पूछा है कि अभी तक आईजी की शिकायत पर केस दर्ज क्यों नहीं हुआ?
एसीएस की ओर से भेजे गए पत्र में आईजी वाई पूर्ण कुमार द्वारा दी गई जानकारी, जिसमें उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में पृथ्वीराज चौहान बनाम यूनियन ऑफ इंडिया, ललिता कुमारी बनाम उत्तर प्रदेश और डॉ. सुभाष काशीनाथ केसों के फैसलों का भी हवाला दिया गया है, उसे भी संलग्न किया गया है। ऐसे मामलों में एक्ट की धारा 18-ए के तहत जांच नहीं, सीधे केस दर्ज करने का प्रावधान है। लेकिन इस मामले में ऐसा नहीं हुआ। शिकायतकर्ता आईजी वाई पूर्ण कुमार ने आरोप लगाए हैं कि इसी धारा के खिलाफ जाकर अंबाला पुलिस ने जांच कर शिकायत को खारिज कर दिया, इसीलिए उन्होंने हाईकोर्ट में याचिका दायर की है। एसीएस ने इस बारे में अभी तक की गई कार्रवाई की तमाम जानकारी मांगी है। हाईकोर्ट में इस मामले की सुनवाई 2 जुलाई को होनी है।
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आईपीएस अधिकारी यूं हुए आमने-सामने
शहजादपुर थाना परिसर में मंदिर के कार्यक्रम को लेकर दोनों आईपीएस अधिकारी आमने-सामने हुए। डीजीपी ने पत्र लिखकर वाई पूर्ण कुमार से पूछा था कि मंदिर निर्माण के लिए सरकार से आज्ञा ली गई थी या नहीं। इस पर आईजी का जवाब था कि मेरी उस समय अंबाला में पोस्टिंग नहीं थी। कार्यक्रम में तत्कालीन एसपी अभिषेक जोरवाल भी मौजूद थे, उनसे इस बारे में क्यों नहीं पूछा जा रहा।
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पहली बार देखने में आया है कि जो आरोपी है, उसे शिकायत की हर कार्रवाई में शामिल किया जा रहा है। पूरा पत्राचार भी उसी से किया जा रहा है। जबकि याचिकाकर्ता को किसी भी कार्रवाई से अवगत नहीं कराया गया है। ऐसे में मजबूर होकर आरटीआई के माध्यम से तमाम जानकारियां मांगी गई हैैं। - उदय सिंह चौहान, शिकायतकर्ता के अधिवक्ता।
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