संवाद न्यूज एजेंसी
अंबाला। नवरात्र के पावन पर्व के शुभ अवसर पर विश्व मंगल एवं विश्व कल्याण के कामनार्थ अष्टमी का पर्व धूमधाम व श्रद्धाभाव से मनाया गया। इस अवसर पर भक्तों ने कन्या पूजन करके आशीर्वाद प्राप्त किया। अष्टमी के मौके पर भक्तों ने अंबाला छावनी के प्राचीन व विख्यात कालीबाड़ी मंदिर में माथा टेकर और परिवार में सुख, शांति, स्वास्थ्य और समृद्धि की कामना की। इस मौके पर भक्तों ने जरूरतमंद लोगों के बीच मिष्ठान, प्रसाद व अन्य वस्तुओं का वितरण किया, वहीं बुधवार को श्रद्धालु नवमी का पर्व मनाएंगे और मंदिरों में पूजा-अर्चना करेंगे।
भक्तों ने तड़के ही नहा-धोकर नए वस्त्र पहने और देवी मंदिरों में दुर्गा पूजा की, इसके बाद कन्याओं को हलवा-पूड़ी व खीर का प्रसाद वितरित किया। श्रद्धालुओं ने महाअष्टमी के दौरान मां महागौरी की पूजा की। श्री सनातन धर्म मंदिर के पुजारी प्रवेश उनियाल ने बताया कि नवरात्र में दुर्गा अष्टमी (महाअष्टमी) का विशेष महत्व है। यह देवी दुर्गा की पूजा का आठवां दिन होता है, इसे दुर्गा पूजा उत्सव के सबसे शुभ दिनों में से एक माना जाता है। इस दिन देवी मां महागौरी की विशेष पूजा की जाती है और माना जाता है कि उनकी पूजा से घर में अन्न-धन की कमी नहीं होती है। इस मौके पर मंदिरों को भव्य रूप से सजाया जाता है। श्रद्धालु देवी मां की पूजा-अर्चना करते हैं और उन्हें भोग लगाते हैं। कन्या पूजन एक पारंपरिक और महत्वपूर्ण हिस्सा है, इसमें 2 से 10 साल की बालिकाओं की पूजा की जाती है और उन्हें भोजन कराया जाता है। घर-घर में हवन और पूजा-पाठ का आयोजन किया जाता है। इस दिन को देवी की कृपा पाने और जीवन में सुख-समृद्धि प्राप्त करने का शुभ अवसर माना जाता है।
अंबाला छावनी के कालीबाड़ी मंदिर में लगी भक्तों की भीड़। संवाद
अंबाला छावनी के कालीबाड़ी मंदिर में लगी भक्तों की भीड़। संवाद
अंबाला छावनी के कालीबाड़ी मंदिर में लगी भक्तों की भीड़। संवाद