अंबाला। सावन के पहले सोमवार की तरह दूसरे सोमवार को भी सुबह से बरसात होती रही। इस दौरान मंदिरों में भोले के भक्तों की आस्था कम नहीं हुई। प्राचीन हाथीखाना कैलाश शिव मंदिर में श्रद्धालुओं ने बाबा का बेल पत्र, शहद, फल, फूल और दूध से जलाभिषेक कर आशीर्वाद लिया। इस दौरान वह कतार में लगकर अपनी बारी का इंतजार करते रहे।
प्राचीन हाथीखाना कैलाश शिव मंदिर के महंत श्रीश्री 108 मनमोहन दास महाराज ने बताया कि सोमवार की सुबह चार बजे मंदिर के कपाट खोल दिए गए। इस दौरान श्रद्धालुओं का मंदिर में आना शुरू हो गया। इसके बाद भोले बाबा की आरती की गई। आरती के बाद श्रद्धालुओं ने बाबा का आशीर्वाद लिया। उन्होंने बताया कि पिछले सोमवार की तरह इस सोमवार को भी सुबह से ही बरसात शुरू हो गई और लगातार होती है। बरसात में भी श्रद्धालुओं की आस्था कम नहीं हुई और भक्त बरसात में भीगते हुए भोले बाबा के दर्शन के लिए लाइन में खडे़ रहे और अपनी बारी को इंतजार करते रहे। भक्तों ने सबसे पहले नंदी महाराज का दूध और जल से अभिषेक किया। इसके बाद उन्होंने नंदी महाराज की आरती। इसके बाद भक्तों ने शिवलिंग पर जलाभिषेक कर बाबा से मन्नत मांगी। इसके साथ ही भक्तों ने खीर, केले, रस मलाई और मालपुडे़ का प्रसाद ग्रहण किया।