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Ambala News: निलंबन के बावजूद एमओ देख रहे काम, विभाग अनभिज्ञ

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अंबाला। ईएसआई डिस्पेंसरी में डीडीओ शक्तियों का दुरुपयोग करने पर मेडिकल ऑफिसर कम प्रभारी डॉ. सुनंदन को निलंबित कर दिया है। उन्हें चार्जशीट थमाते हुए तत्काल निदेशालय से संबद्ध कर दिया है और शक्तियां भी छीन ली हैं। इसी मामले में क्लर्क सुनील पर भी निलंबन की गाज गिरी है।
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हैरानी की बात तो यह है कि इतने सख्त निर्देश होने के बावजूद एमओ कार्यालय में कामकाज देख रहे हैं। जबकि 13 मई को इस बारे में निर्देश जारी कर दिए थे। इसके साथ ही वीरवार तक विभाग की सीएमओ को इस मामले की जानकारी तक नहीं थी। इससे समझा जा सकता है कि किस प्रकार से अधिकारी भी अनभिज्ञ बने रहे।
बताया जाता है कि वर्ष 2022-23 में एमओ पर शक्तियों के दुरुपयोग के चलते करोड़ों रुपये के मरीजों के बिलाें का भुगतान करने के आरोप लगे थे। तभी से इस मामले की विभागीय स्तर पर जांच चल रही थी। तीन साल तक मामला ठंडा रहा अब जाकर उच्चाधिकारियों ने कार्रवाई की संस्तुति की है। वहीं इस मामले को लेकर शुक्रवार को भी सीएमओ से फोन पर संपर्क किया गया, मगर उन्होंने उत्तर नहीं दिया।
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गड़बड़ी मिलने की उम्मद में जांच रहेगी जारी
ईएसआई डिस्पेंसरी में मरीजों के बिल के भुगतान और अस्पतालों में मनमर्जी से मरीजों को रेफर करने का खेल लंबे समय से चल रहा है। इस मामले में क्लर्क को अभी सिर्फ निलंबित किया है, चार्जशीट देने का इंतजार किया जा रहा है। वहीं मामले की जांच कमेटी द्वारा लगातार जारी है। जैसे-जेसे जांच आगे बढ़ेगी परतें खुलती जाएंगी। हैरानी की बात है कि कैंट की डिस्पेंसरी में कैमरे भी लगवाए गए थे मगर वह भी लंबे समय से बंद हैं।

तीन साल पहले हुआ था क्लर्क का वीडियो वायरल

दरअसल, तीन साल पहले यमुनानगर से अंबाला सिटी की डिस्पेंसरी में डॉ. बलवंत की तैनाती की गई थी। उस समय एक वीडियो वायरल हुआ था। इसमें क्लर्क सुनील और डॉ. बलवंत दिख रहे थे। डॉ. बलवंत क्लर्क सुनील को कैंट डिस्पेंसरी में पोस्टिंग होने के बावजूद अंबाला सिटी का रिकॉर्ड अपने घर ले जाने पर आपत्ति जता रहे थे। इसकी शिकायत सिटी थाने की तीन नंबर चौकी में की थी। जब कोई कार्रवाई नहीं हुई तो उन्होंने मुख्यालय में क्लर्क की शिकायत कर दी। बताते हैं कि तभी से उच्चाधिकारियों को शक हुआ और मामले की विस्तृत तरीके से जांच शुरू करा दी गई। मगर यह जांच भी लंबे समय तक चलती रही। अब जाकर कार्रवाई की गई है।



वर्जन

इस मामले में मेडिकल आफिसर और क्लर्क का निलंबन किया गया है। मामले में सिर्फ एमओ को अभी प्रथम दृष्टया कमी मिलने पर चार्जशीट भी थमाई है। वह कार्यालय किस प्रकार से आ रहे हैं इसकाे दिखवा लेते हैं। उन्हें तत्काल प्रभाव से मुख्यालय अटैच किया गया है। फिलहाल मामले की जांच जारी रहेगी।
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-अनिल मलिक, निदेशक, ईएसआई हरियाणा
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