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अंबाला: नए कानून के खिलाफ एकजुट हुए डिपो धारक, जमकर नारेबाजी के बाद सौंपा ज्ञापन

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एमएमयू में दीप प्रज्जवलित कर कार्यक्रम का शुभांरभ करते मुख्यतिर्थि। - फोटो : Ambala
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फोटो नंबर 23 और 24
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60 साल आयु से अधिक का रिन्यू नहीं होगा लाइसेंस
गृहमंत्री और शहर के विधायक को भी सौंपा ज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
अंबाला सिटी। सरकार के खिलाफ डिपोधारक एकजुट हुए। डीसी ऑफिस पर पहुंचकर डिपोधारकों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। उन्होंने सरकार की ओर से लागू नए कानून का विरोध किया।
इस कानून के तहत 60 साल से अधिक आयु के डिपोधारकों का लाइसेंस रिन्यू नहीं किया जाएगा। इसके लिए डिपोधारकों में रोष है। उन्होंने सरकार की ओर से लागू किए इस कानून को काला कानून बताते हुए इस कानून को रद्द करने की मांग की है। डिपोधारकों का कहना है कि कोरोना काल में भी सभी डिपोधारकों ने अपनी जान की परवाह किए बिना राशन वितरित किया।
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यहां तक कि पिछले कई सालों से सरकार की योजनाओं का लाभ जनता तक पहुंचाने का कार्य वह करते आ रहे हैं। बावजूद इसके डिपो धारकों के साथ इस तरह का व्यवहार किया जा रहा है। जो कि पूरी तरह से गलत है। इसी को लेकर डिपो धारकों ने ऑल फेयर प्राइस शॉप डीलर फेडरेशन हरियाणा के बैनर तले सीटीएम के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। साथ ही इस कानून को रद्द करने की मांग की।
इस दौरान ज्ञापन देते हुए डिपो धारकों ने सरकार से मांग की है कि जिस तरह से सरकार डिपो धारकों को 60 की उम्र पर रिटायर कर रही है, तो उसके बाद जीवनयापन करने के लिए उन्हें मासिक 20 हजार रुपये पेंशन भी दी जाए। इस दौरान उन्होंने बताया कि जब डिपो धारको को राशन डिपो का लाइसेंस दिया गया था। उस दौरान इस संबंध में कोई जानकारी डिपो धारक को नहीं दी गई थी। अब सरकार ने अचानक से यह कानून लागू करते हुए डिपोधारकों को संकट में डाल दिया है।
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डिपो धारकों का कहना है कि अगर सरकार जल्द ही इस कानून को रद्द नहीं करती है तो डिपो धारक कड़ा कदम उठाने के लिए मजबूर हो जाएंगे। इस मामले को लेकर पीड़ितों ने गृहमंत्री अनिल विज और शहर विधायक असीम गोयल को भी ज्ञापन दिया।
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