सेना भर्ती के लिए दूरदराज के क्षेत्रों से अंबाला पहुंची युवतियां शुक्रवार की रात प्रेगनेंसी टेस्ट के लिए जिला अस्पताल पहुंची। यहां पर युवतियों ने इमरजेंसी विभाग में पहुंचकर प्रेगनेंसी टेस्ट करवाने की बात कही, लेकिन विभाग के कर्मियों ने ऐसा करने से इंकार कर दिया। साथ ही टेस्ट कराने के लिए सुबह आने को कहा। बाद में स्वास्थ्य एवं गृहमंत्री की ओर से निर्देश के बाद युवतियों के प्रेगनेंसी टेस्ट शुरू किये गये।
सेना पुलिस में महिला भर्ती के लिए युवतियों को प्रेगनेंसी टेस्ट करवाना होता है। इसके लिए विभिन्न राज्यों से आईं युवतियां शुक्रवार रात करीब 10 बजे जिला नागरिक अस्पताल पहुंची थीं। युवतियों ने आग्रह करते हुए कहा कि हमें सुबह साढ़े छह बजे खड्गा स्टेडियम में रिपोर्टिंग करनी है, लेकिन कर्मचारियों ने एक नहीं सुनी और इमरजेंसी में प्रेगनेंसी टेस्ट से इंकार कर दिया। युवतियां निराश होकर वहीं बैठ गईं। कई युवती के परिजन भी उसके साथ आए हुए थे। करीब आधे घंटे बाद एक युवती के परिजनों ने गृहमंत्री अनिल विज के आवास पर फोन कर पूरे मामले की जानकारी दी। वहां से सिविल सर्जन कार्यालय में निर्देश दिए गए तब जाकर इन युवतियों के टेस्ट की हामी भरी गई।
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50 युवतियों ने टेस्ट के लिए कटवाई पर्ची
बता दें कि छावनी में भर्ती के लिए आईं यह युवतियां अलग-अलग स्थानों पर रुकी हुई हैं। इन्हीं में से करीब 50 छात्राएं रात को 11 बजे छावनी नागरिक अस्पताल में लाइन में लगी थीं। प्रत्येक युवती ने 100 रुपये और 30 रुपये कुल 130 रुपये की दो अलग-अलग रसीद इस टेस्ट के लिए कटवा ली थी। समाचार लिखे जाने रात 11 बजकर 10 मिनट तक करीब 20 युवतियों के टेस्ट हो पाए थे। अभी कुछ और युवतियां भी पर्ची कटवा रही थीं। इस तरह करीब 30 युवतियां कतार में लगी थीं और देर रात तक उनके टेस्ट जारी थे।