वेतन न मिलने और उनकी मांगों को अनदेखा करने पर डोर टू डोर सफाई कर्मचारियों ने वीरवार को प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। इन कर्मचारियों ने पहले तो म्यूनिसिपल कॉरपोरेशन अंबाला (एमसीए) कार्यालय के समक्ष अर्धनग्न अवस्था में प्रदर्शन किया और बाजारों से रोष मार्च निकाला। उसके बाद गुस्साए कर्मचारी पैदल रोष मार्च निकालते हुए अंबाला सिटी उपायुक्त कार्यालय के समक्ष पहुंचे और वहां बवाल काटा।
इस दौरान कर्मचारियों का कहना था कि होली का त्योहार सिर पर है और घरों में दो माह से आर्थिक संकट बना हुआ है। भला ऐसे में त्योहार मनाएं या फिर घरों में रोटी का जुगाड़ करें। इसके बाद कर्मचारियों ने लगभग दो घंटे तक प्रशासन और ठेकेदार के खिलाफ नारेबाजी की और रोष प्रकट किया।
इसके बाद कर्मचारियों के संगठन ने संयुक्त रूप से उपायुक्त को ठेकेदार के खिलाफ लिखित शिकायत सौंपकर अपनी मांगों का दुखड़ा रोया। इस बीच कर्मचारियों ने उपायुक्त से ठेकेदार के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई करते हुए कर्मचारियों को वेतन दिलवाने की गुहार लगाई। वहीं उपायुक्त ने कहा कि उनकी वेतन की समस्या को लेकर संबंधित अधिकारियों से पूछताछ की जाएगी और दस दिन के अंदर उन्हें वेतन दे दिया जाएगा। जिसके बाद वह शांत हुए और लौट गए।
ये कर्मचारी एमसीए कार्यालय अंबाला कैंट से रोष मार्च निकालते हुए निकलसन रोड, सदर बाजार, रेलवे रोड से होते हुए पैदल ही डीसी कार्यालय पहुंचे थे। वहीं राकेश कुमार, पवन कुमार, दीपक, राजू, जीवनराम, रोकी, रमेश आदि ने बताया कि ठेकेदार की ओर से वेतन ना मिलने के कारण उनके साथ पूरे परिवार पर गहरा संकट छाया हुआ है। बच्चों की स्कूल की फीस के लिए पैसे नहीं हैं और रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करने के लिए उधार लेना पड़ रहा है। इस कारण मजबूरन कर्मचारियों को सड़कों पर उतरना पड़ा है। उन्होंने कहा कि वह अपनी मांग को लेकर मंत्री से लेकर संबंधित अधिकारियों के चक्कर काट चुके हैं, लेकिन कोई भी उनकी समस्या को लेकर सुनवाई नहीं कर रहा है।
डोर-टू-डोर सफाई कर्मचारियों ने अपनी समस्या के बारे में बताया है। उनकी वह समस्या जल्द ही अमल में लाई जा रही है। इस संदर्भ में संबधित विभाग के अधिकारियों व सफाई ठेकेदार से बातचीत की जाएगी और करीब दस दिन के अंदर कर्मचारियों की समस्या का उचित समाधान कर दिया जाएगा।
-प्रभजोत सिंह, डीसी अंबाला