शहर में उपायुक्त कार्यालय पर कच्चे कर्मचारियों को पक्का करने की मांग को लेकर प्रदर्शन करते हुए
अंबाला सिटी। सरकारी विभागों, बोर्ड व निगम के अस्थाई व स्थाई कर्मचारियों ने अपनी मांगों के समर्थन में प्रदर्शन किया। कर्मचारी महावीर पार्क से पैदल मार्च करते हुए उपायुक्त कार्यालय पर पहुंचे। यह प्रदर्शन सेंटर ऑफ इंडियन ट्रेड यूनियन सीटू व सर्व कर्मचारी संघ एसकेएस के आह्वान पर किया गया। इनमें शहरी व ग्रामीण सफाई कर्मचारी, ग्रामीण चौकीदार, कौशल रोजगार निगम के पब्लिक हेल्थ, बिजली व रोडवेज इत्यादि कई विभागों में कार्यरत अनुबंधित कर्मचारी शामिल रहे।
सीटू जिला कमेटी नेता बाबू राम व एसकेएस जिला प्रधान इंद्र सिंह बधाना के नेतृत्व में सभी कर्मचारी प्रदर्शन करते हुए उपायुक्त कार्यालय पहुंचे, जहां मुख्यमंत्री के नाम सिटी मजिस्ट्रेट को ज्ञापन दिया। ज्ञापन के माध्यम से प्रदेश सरकार से पंजाब व हरियाणा हाइकोर्ट के 31 दिसंबर 2025 के आदेश मुताबिक सभी कच्चे कर्मचारियों को पॉलिसी बनाकर पक्का करने की मांग की गई। सीटू व एसकेएस नेताओं ने सरकार को दो टूक चेतावनी देते हुए कहा कि यदि कर्मचारियों, मजदूरों व परियोजना वर्कर्स की मांगो को जल्द पूरा नहीं किया तो 12 फरवरी को देशभर में मजदूर व कर्मचारी काम बंद कर सड़कों पर उतरेंगे।
एसकेएस जिला सचिव विकास वर्मा, नगरपालिका कर्मचारी संघ इकाई प्रधान शंकर पम्मा, ग्रामीण सफाई कर्मचारी संघ जिला प्रधान निर्मल सिंह व पीडब्लूडी मैकेनिकल वर्कर्स यूनियन के राज्य कार्यालय सचिव रविंद्र शर्मा, एमपीएचई से प्रीति, कांटा ने कहा कि कोर्ट ने आदेश दिए है कि दस साल की सेवा पूरी करने वाले सभी कच्चे कर्मचारियों की सेवाएं नियमित की जाए, इसलिए सरकार तुरंत नियमितीकरण पॉलिसी बनाकर आदेशों की पालना करे। हरियाणा रोडवेज वर्कर्स यूनियन के राज्य मुख्य संगठन सचिव रमेश श्योकंद व ऑल हरियाणा पावर कारपोरेशन वर्कर्स यूनियन के विनोद कुमार व पशुपालन चतुर्थ श्रेणी के राज्य प्रधान रवि चौहान ने कहा कि न्यायालय ने सेवाएं नियमित करने के साथ ही कर्मचारियों को आठ सप्ताह में 6 प्रतिशत ब्याज समेत एरियर भुगतान का भी आदेश दिया है, इसलिए सरकार तुरंत कार्यवाही करें।