अंबाला कैंट। डेंगू बुखार का असर अभी लालकुर्ती और बलदेवनगर इलाके में थमा भी नहीं है कि कैंट के मच्छौंडा इलाके में भी इस बीमारी ने पांव पसार लिए हैं। पंद्रह दिनों से गांव में बुखार की वजह से लोग बेदम हो रहे हैं और कई-कई दिनों तक उन्हें अस्पताल में भर्ती रहना पड़ रहा है। कई मरीजों का तो डेंगू भी पॉजीटिव आ चुका है, लेकिन शुक्रवार को इसी इलाके में एक संदिग्ध डेंगू से व्यक्ति की मौत भी हो गई है।
इस घटना के बाद से जहां मच्छौंडा इलाके की विभिन्न रिहायशी मोहल्लों में रहने वाले बाशिंदे दहशतजदा हैं, वहीं अधिकतर घरों में मरीजों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। लोगों का कहना है कि पिछले पंद्रह दिनों से यहां हालात खराब हो रहे हैं, लेकिन अभी तक स्वास्थ्य महकमे की टीम ने अभी तक इलाके में आकर न तो हेल्थ शिविर लगाया और न ही उनकी सुध ली।
संदिग्ध बुखार से हुई मौत
इलाके में इसी बुखार के चलते एक व्यक्ति की मौत हो गई है। मरने वाला व्यक्ति साहब सिंह मच्छाैंडा के बेगमपुरा मोहल्ले का रहने वाला है और अंबाला शहर स्थित कोर्ट में वकील के पास मुंशी का काम करता है। परिजनों ने बताया कि वे कई दिनों से बुखार से ग्रस्त चल रहा था। इसके चलते उसे सिविल अस्पताल सिटी में भी भर्ती करवाया गया। लेकिन वहां उसकी गंभीर हालत को देखते हुए पीजीआई रेफर कर दिया गया था। लेकिन परिजन उसे प्राइवेट अस्पताल में ले गया, जहां गंभीर हालत में उसकी मौत हो गई। गांव में उसके शव को लाया गया और उसका संस्कार किया गया। इस दौरान पूरे गांव में मातम का माहौल है। परिजनों ने बताया कि मृतक की पत्नी व बेटा भी पिछले दिनों काफी बुखार की चपेट में था। वे ठीक हुए तो साहब सिंह को बुखार ने जकड़ लिया। जिससे उसकी मौत हो गई।
इलाके में बुखार ग्रस्त लोगों की भरमार
इलाकावासी सुरजीत सिंह, सतवंत सिंह, बलजिंद्र सिंह, महेंद्र, सतीश कनौजिया, बहादुर सिंह ने बताया कि यहां विभिन्न मोहल्लों में बुखार ग्रस्त लोगों की भरमार है। बेगमपुरा, रामदासिया, बनियो का मोहल्ला व वाल्मीकि मोहल्ले में तो लगभग हर दूसरे घर में मरीजों की भरमार है। एक ही घर में कई परिजन बुखार से ग्रस्त है। बच्चे, जवान व बुजुर्ग सभी संदिग्ध बुखार की चपेट में है। लोगों का कहना है कि सरकारी अस्पताल में बेड नहीं मिल रहे हैं, इसलिए उन्हें मजबूरन प्राइवेट अस्पतालों में इलाज करवाना पड़ रहा है। मरीजों में हरीचंद, गुरजंट, सुखचैन, अंग्रेज कौर, रमेशो देवी, अजय कुमार, अरमान सिंह, बलिंद्र, जसबीर, भक्ति देवी, सूरजभान, नवदीप, मल्ली, परविंद्र, रीना, गुरविंद्र, विशाल, राजन, अमृतपाल सिंह, तेजविंद्र सिंह अन्य शामिल हैं।
जलभराव से पनप रहे मच्छर
इलाकावासियों ने बताया कि यहां क्षेत्र में जलभराव की बड़ी समस्या है। एक जोहड़ हैं, जो पूरी तरह ओवरफ्लो हो चुका है, इसका पानी आसपास खेतों तक में फैल चुका है। इसी पानी में मच्छरों की जबरदस्त फौज पनप रही है। जबकि लोगों के घरों के भीतर तक मच्छरों की भरमार है। इन मच्छरों को लेकर लोगों में खासी दहशत हैं। उधर, लोगों के अनुसार ये मच्छर ही बीमारी का कारण बन रहे हैं, जबकि यहां नालियां भी खासी गंदगी से अटी पड़ी। इस वजह से माहौल भी ज्यादा सेहत के विपरीत बना रहता है। यहां इलाके में कोई सफाई कर्मी भी नियमित नहीं आता। गंदगी काफी दिनों तक पड़ी सड़ती रहती है। इससे लोग परेशान रहते हैं। लोगों के अनुसार एक बार स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज और सीएमओ इलाके का दौरा करें तो स्थिति साफ हो जाएगी। जबकि यहां इलाके में जांच शिविर भी लगाया जाए, ताकि बुखारग्रस्त लोगों को भटकना न पड़े।
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संदिग्ध बुखार से हुई मौत के मामले में मरीज की केस हिस्ट्री चेक की जाएगी कि आखिरकार उसकी मौत किन कारणों से हुई। मच्छौंडा बुखार के क्या हालात है, इस बारे में भी इलाके का दौरा करवाकर रिपोर्ट मंगवाई जाएगी। जिन भी लोगों का बुखार कई दिनों से नहीं टूट रहा है, वे तुरंत सिविल अस्पताल में रिपोर्ट करें। विभाग उन्हें पुख्ता इलाज उपलब्ध करवाएगा।
-डॉ. विनोद गुप्ता, चीफ मेडिकल अफसर, अंबाला