संवाद न्यूज एजेंसी
अंबाला सिटी। शहर में ग्रामीण सफाई कर्मचारी यूनियन हरियाणा की हड़ताल छठे दिन भी जारी रही। गत रात्रि यूनियन के राज्य प्रधान बसाऊराम की अध्यक्षता में हुई आभासी (वर्चुअल) बैठक में आंदोलन को और तेज करते हुए हड़ताल को 25 मई तक बढ़ाने का बड़ा निर्णय लिया गया।
यूनियन के प्रधान बसाऊ राम और महासचिव विनोद कुमार ने बताया कि इस भयंकर गर्मी में प्रदेश सरकार ने 10 हजार ग्रामीण सफाई कर्मचारियों को धरने पर बैठने के लिए मजबूर कर दिया है, जिससे कई कर्मचारी बीमार और बेहोश हो रहे हैं। सरकार के इस अड़ियल रुख के खिलाफ कर्मचारी 21 और 22 मई को प्रत्येक ब्लॉक और जिलों में सरकार की शव यात्रा निकालकर पुतले दहन करेंगे। इसके बाद, 24-25 मई को समाज कल्याण मंत्री कृष्ण बेदी के नरवाना स्थित विधानसभा कार्यालय पर महापड़ाव डाला जाएगा।
यूनियन नेताओं ने सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगाते हुए कहा कि जनवरी से लेकर अब तक मुख्यमंत्री और पंचायत मंत्री को कई बार मांग पत्र भेजा जा चुका है, लेकिन सरकार वार्ता के लिए तैयार नहीं है। हरियाणा सरकार ने न तो 31 दिसंबर का उच्च न्यायालय का आदेश लागू किया, न कच्चे कर्मचारियों को पक्का किया और न ही घोषित 26,000 न्यूनतम वेतन दिया।
1000 की आबादी पर एक कर्मी की भर्ती वाली फाइल भी ठंडे बस्ते में है। इसके अलावा मृत्यु या 60 साल की सेवानिवृत्ति पर कर्मचारियों को कोई आर्थिक सहायता या मुआवजा नहीं मिलता। इस बैठक में सीटू कोषाध्यक्ष सुखबीर सिंह, देवीराम, जोगिंदर सिंह, संदीप कुमार, नानक, पूनम, राकेश कुमार, सुनील कुमार और सोहनलाल सहित कई मुख्य नेता उपस्थित रहे।