भूंड माजरी गांव के नजदीक हजारों की संख्या में मरी हुई मुर्गी मिलने से हड़कंप मच गया। इन मुर्गियों को किसी ने सड़क किनारे फेंक दिया था। शहजादपुर से पतरेहड़ी पुराना राष्ट्रीय राजमार्ग भूंड माजरी गांव के नजदीक प्लास्टिक के कट्टों में भरकर इन मुर्गियों को फेंका गया। जैसे ही प्रशासनिक अधिकारियों के पास इसकी सूचना पहुंची तो आनन-फानन में जेसीबी से इन्हें जमीन में दबवा दिया गया। हालांकि अभी तक यह नहीं पता चल सका कि आखिर इन मरी हुई मुर्गियों को कौन फेंक कर गया था।
बुधवार को सुबह लोगों ने भूंड माजरी गांव के मोड़ से थोड़ा आगे सुनसान जगह में मरी हुई मुर्गियों से भरे प्लास्टिक के कट्टे देखे। लोगों ने इस मामले की सूचना बीडीपीओ शहजादपुर विशाल पराशर और थाना प्रभारी शहजादपुर को दी। मरी हुई मुर्गियां लाल, काले रंग की बताई जा रही हैं। अंदाजा लगाया जा रहा है कि इन्हें बाहर से लाकर यहां फेंका गया है। बीडीपीओ ने अपने स्तर पर आसपास के पोल्ट्री फार्म मालिकों से भी पूछताछ की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिल सका है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में अभी तक बर्ड फ्लू के कोई लक्षण नहीं थे, लेकिन यहां मरी हुई मुर्गियां फेंककर बीमारी फैलाने का प्रयास किया गया है।
कट्टों में मरी हुई मुर्गियां पड़ी हुई थीं। उसके साथ ही हमारी जमीन भी लगती है। पतरेहड़ी के ही अजमत ने मशीन से गड्ढा खुदवाकर उन्हें दबवा दिया है, ताकि कोई बीमारी न फैले।
- अरुण, पतरेहड़ी।
हमें सूचना मिली थी, जिसके बाद उक्त मरी हुई मुर्गियों को दबवाने के लिए बोला गया था। क्षेत्र में कोई बीमारी न फैले। इस मामले में जो भी कानूनी कार्रवाई बनती है। वह अमल में लाई जाएगी।
- विशाल परासर, बीडीपीओ शहजादपुर।
शिकायत के आधार पर कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। उच्चाधिकारियों के संज्ञान में मामला दे दिया गया है। मरी हुई मुर्गियां कौन फेंककर गया है।
- धूमसिंह, थाना प्रभारी।