पिछले करीबन एक माह से अंबाला कैंट और कुरुक्षेत्र बार्डर पर बसे गांव मोहड़ा में जबरदस्त तनाव की स्थिति चल रही है, वजह है इस गांव के कुछ दबंगइयों ने सड़क के साथ-साथ अपने खेतों के पास से गुजरता हुआ नाला बंद कर दिया है। जिस वजह से गांव की रविदास माजरी गांव के गंदे पानी से जलमग्न हो गई है। इस माजरी में सैकड़ों मकान मौजूद है, लेकिन गांव की मुख्य सड़क और गलियां पूरे गांव के ही गंदे पानी से लबालब है। प्रतीत होता है, मानो इस इलाके में बारिश की वजह से जलभराव हुआ हो, लेकिन ये पानी बारिश का नहीं, बल्कि गांव में लोगों के घरों का गंदा पानी है।
हालांकि इस बात को लेकर पिछले एक महीने से गांव में जबरदस्त तनाव की स्थिति बनी हुई है, लेकिन पिछले दो दिनों में ये तनाव बहुत ज्यादा बढ़ गया है। जिसे लेकर प्रशासन और पुलिस दोनों सर्तक है। देररात तक गांव में पुलिस का पहरा लगा रहा।
हंगामे के बाद इस तरह टूटी प्रशासन की नींद
दरअसल, ये विवाद न तो इतना बढ़ता और न ही गांव में तनावपूर्ण स्थिति होती। आज गांव में दो समुदाय विशेष इसी मसले को लेकर आमने-सामने खड़े हैं। बता दें कि वर्ष 2013 में गांव के इसी हिस्से में एक नया नाला बनाए जाने का एस्टीमेट तैयार कर उसे अप्रूवल दी गई थी। पंचायत विभाग के माध्यम से इस नाले का निर्माण करवाया जाना था। इसके लिए बाकायदा 35 लाख रुपये का बजट भी पास हो चुका था। मगर करीबन दो साल गुजरने को है। नाले का प्रस्ताव और बजट दोनों ही ठंडे बस्ते में पड़े हैं। ग्रामीण आए दिन पंचायत विभाग के चक्कर काटकर नए नाले का निर्माण करवाने की मांग कर रहे थे, ताकि उसके जरिए गांव का गंदा पानी गांव से बाहर निकल जाए। लेकिन कहीं कोई सुनवाई नहीं हुई।
लेकिन अब जब मोहड़ा में पिछले दो दिनों से ग्रामीणों ने सड़क पर उतरकर वबाल काटा और दिल्ली-हिसार वाया मेहंदी का दुराना लिंक रोड को जाम किया तो प्रशासन की नींद टूटी। जिसके बाद डीसी के आदेश पर पंचायत और पीडब्ल्यूडी बीएंडआर के अफसर मौके पर पहुंचे और उन्होंने बुधवार को 11 बजे दो जेसीबी मशीनों की मदद से फटाफट लिंक रोड के साथ-साथ दुकानों के आगे से गहरा व चौड़ा कच्चा नाला खोदना शुरू कर दिया। शाम 5 बजे तक करीबन 300 मीटर तक न केवल कच्चा नाला तैयार कर दिया गया, बल्कि जिस प्वाइंट पर दबंगों ने पानी ब्लाक कर रखा था, उस प्वाइंट को खुलवाकर रुके हुए गंदे पानी का रुख नए बनाए गए नाले में करवा दिया। जिसके बाद धीरे-धीरे गांव की रविदास माजरी की गलियों, सड़कों व घरों में खड़ा गंदा पानी उतरने लगा।
नेताओं के दर से मायूसी लेकर लौटे ग्रामीण
ग्रामीण मान सिंह, रामकरण, गुलाबराम, जरनैल सिंह, बलराम, रामचरण, रुलदाराम, कांता रानी, कांता देवी, कांता, किरणा देवी, बिल्लू, अजमेर, मायाराम, दर्शनलाल पंच, सतीश पंच, प्रकाश, बाला देवी, रघुबरदास, मामचंद, सचिन, करमजीत सिंह, रवि इत्यादि लोगों ने बताया कि मोहड़ा गांव बहुत बड़ा गांव हैं, गांव की आबादी करीबन दस हजार है। जबकि छह हजार के करीब तो यहां वोट है। ग्रामीणों ने बताया कि यहां पिछले एक माह से गंदे पानी को लेकर विवाद और तनाव की स्थिति बनी है। लेकिन अब जब हालात बहुत ज्यादा खराब हुए तो उन्हे सड़कों पर उतरना पड़ा। उनके अनुसार घरों के भीतर तक पानी मार कर रहा है।
ग्रामीण अपना दुखड़ा लेकर पहले तो एक प्रभावशाली सत्तासीन नेता जी के पास पहुंचे, वहां उनसे मिलने के लिए करीबन चार घंटे इंतजार करना पड़ा। लेकिन जब नेताजी से मुलाकात हुई, तो उन्होंने समस्या सुनते ही कहा कि गांव मोहड़ा उनके हल्के में नहीं आता, वे अपने हल्के के नेता के पास जाकर दुखड़ा रोएं।
उसके बाद ग्रामीण विपक्ष के प्रभावशाली नेता जी के दरबार में पहुंचे, लेकिन वहां ग्रामीणों को वो जवाब मिस्त्रत्त्ला, जिसकी ग्रामीणों को अपेक्षा नहीं थी। नेता जी कोठी पर मिले और उनका दुखड़ा सुनने के बाद कहा कि ‘भाई लोगों पंचायत चुनाव में जरा सोचकर वोट डालनी चाहिए थे, जिसे उन्होंने सरपंच बनाया है, उसी के पास जाकर दुखड़ा सुनाओ...।’
नेता जी की कोठी से भी मायूसी लेकर ट्रालियों में लदे ग्रामीण डीसी अंबाला के दरबार में पहुंच गए। वहां उन्होंने डीसी से साफ कहा कि यदि उनकी सुनवाई अब प्रशासन ने भी नहीं की तो वे सड़कों पर उतरेंगे। वही हुआ, प्रशासन ने सुनवाई नहीं की, जिसके बाद मंगलवार और बुधवार को ग्रामीणों ने सड़कों पर उतकर वबाल काटा और जाम लगाया। इतना ही नहीं गांव के दो समुदाय विशेष आमने-सामने हो गए। उसके बाद प्रशासन की नींद टूटी और छह घंटे में डीसी के आदेश के बाद तीन सौ मीटर का नया नाला बनवा दिया गया।
गांव के निवर्तमान सरपंच से हाथापाई
इसी मसले पर बुधवार देरशाम गांव के निवर्तमान सरपंच अमरजीत के साथ कुछ दंबगों ने हाथापाई की। दरअसल, सरपंच विभागीय कर्मचारियों के साथ खड़ा होकर नए नाले के निर्माण के दौरान मौके पर खड़ा था। तभी वहां दूसरे पक्ष के कुछ लोगों से इसी तनाव के दौरान तू-तू, मैं-मैं हो गई और देखते ही देखते ये बहस तीखी झड़प और हाथापाई में बदल गई। बाद में ग्रामीणों ने मामले को थोड़ा शांत किया। जबकि वहां मौजूद पुलिस ने मोर्चा संभाला।
नाली में गिरा बच्चा, डूबने से बचा
इसी दौरान सड़क पर जमा गंदे पानी की वजह से सड़क व नाली अंतर मालूम नहीं चल रहा था। तभी इसी गंदे पानी से होकर शिवम नाम का बच्चा अपनी आंगनवाड़ी में जा रहा था। दादा रघुबरदास ने बताया कि तभी अचानक उसका पोता वहां मौजूद गहरी नाले में जा गिरा। जिसके बाद वे घबरा गया और उसने तुरंत अपने पोते के दोनों हाथ पकड़कर उसे बाहर निकाला। उसके अनुसार नाली काफी गहरी थी, यदि वे तुरंत फुर्ती नहीं दिखाता तो अनहोनी जो सकती थी। उधर, इस दौरान नालों में खड़े गंदे पानी की वजह से गांव के रविदास माजरी की चहारदिवारी भी गिर गई।
डायरिया से ग्रस्त हुई बाला देवी
पीड़िता बालादेवी ने बताया कि सड़कों व गलियों में खड़े गंदे पानी की वजह से घरों में गंदे पानी की सप्लाई में भी गंदगी और जबरदस्त बदबू आ रही है, क्योंकि पानी की पाइपलाइनें पूरी तरह गंदे पानी में डूब रखी है। उसके अनुसार इसी पानी के सेवन से उसे उल्टी व दस्त लग चुकी है और पूरी तरह बेड पर है। इसी तरह गांव में और भी मरीज ऐसे हैं, जिन्हें उल्टी व दस्त की शिकायतें हो रही है।
वर्ष 2013 में नाले के लिए 35 लाख रुपये पास किए गए थे। किसी कारणवंश काम रूका हुआ था। लेकिन डीसी अंबाला के आदेश पर बुधवार को गांव में फिलहाल लंबा चौड़ा कच्चे नाले का निर्माण करवाकर उसमें गंदे पानी की निकासी दे दी गई है। इस काम के खर्च को निर्धारित बजट में एडजस्ट कर लिया जाएगा, जल्द ही इस नाले को पक्का भी करवा दिया जाएगा। अभी फिलहाल डीसी के आदेश पर ग्रामीणों की समस्या पर फौरी राहत प्रशासन ने दे दी है।
गांाव में जबरदस्त तनाव की स्थिति की वजह से गांव में पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। ग्रामीणों से अपील है कि वे सड़कों पर उतरकर हंगामा-हल्ला न करें और तनावपूर्ण स्थिति पैदा न करें। पुलिस लॉ एंड आर्डर को बिगाड़ने वालों से सख्ती से निपटेगी।
-भूषण दास, एसएचओ, थाना पड़ाव
ये विवाद पिछले एक माह से बना हुआ है। कुछ दबंग लोगों की जिद की वजह से ऐसे हालात पैदा हुए हैं। वे तो अपने दुखड़े लेकर सभी जगह गए, लेकिन जब कोई सुनवाई नहीं हुई तो परेशानी से आजीज लोगों को सड़कों पर उतरना पड़ा। शाम को मेरे साथ भी कुछ दबंगों ने हाथापाई की। वे ही लोग गांव का माहौल बिगाड़ना चाहते हैं, लेकिन हमने समर्थकों से शांति कायम रखने को कहा है, प्रशासन से उम्मीद है कि प्रशासन जल्द नाले को पक्का करवाकर इस समस्या का हमेशा के लिए समाधान कर देगा।
-अमरजीत सिंह, निवर्तमान सरपंच, गांव मोहड़ा
मोहित धुपड़