अंबाला। छावनी के राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय में आयोजित कार्यक्रम में शिक्षकों ने आधुनिक शिक्षण पद्धतियों की बारीकियों को समझा। तीन दिवसीय फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम एक्सपीरिएंशियल पैडागॉजी एंड एआई इन क्लासरूम टीचिंग के दूसरे दिन डॉ. शब्दा बेदी और डॉ. दीपा शर्मा ने मुख्य वक्ता के रूप में शिरकत की। उन्होंने नेशनल एजुकेशन पॉलिसी 2020 पर कहा कि शिक्षा का मूल उद्देश्य विद्यार्थियों को क्या सोचना है के बजाय कैसे सोचना है सिखाना होना चाहिए। वक्ताओं ने नीति के प्रभावी क्रियान्वयन और इसमें आने वाली चुनौतियों पर भी विस्तार से चर्चा की। कार्यक्रम में लगभग 40 प्रतिभागियों ने अनुभवात्मक शिक्षण और कृत्रिम बुद्धिमत्ता के समावेश पर विचार साझा किए। संवाद