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अब उगाला का प्रिंस बना डेंगू का ग्रास, तीसरी मौत, सरकारी रिकार्ड में 170 की पुष्टि

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जिले में डेंगू का डंक थमता नजर नहीं आ रहा है। नारायणगढ़ के हुसैनी में हुई दो महिलाओं की मौत के बाद अब बराड़ा के उगाला गांव का युवक भी डेंगू का शिकार बन गया। युवक की मौत के साथ ही डेंगू से मरने वालों की संख्या आधिकारिक तौर पर तीन हो चुकी हैं। हालांकि उगाला के प्रिंस की मौत का रिकॉर्ड अभी जिला स्वास्थ्य विभाग के पास पीजीआई से नहीं आया है। इसीलिए स्वास्थ्य विभाग इसकी पुष्टि नहीं कर रहा लेकिन परिजनों ने साफ किया कि चंडीगढ़ 32 पीजीआई में डाक्टरों ने टेस्ट के बाद डेंगू की पुष्टि कर दी थी। मृतक उगाला के खेड़ा मोहल्ला का रहने वाला था। युवक को कई दिनों से बुखार था। जिसे परिजनों ने थाना छप्पर जिला यमुनानगर के प्राईवेट अस्पताल में इलाज के लिए दाखिल करवाया। जहां से डाक्टरों ने अंबाला शहर सिविल अस्पताल रेफर कर दिया। चार पांच दिन बाद अंबाला से चंड़ीगढ़ रेफर किया गया। लेकिन युवक की हालत में कोई सुधार होता न देख डाक्टरों ने चंड़ीगढ़ 32 में रेफर कर दिया। जहां पर युवक की इलाज के दौरान शनिवार को मौत हो गई।
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जानकारी के अनुसार उगाला निवासी राजेश के बेटे प्रिंस को 2 नवंबर को बुखार हुआ। युवक के छोटे भाई साहिल व चाचा सुनील कुमार ने बताया कि प्रिंस का इलाज थाना छप्पर (यमुनानगर) के प्राईवेट अस्पताल में इलाज करवाया। लेकिन वहां से प्रिंस को आराम नहीं मिला। डॉक्टर ने प्रिंस को अंबाला सिविल अस्पताल रेफर कर दिया। वहां पर भी चार दिन तक आराम नहीं मिला। पीजीआई में डॉक्टरों ने बताया कि प्रिंस को डेंगू है। उसके सेल घट चुके हैं। प्रिंस को लाने में देरी कर दी है। हालात नाजुक है। प्रिंस को भर्ती कर इलाज शुरू कर दिया था जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
दवाई के छिड़काव की मांग
उगाला गांव के खेड़ा मोहल्ला, सुनार, नाई के लोगों ने बताया कि गांव में गंदगी है। सरकारी स्कूल, पीपल वाला चौक व आरा मशीन के पास पानी निकासी की उचित व्यवस्था नहीं है। नालियों का पानी ओवरफलो होकर गलियों में आ जाता है। लोगों ने बीडीपीओ को साफ-सफाई करवाए जाने व गांव में दवाई का छिड़काव करने की मांग की है। सरपंच मोहन लाल ने बताया कि गांव में नियमित साफ-सफाई होती है।
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बराड़ा सीएचसी इंचार्ज डॉ बीरबल ने बताया कि उनके संज्ञान में ऐसा कोई केस नहीं आया है। गांव में जाकर देखा जाएगा। अगर कोई और मरीज बुखार से पीड़ित मिला तो उसके रक्त के नमूने लिए जाएंगे। दवाई भी दी जाएगी।
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