पारा चढ़ते ही अंबाला का बिजली निगम ठप हो जाता है। 40 के पार पारा होते ही छावनी और शहर में अघोषित कटों ने शहरवासियों का दिन का सुकून और रातों की नींद छीन ली है। मंगलवार को जिले का अधिकतम तापमान 40.7 डिग्री तक पहुंच गया। इस दौरान छावनी के सदर बाजार, पंसारी बाजार, बजाजा बाजार, निकलसन रोड, पंजाबी मोहल्ला, रेलवे रोड, महेश नगर रोड स्थिति समस्त मार्केट में दोपहर एक बजे से लेकर साढ़े 3 बजे तक बिजली नहीं आई। हालांकि कुछ बाजार तो ऐसे रहे जहां पर शाम को करीब छह बजे बिजली आई। दुकानदारों से लेकर शहरवासियों ने बिजली निगम के शिकायत केंद्रों पर फोन मिलाए, लेकिन किसी ने भी जनता की सुनवाई नहीं की। कैंट की बात करें तो यहां पर सब डिवीजन नंबर-1, नंबर-, बब्याल तीनों में से किसी भी एसडीओ तक ने फोन उठाना जरूरी नहीं समझा। यही हाल यहां के जारी शिकायत केंद्रों के रहे।
रोज बाजार में 4 से 6 घंटे के अघोषित कट लगाए जा रहे हैं और बिल पूरे वसूले जा रहे हैं। जब हमने बिजली ही नहीं फूंकी तो बिल किस बात का। यदि एनर्जी बचाएं तो एवरेज बेस पर बिल बना दिए जाते हैं। एवरेज बिल तो हमारे लिए जुर्माना के सामान हैं। क्या सरकार को कुछ भी नहीं दिख रहा। बिजली निगम वालों पर कोई जुर्माना क्यों नहीं लगाया जाता। यह सालभर क्या करते हैं? सीजन आते ही मेंटेनेंस की याद आती है इन्हें।
अजय गुलाटी, प्रधान सदर बाजार।
लॉक डाउन के चलते बैटरी खत्म हो गई, जेनरेटर हम चला नहीं सकते। पंचकूला तक शिकायत केंद्र बना दिए लेकिन सुनवाई कहीं नहीं होती। ऑफ सीजन में यह बिजली कर्मी मौज मारते हैं। इसीलिए सीजन आते ही ब्रेक डाउन शुरू हो जाते हैं। बिजली निगम के पास टीम नहीं है और इंफ्रास्ट्रेक्चर बढ़ाए जा रहे हैं। टोल फ्री नंबर पर शिकायत करते हैं तो कंप्यूटर बोलता है बिजली निगम में आपका स्वागत है, लेकिन हमारी दुर्गति हो रही है।
सुनील मित्तल, दुकानदार सदर बाजार
जनता बिल समय पर न दे तो उस पर जुर्माना, लेकिन यह बिजली निगम वाले 8-10 घंटे बिजली रोजाना काटते हैं, इन पर जुर्माना सरकार क्यों नहीं लगाती। एसडीओ से लेकर बड़े अधिकारी, जेई, लाइनमैन और शिकायत केंद्र तक कोई भी कर्मचारी फोन नहीं उठाता। बिना बताए कभी भी मर्जी से कट लगा दिए जाते हैं। इस देश में तो जो प्रदर्शन करता है उसी की सुनवाई होती है। गर्मी में हालात और बदतर हो जाते हैं।
परमिंद्र सिंह, रेलवे रोड दुकानदार
दिन को तो जैसे-तैसे धंधे के समय हम काम चला लेते हैं, लेकिन रात को थक हारकर घर पहुंचते हैं तो लाइट चली जाती है। हर साल का बिजली निगम का यही हाल है। हर बार बोलते हैं इतने फीडर अतिरिक्त लगा दिए। इतनी क्षमता बढ़ा दी, अब किल्लत नहीं होगी। लेकिन इन्होंने बुरा हाल कर दिया है। ऐसे हाल तो गांव में भी नहीं होते होंगे। जो हाल शहर के हो रहे हैं। सरकार को कड़े निर्देश देने चाहिए।
गुरमीत सिंह, महेश नगर।
मैंने हाल ही ज्वाइन किया है। सभी एसडीओ भी नए आए हैं। सभी को निर्देश जारी कर दिए गए हैं कि पब्लिक को किसी भी तरह की दिक्कतें न हो। मंगलवार को दिक्कतें क्यों हुई उसका पता करवाया जाएगा।
सुखबीर, एक्सईएन बिजली निगम।