छावनी में गणेश विहार निवासी 62 वर्षीय वृद्धा के खाते से साइबर ठगों ने 4.5 लाख रुपये निकाल लिए। वृद्धा ने बैंक में जाकर खाते को सीज करने की गुहार लगाई, मगर बैंक ने नहीं सुनी और कस्टमर केयर से बात करने को कह दिया। इससे आराेपियों को फ्रॉड करने का और भी समय मिल गया। पीड़ित ने साइबर पुलिस को शिकायत देकर केस दर्ज कराया है।
समीर ने बताया कि उनकी मां राज अरोड़ा के साथ चार सितंबर को ऑनलाइन फ्रॉड हुआ। इसमें साइबर अपराधियों ने उनकी जीवनभर की पूंजी उड़ा दी। अपराधियों ने उन्हें 4.5 लाख रुपये की चपत लगाई है। समीर ने शिकायत में बताया कि इस मामले में तत्काल प्राथमिकी दर्ज कराई गई। इसके बाद करधान चौकी में भी एक शिकायत दी गई, मगर प्रगति काफी धीमी दिखाई दी। जिस समय बैंक में 50 हजार रुपये का पहला ट्रांजेक्शन हुआ, उसी समय छावनी की एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक को पीड़िता ने अपना खाता सीज करने के लिए कहा, मगर खाता सीज नहीं हो सका।
बैंक ने कस्टमर केयर पर संपर्क करने के लिए कह दिया। शिकायतकर्ता ने बताया कि अगर समय पर बैंक खाता सीज हो जाता तो अपराधियों को धोखाधड़ी को अंजाम देने का समय ही नहीं मिलता। यहां तक कि फ्रॉड करने वालों को उनकी एफडी को भी तोड़ने का अधिकार मिल गया। ऐसे में पीड़ित ने बैंक में सुरक्षा खामियों की जांच करने और साइबर अपराधियों द्वारा उनकी मां की जीवनभर की कमाई को रिकवर कराने की अपील की है। इसके बाद साइबर थाना पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।