अंबाला सिटी। नागरिक अस्पताल के घूसकांड प्रकरण में पानीपत की ओरियन स्टार कंपनी का ठेका रद्द होना लगभग तय है। पीएमओ ऑफिस ने आउटसोर्सिंग के नोडल ऑफिसर डॉ. पवन चौधरी को रिपोर्ट भेज दी है। रिपोर्ट में कंपनी की कार्यप्रणाली को बेहद खराब बताते हुए ठेका रद्द करने की सिफारिश की है। इसी रिपोर्ट को आधार बनाकर डीजी हेल्थ को जो भी रिकार्ड भेजा जाएगा। इसमें स्टेट विजिलेंस ब्यूरो द्वारा की जा रही कार्रवाई, सुपरवाइजर व सहायक अकाउंटेंट की गिरफ्तारी तथा फरार ठेकेदार पुनीत अत्री व राजकुमार की फरारी का भी जिक्र होगा। पकड़े जाने के भय से कई कर्मी ड्यूटी से नदारद हैं। इनमें एक महिला सिक्योरिटी गार्ड की कॉल डिटेल व लोकेशन राजकुमार से मेल खा रही है। ध्यान रहे कि यमुनानगर के राजेश को ओटी सहायक लगाने के लिए सुपरवाइजर संजीव को राज्य सतर्कता ब्यूरो की टीम ने रंगेहाथ पकड़ा था। सूत्रों के अनुसार ओरियन स्टार कंपनी का ठेका रद्द करने की फाइल पर कभी भी पक्की मुहर लग सकती है।
ऐसे उठी थी ठेका रद्द करने की मांग
सुपरवाइजर संजीव व अकाउंटेंट हरदीप के पकड़े जाने के बाद कई कर्मियों ने पीएमओ ऑफिस में शपथपत्र देकर रिश्वत देने के आरोप मढ़े। कई नाम दिए जिन्होंने सुविधा शुल्क लिया या फिर दलाल की भूमिका निभाई। विजिलेंस जांच में साफ हुआ है कि एक ही परिवार व इलाके के लोगों को भर्ती में तवज्जो दी गई। मन माफिक तरीके से पोस्टिंग देने के लिए प्रतिमाह पैसे वसूले गए। सफाई के सामान की खरीदारी में भी गड़बड़ियां पाई गई। सामने आया कि आरोपियों की एक टीम ने अस्पताल में आतंक मचा रखा था। डॉक्टर व पक्का स्टाफ भी उनके आगे कुछ नहीं बोल पाता था। वे सरेआम मनमर्जी करते थे। इसी गड़बड़झाले को देखते हुए ठेका रद्द करने की मांग उठी थी। खेल एवं स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज भी ठेकेदारी प्रथा का विरोध कर चुके हैं।
एजेंसी की कार्यप्रणाली खराब, ठेका रद्द करने की सिफारिश
-पीएमओ ऑफिस में तैनात डॉक्टर पवनीश अग्रवाल ने बताया कि आउटसोर्सिंग अधिकारी को भेजी रिपोर्ट में कंपनी की कार्यप्रणाली को खराब बताकर ठेका रद्द करने की सिफारिश की गई है। संबंधित विभाग को तत्काल रिपोर्ट भेज दी थी।