अंबाला-जगाधरी हाइवे पर कांसेपुर गांव में एक बेकाबू कार ने दो भाइयों को अपने चपेट में ले लिया। जिससे दोनों भाइयों की मौत हो गई। इस हादसे बाद जहां गांव कांसेपुर में मातम का माहौल बना हुआ है, वहीं दोनों के घरों में रुदन और कंद्रन होता रहा। उधर, घटना को अंजाम देकर कार सवाल कार ही मौके पर छोड़कर फरार हो गए। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर कार को कब्जे में लिया और दोनों के शवों का अस्पताल में पोस्टमार्टम करवाकर शव वारिसों को सौंप दिया है।
बेहद दर्दनाक था हादसे का मंजरप्रत्यक्षदर्शियों की माने तो हादसा इतना दर्दनाक था कि इस मंजर को देखकर भीतर तक दहशत का माहौल बन गया। दरअसल, चचेरी भाई यशपाल और सोमनाथ दोनों सुबह की तरह सैर करने के लिए जगाधरी हाइवे पर निकले। दोनों सुबह सैर कर रहे थे, तभी जगाधरी हाइवे पर एक बेकाबू कार काफी तेजी से आई और दोनों को जबरदस्त टक्कर मार दी।आलम यह रहा कि जैसे ही कारों ने दोनों को टक्कर मारी तो दोनों कई फीट ऊपर उछले और कार के बोनट और फ्रंट मिरर पर आकर गिरे। दोनों के गिरने से शीशा व कार का अगला हिस्सा बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया। दोनों बुरी तरह से वहीं पड़े तड़पते रहे। उधर, दोनों को तड़पता देखकर कार सवार मौके से फरार हो गए। लेकिन मुलाना इलाके मे ही एक कार सवार को हिरासत में ले लिया गया।वहां मौजूद लोगों की मदद से दोनों चचेरे भाइयों को मुलाना अस्पताल में भर्ती करवाया गया, जहां दोनों को मृृत घोषित कर दिया गया। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर कार्रवाई शुरू की और पोस्टमार्टम के बाद शव वारिसों को सौंप दिया।
अफगानिस्तान से आएगा बेटा तो होगा संस्कारदोनों भाइयों के घरों में जबरदस्त मातम का माहौल है। गांव में दोपहर बाद यशपाल का तो अंतिम संस्कार कर दिया गया। पूरा गांव संस्कार में शामिल हुआ। लेकिन सोमनाथ का शव अभी गांव में ही रखा गया है। क्योंकि उसका बेटा प्रिंस अफगानिस्तान में हैं। प्रिंस वहीं काम करता है। उसे पिता की मौत की सूचना दे दी है। वे रविवार को अंबाला पहुंचेगा और तभी सोमनाथ का अंतिम संस्कार किया जाएगा। फिलहाल पिता के शव को बेटे का इंतजार है।
साथ जिए और साथ चल दिए दोनों भाईये विधि का विधान ही था कि दोनों भाई एक साथ-साथ पढ़े, साथ रहे। एक साथ नौकरी लगे और रिटायर भी लगभग एक साथ हुए। और अब दुनिया से अलविदा भी एक साथ हो गए। गांव में दोनों की दोस्ती भी उदाहरण थी। दोनों में से एक सोमनाथ फौज में था। यश पाल बिजली महकमे से रिटायर थे। सोमनाथ जब भी फौज से छुट्टी आता, तो सबसे पहले यशपाल के घर जाता और फिर अपने घर। दोनों चचेरे भाई अपने जिंदगी में सबसे अच्छे दोस्त भी थे। अब रिटायरमेंट के बाद दोनों सुबह की सैर भी एक साथ ही किया करते थे। शनिवार को दोनों सुबह की सैर पर निकले थे और यही सड़क हादसे का शिकार होकर दोनों एक साथ दुनिया से विदा हो गए। यशपाल का संस्कार गांव कांसेपुर में कर दिया गया। जबकि सोमनाथ का संस्कार रविवार को किया जाएगा। गांव के रहने वाले हरजीत सिंह, गुरचरण व महेशी ने बताया कि गांव में दुख का माहौल है।
मौत का हाइवे बन रहा जगाधरी मुख्यमार्गजगाधरी हाइवे के मौजूदा हालातों को लेकर इलाकावासियों में जबरदस्त रोष है। सिंगल हाइवे होने की वजह से यहां आए दिन हादसे हो रहे हैं और उसमें लोगों की जान जा रही है। इलाकावासी डाक्टर गोपाल कृष्ण शफक, दुष्यंत चौहान, विक्रम चौहान व अनिल कुमार का कहना है कि ये हाइवे बहुत खतरनाक है।कभी गाडिय़ां आपस में टकरा जाती है तो कभी गड्डे में उतरकर पेड़ों से टकरा जाती है। ये सबकुछ सिंगल हाइवे और सड़क में मौजूद जबरदस्त गड्डों की वजह से होता है। सड़क को जबरदस्त मरम्मत की जरूरत है, कई गहरे गड्डे तो जानलेवा साबित हो रहे हैं, इसी वजह से वहन बेकाबू होते हैं और ऐसे हादसों को अंजाम देते हैं। उनका कहना है कि हाइवे की जल्द सूरत बदली जाएगी, इस तरह के सरकारी दावे सुनकर इस हाइवे के आसपास गांवों में बसे ग्रामीण थक चुके हैं। सीएम व सेहत मंत्री से आग्रह है कि जल्द से जल्द इस हाइवे को ठीक करवाने और फोरलेन करवाने का काम शुरू करें। शीशपाल चौहान कहते हैं कि वे खुद कुछ माह पूर्व जर्जर सड़क की वजह से बाइक से हाइवे पर गिर गए थे और एक बस की चपेट में आने से बाल-बाल बचे। लेकिन हादसे में उनकी टांग टूट गई। जनहित में इस हाइवे को जल्द ठीक करवाया जाए। वरना, फिर से इस हाइवे पर बड़ा हादसे की आशंका बनी हुई है।