अंबाला सिटी। दसवीं कक्षा के बाद 11वीं में एक ही छात्र के दाखिले दो-दो सरकारी स्कूलों में दिखा दिए जाते हैं। उसके बाद दोनों ही सरकारी स्कूलों से स्टूडेंट बेनिफिट संबंधी सरकारी योजनाओं का लाभ भी गलत तथ्यों के आधार पर लेकर सरकार का चूना लगा दिया जाता है और इस बारे में अफसर बेखबर रहते हैं। शिक्षा विभाग ने प्रदेश भर में ऐसे ही कुछ मामले पकड़े हैं, जिनकी वजह से सरकारी स्कूलों में छात्रों को प्रदान की जाने वाली सरकारी योजनाओं का गलत तथ्यों के आधार पर दुरुपयोग हुआ। एक ही छात्र के नाम पर दो-दो सरकारी स्कूलों से स्टूडेंट बेनेफिट लेकर सरकार को चपत लगाई गई। लेकिन हरियाणा शिक्षा विभाग ने अब इस तरह के गड़बड़झाले को पकडने के बाद गंभीरता और चिंता व्यक्त की है।
डायरेक्टर सेकेंडरी एजुकेशन हरियाणा की ओर से इस संदर्भ में जिले के तमाम जिला शिक्षा अधिकारियों को जरूरी दिशा-निर्देश भेजकर ऐसे मामलों के प्रति सर्तक रहने के निर्देश दिए हैं।
उल्लेखनीय है कि सरकारी स्कूलों पढ़ने वाले छात्र व छात्राओं सरकार की ओर से विभिन्न तरह के स्टूडेंट बेनेफिट उपलब्ध करवाए जाते हैं। इनमें आरक्षित बच्चों को मासिक आर्थिक मदद भी मिलती है। जबकि मिड-डे मील, वर्दी, जूते आदि मदद भी दी जाती है। लेकिन एक ही छात्र का दो-दो स्कूलों में दाखिला दिखाकर इन बेनेफिट्स का गलत इस्तेमाल हो रहा है।
अब गलत दाखिले को ऐसे रोकेगा विभाग
एक ही छात्र का दो-दो स्कूलों में दाखिला देकर स्टूडेंट बेनेफिट लेने में गड़बड़झाले को रोकने के लिए हरियाणा शिक्षा विभाग ने प्रदेश के जिला शिक्षा अधिकारियों को एक तरीका भी सूझाया है। निदेशक ने सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दे दिए हैं कि अब दसवीं के बाद कोई भी छात्र यदि सरकारी स्कूल में ग्यारहवीं कक्षा में दाखिला लेना चाहता है, तो उससे पिछले स्कूल का स्कूल लीविंग सर्टिफिकेट की मूल प्रति मांगी जाए। अभी तक सरकारी स्कूलों में स्कूल लीविंग सर्टिफिकेट न तो जारी करने का प्रचलन है और न ही दाखिले के दौरान मांगने का। दसवीं की पासिंग मार्कशीट देखकर सरकारी स्कूल 11वीं कक्षा में दाखिला दे देते थे। ऐसे में एक ही छात्र का दाखिला दो-दो स्कूलों में दिखाकर इस गड़बड़झाले को अंजाम देना आसान था। इसलिए अब सरकारी स्कूल में दाखिले के वक्त छात्र से पिछले स्कूल द्वारा जारी स्कूल लीविंग सर्टिफिकेट की मांग की जाए और उसके बाद ही मूल प्रति जमा करने के बाद ही उसे ग्यारहवीं में दाखिला देना सुनिश्चित किया जाए। इससे अपने आप छात्रों के गलत प्रवेश के इस गड़बड़झाले पर अंकुश लग जाएगा। उधर, जिला शिक्षा अधिकारी उमा शर्मा ने बताया कि इस बाबत आला अफसरों से जो भी निर्देश आए हैं, उन्हें जिले में क्रियान्वित करवा दिया जाएगा। उन्होंने भी माना कि इस तरह छात्रों का गलत ढंग से दो-दो स्कूलों में प्रवेश दिखाकर सरकार से मिलने वाले स्टूडेंट बेनेफिट का इस्तेमाल करना गंभीर बात है।