शामली। एटीएम से निर्धारित सीमा से अधिक रुपये निकालने के मामले में जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष फोरम ने एसबीआई और आईसीआईसीआई बैंक के शाखा प्रबंधक पर तीस हजार रुपये का जुर्माना लगाया है।
हरियाणा के करनाल जिले के मकान नंबर 99 सेक्टर छह निवासी संदीप कुमार ने भारतीय स्टेट बैंक शामली के शाखा प्रबंधक, आईसीआईसीआई बैंक के एससीओ सेक्टर 12 सिटी सेंटर करनाल के शाखा प्रबंधक, आईसीआईसीआई बैंक के डेबिट रिकोन छठा तल महादा कॉलोनी चांदीवली मुंबई को आरोपी बनाकर जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष फोरम में वाद दायर किया।
संदीप के मुताबिक उसका आईसीआईसीआई बैंक में बचत खाता है। वह एटीएम कार्ड धारक उपभोक्ता है। पीड़ित ने बताया कि बीस जनवरी 2007 को भारतीय स्टेट बैंक के एटीएम से 2500 रुपये निकाले थे। जिसका सर्विस चार्ज 67 रुपये काटा गया। उसके तुरंत बाद बैलेेंस इन्क्वारी की, जिसका सर्विस चार्ज 28 रुपये काटा गया। जिसका बैलेंस 22456 रुपये दर्शाया गया। 22 जनवरी को आईसीआईसीआई बैंक के सोनीपत एटीएम से एक हजार रुपये निकाले गए।
मिनी स्टेटमेंट से पता चला कि उसके खाते से बीस जनवरी 2007 को किसी ने बीस हजार रुपये निकाल लिए। जिसका सर्विस चार्ज 67 रुपये काटा गया। जबकि नियमानुसार एक दिन में 15 हजार रुपये से अधिक नहीं निकाला जा सकता था। एटीएम मशीन पर कोई गार्ड या वीडियो कैमरा भी नहीं था, जो कि अनिवार्य था।
इस लिए बैंक कर्मी की साजिश से उसके पैसे निकाले गए, जो बैंक सेवा में कमी है। भारतीय स्टेट बैंक ऑफ इंडिया से संपर्क किया गया, तो बैंक अधिकारियों ने उन्हें वीडियो नहीं दिखाया।
जिला उपभोक्ता फोरम ने मामले की सुनवाई करते हुए बैंक की सेवा में कमी मानते हुए आरोपियों को पीड़ित को क्षतिपूर्ति में बीस हजार रुपये और बीस जनवरी 2007 से चार प्रतिशत अतिरिक्त सालाना साधारण ब्याज, मानसिक एवं आर्थिक क्षति पूर्ति में पांच हजार रुपये एवं वाद व्यय पांच हजार रुपये मिलाकर कुल तीस हजार अदा करने के निर्देश दिए हैं। यह राशि एक महीने के अंदर ब्याज सहित भारतीय स्टेट बैंक और आईसीआईसीआई बैंक मिलकर देंगे।