अंबाला सिटी। प्री बोर्ड टेस्ट में खराब नंबर आने पर जालंधर कैंट की रहने वाली तीन सहेलियां वीरवार शाम ट्यूशन जाने के बहाने घर से भाग आईं। तीनों सैन्य कर्मियों की बेटियां हैं। वह ट्रेन में बैठकर रात में अंबाला पहुंच गईं। यहां शुक्रवार सुबह उन्हें न जाने क्या सूझा कि चाट में चूहे मारने की दवा मिलाकर खा गईं। थोड़ी सी चाट खाने के बाद ही उल्टी होने पर उन्होंने चाट फेंक दी इसके बावजूद हल्की मात्रा में जहर पेट में चले जाने पर वे मूर्छित हो गईं। सूचना पर जीआरपी ने उन्हें कब्जे में ले लिया। उपचार और काउंसलिंग के बाद अपराह्न उनको परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया।
पुलिस के अनुसार ये तीनों सहेलियां जालंधर कैंट के आर्मी पब्लिक स्कूल में नौवीं व दसवीं कक्षा की छात्राएं हैं। उनके प्री बोर्ड टेस्ट में नंबर कम आए थे। उन्हें डर था कि घर में उन्हें डांटा जाएगा। लिहाजा तीनों सहेलियां वीरवार देर शाम ट्यूशन जाने के लिए घर से निकली और फिर जालंधर स्टेशन से ट्रेन में बैठकर आधी रात अंबाला कैंट रेलवे स्टेशन पर पहुंच गईं। रात उन्होंने कैंट के वेटिंग रूम में गुजारी। शुक्रवार कोे घूमती फिरती अंबाला सिटी स्टेशन पर पहुंच गई। वहां उनको बिना प्रयोजन लंबे समय तक घूमता देख लोगों ने जीआरपी को सूचना दी। इस पर जीआरपी ने उन्हें अपने कब्जे में लिया। उनको सिटी सिविल अस्पताल में दाखिल कराया गया। इस बीच जिला बाल संरक्षण अधिकारी ने अकेले में उनकी काउंसलिंग की, जिसमें लड़कियों ने इस बात का खुलासा किया कि उन्होंने जान देने के लिए चाट में चूहे मार दवाई मिलाई थी। थोड़ी सी चाट खाने पर उल्टी हुई तो उन्होंने चाट फेंक दी थी। सूचना पाकर जालंधर से आए परिजनों के साथ अपराह्न करीब तीन बजे तीनों लड़कियां हंसी-खुशी घर भेज दी गईं।
पुलिस को बताया, भूख की वजह से बेहोश हुईं
रिजल्ट खराब की वजह से तीनों सहेलियां जालंधर से भागी थीं। वे अर्द्ध मूर्छित हालत में स्टेशन पर मिली थी। पुलिस पूछताछ में लड़कियों ने किसी प्रकार के जहर का जिक्र नहीं किया है। वे भूख की वजह से बेहोश होने की बात कह रही थी। फिर भी ब्लड सैंपल लेकर जांच के लिए मधुबन भेजे जा रहे हैं।-सतबीर सिंह, चौकी इंचार्ज, जीआरपी सिटी
कोट-------
चूंकि लड़कियां नाबालिग हैं, इसलिए उनकी अकेले में काउंसलिंग की गई थी। उन्होंने काउंसलिंग में बताया कि उन्होंने चाट में चूहे मारने की दवा मिलाई थी ताकि वे मर सकें, लेकिन जैसे ही चाट का एक चम्मच तीनों ने खाया तो उन्हें उल्टी आ गई, जिसके बाद उन्होंने चाट फेंक दी।- मेघा सिंगला, जिला बाल संरक्षण अधिकारी, अंबाला
कोट-------
चिकित्सा के दौरान तीनों सहेलियों ने बेहोशी के कारण के बारे में कुछ नहीं बताया। उन्हें नींद सी आ रही थी। कई बार ऐसा होता है, जब शरीर में बहुत ही हल्का सा जहरीला पदार्थ हो तो ऐसी स्थिति में नींद सी आ जाती है। ब्लड सैंपल लेकर पुलिस को सौंप दिए गए हैं। - डा. मीनाक्षी यादव, चिकित्सक, सिविल अस्पताल सिटी।