एसटीएफ ने कॉल सेंटर की आड़ में अमेरिका में रहने वाले लोगों को ऑनलाइन ठगी का शिकार बनाने वाले गिरोह का भंडाफोड़ किया है। एसटीएफ की टीम ने मंगलवार आधी रात अंबाला-हिसार हाईवे स्थित घूंघट पैलेस में छापा मारकर मास्टर माइंड सहित 9 आरोपियों को गिरफ्तार किया।
एसटीएफ ने सभी आरोपियों को अदालत में पेश किया। अदालत ने सभी आरोपियों को तीन दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया। कॉल सेंटर पर जब अंबाला एसटीएफ ने छापा मारा, तब वहां 89 लड़के और 34 लड़कियां काम रही थी। रोजाना इन युवाओं की फौज के सहारे करीब 3500 अमेरिकियों से ऑनलाइन ठगी की जाती थी।
यह गोरखधंधा करीब आठ माह से चला रहा था। एसटीएफ ने सेंटर से 10 लैपटॉप, 200 कंप्यूटर सिस्टम, ढाई लाख रुपये, 11 मोबाइल फोन व एक इंटरनेट सर्वर सहित अन्य कागजात बरामद किए गए हैं। पूरी कार्रवाई अंबाला एसटीएफ डीएसपी कुलभूषण सिंह की अगुवाई में हुई। हालांकि कार्रवाई के दौरान डीआईजी एसटीएफ सतीश बाल्यान भी मौके पर पहुंचे। पकड़े गए सभी आरोपी मुंबई, अहमदाबाद, नागालैंड, राजस्थान के रहने वाले हैं। केवल एक आरोपी हरियाणा के गुरुग्राम का है। एसटीएफ ने सेंटर में काम करने वाले युवक व युवतियों के नाम-पते नोट कर छोड़ दिया।
ऐसे कर रहे थे ठगी
कॉल सेंटर में काम करने वाले युवाओं ने बताया कि कॉल सेंटर का मालिक अमेरिका के नागरिकों को ऑनलाइन डाटा इंटरनेट प्रोटोकाल के माध्यम से हमारे सर्वर पर अपलोड कर देते थे। इसके बाद हम रोजाना औसतन 3500 लोगों के पास वीआईसी डायलर कॉल करते हैं। जैसे ही अमेरिका के लोग कॉल रिसीव करते तो हम खुद को अमेजन कंपनी के प्रतिनिधि या लॉ एनफॉर्समेंट डिपार्टमेंट ऑफ फेडेरेल रिजर्व सिस्टम के अधिकारी बताकर उन्हें बताते थे कि आपके अमेजन कार्ड व बैंक खातों में संदिग्ध ट्रांजेक्शन हुई है।
इस तरह उन्हें झांसे में लेकर उनके बैंक खातों से ऑनलाइन अमेजन कार्ड व अन्य गिफ्ट वाउचर के कार्ड खरीदवाकर 200 से 1000 डॉलर की धोखाधड़ी करते थे। आरोपी कॉल रिसीवर से धोखे से अमेजन कार्ड व गिफ्ट वाउचर नंबर पता कर लेते थे। इसके बाद इन्हें रिडीम करके उनके बैंक खातों से पैसे निकाल लेते थे।
मामले में 9 आरोपियों को काबू किया गया है। इनका 3 दिन का रिमांड लिया गया है। यह अमेरिका में रहने वाले लोगों को फोन कर ऑनलाइन ठगी करते थे। गिरोह के एक मास्टर माइंड भोंडसी गुरुग्राम के राहुल को काबू कर लिया गया है। दो-तीन अन्य मास्टर माइंड की गिरफ्तारी अभी करनी बाकी है। रिमांड में पूछताछ के दौरान पता चल पाएगा कि गिरोह कहां-कहां काम कर रहा है और अब तक कितने लोगों को ठगी का शिकार बना चुका है। - कुलभूषण सिंह, डीएसपी एसटीएफ अंबाला।