सिटी में राजकीय पालीटेक्निक में पिछले कई दिनों से खुद को एक राजनीतिक पार्टी के कथित छात्र नेता बताने वाले आउटसाइडर युवकों ने उत्पात मचा रखा है। लेकिन मंगलवार को इन कथित छात्र नेताओं ने उस समय अपनी सीमाएं लांघ दी, जब उन्होंने पालीटेक्निक के एक इंस्ट्रक्टर पर डंडे व लातों से हमला बोल दिया। बमुश्किल इंस्ट्रक्टर ने वहां से भागकर अपनी जान बचाई, उसके बाद इन आउटसाइडर युवकों ने पालीटेक्निक में खूब हुड़दंग मचाया, प्राचार्य के खिलाफ नारेबाजी की और हंगामा करते हुए फरार हो गए। राजकीय पालीटेक्निक के प्राचार्य ने आरोपी युवकों के खिलाफ इलाका पुलिस को शिकायत देकर उनके खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है। दूसरी ओर, पुलिस ने भी मामले में कार्रवाई शुरू कर दी है।
री-एडमिशन के लिए बनाने आए थे दबाव
राजकीय पालीटेक्निक से प्राप्त जानकारी के अनुसार आउटसाइडर युवक कुछ दिन पहले पालीटेक्निक से ही निकाले गए एक छात्र की री-एडमिशन करवाए जाने हेतु दबाव बनाने आए थे। ये पालीटेक्निक में स्टाफ को युवक खुद को एक राजजीतिक पार्टी की छात्र ईकाई के नेता व सदस्य बता रहे थे। पालीटेक्निक प्रशासन ने उनकी बात रखते हुए उन्हें बताया कि संबंधित छात्र जिसका नाम पालीटेक्निक से कटा है, वे करीबन डेढ़ माह से बिना सूचना दिए पालीटेक्निक से गैरहाजिर चल रहा है और नियमानुसार जो छात्र बिना सूचना के 14 दिन पालीटेक्निक से गायब रहता है, तो उसका नाम काट दिया जाता है। पालीटेक्निक स्टाफ ने फिर भी संबंधित छात्र के भविष्य की चिंता करते हुए संबंधित छात्र से कहा कि वे अपने अभिभावकों की ओर से एक शपथ पत्र पालीटेक्निक को दिलवाएं कि वे भविष्य में नियमित कक्षा में आएगा, तो उसे पालीटेक्निक में री-एडमिशन दे दी जाएगी। इस पर संबंधित छात्र व कथित छात्र नेता चले गए। लेकिन मंगलवार को ये कथित छात्र नेता हाथ में एक झंडा लिए फिर से पालीटेक्निक में पहुंच गए और वहां हंगामा करने लगे। वे लोग री-एडमिशन के लिए दबाव बनाने लगे। लेकिन पालीटेक्निक के इंस्ट्रक्टर दलविंद्र सिंह ने उनसे कहा कि इस वक्त न तो प्राचार्य कालेज में हैं और न ही संबंधित ट्रेड के एचओडी पालीटेक्निक में मौजूद है, इसलिए जब वे आएं, तो उनसे ही बात करें। दलविंद्र ने यह कहते हुए कथित नेताओं को पालीटेक्निक में घुसने से रोकना चाहा, लेकिन तभी कथित नेता अपनी गुंडागर्दी पर उतारू हो गए और उन्होंने उसी झंडे के डंडे से इंस्टक्टर पर हमला कर दिया, जो वे साथ लेकर आए थे। इसी दौरान उन्होंने प्राचार्य व अन्य स्टाफ के खिलाफ नारेबाजी शुरू करते हुए खूब हंगामा किया। उनका उग्र रूप देखकर इंस्ट्रक्टर ने भी वहां से भागकर जान बचाई। उसके बाद वे हुड़दंग मचाते हुए फरार हो गए। पीड़ित इंस्ट्रक्टर ने सारी घटना से पालीटेक्निक प्राचार्य पीके सोनी को अवगत करवाया। जिसके बाद प्राचार्य ने शिकायत इलाका पुलिस को दी। प्राचार्य पीके सोनी के अनुसार पालीटेक्निक में इस तरह की अनुशासनहीनता और गुंडागर्दी तो किसी कीमत पर बरदाश्त नहीं की जाएगी। उनके अनुसार ऐसे आउटसाइडरों पर लगाम लगाई जाएगी।
अटेडेंस पूरी करने पर भी बनाते हैं दबाव
पालीटेक्निक स्टाफ ने बताया कि पिछले कुछेक माह से इन कथित छात्र नेताओं का दुस्साहस इतना ज्यादा बढ़ गया है, वे इंस्ट्रक्टरों पर सीधे छात्रों की शार्ट हाजरियां पूरी करने, कई दिनों का बाहर टूर ले जाने व अन्य तरह के कामों के लिए दबाव बनाते हैं। पालीटेक्निक स्टाफ के अनुसार मंगलवार को तो इन आउटसाइडरों ने हद करते हुए इंस्ट्रक्टर पर ही डंडे से हमला कर दिया। इसी के चलते पालीटेक्निक के प्राचार्य अब सख्ती के मूड में हैं।
---
पालीटेक्निक प्राचार्य की ओर से आउटसाइडर युवकों के खिलाफ शिकायत आई है। बुधवार को पुलिस पालीटेक्निक में जाएगी और मामले की जांच कर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई करेगी।
-राम सिंघल, पुलिस चौकी प्रभारी, नंबर तीन, अंबाला सिटी-