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हत्या की गुत्थी में उलझी पुलिस

Sun, 05 Feb 2017 11:05 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/अंबाला सिटी
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महेशनगर क्षेत्र की अशोक नगर कॉलोनी में बुजुर्ग दंपति वीरेंद्र कुमार शर्मा और लता शर्मा की हत्या के मामले में पुलिस की तफ्तीश दो बड़े सवालों पर उलझ गई है। पहला सवाल हत्या का मकसद क्या था और दूसरा सवाल हत्यारे कितने थे और कैसे घर में दाखिल हुए? वो भी उन परिस्थितियों में जब परिजनों का कहना है कि शनिवार रात को बाहर डिनर कर घर लौटने के बाद घर के सभी दरवाजों को भीतर से बंद किया गया था।
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पुलिस अधीक्षक अभिषेक जोरवाल भी मानते हैं कि पुलिस तफ्तीश में कुछ सवाल ऐसे हैं, जिस पर संदेह पैदा हो रहा है। एसपी के अनुसार पुलिस भी इन सवालों का जवाब ढूंढ रही है कि हत्यारे घर में कैसे दाखिल हुए और क्यों दाखिल हुए? दूसरा, पुलिस को घर में हत्या के दौरान लूटपाट का कोई नजारा भी दिखाई नहीं दिया।
खैर, इस बात की भी आशंका जताई जा रही है बुजुर्ग दंपति की हत्या के दौरान ही उनकी आवाज सुनकर बेटा जब नीचे आया, तो उसे आता देख हत्यारे लूटपाट करने से पहले ही भाग खड़े हुए। उधर, दूसरी ओर पुलिस को कमरे के बाहर ड्राइंग रूम के किनारे पर एक छोटी सी खिड़की की ग्रिल भी अंदर से उखड़ी मिली है, लेकिन उसका बाहरी शीशा सलामत था।
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मगर पुलिस को दिए बयानों में परिजनों ने बताया कि एक हत्यारा फटाफट से ड्राइंग रूम का  दरवाजा भीतर से ही खोलकर बाहर की ओर भागा और फिर घर की दीवार फांदकर सड़क पर कूदकर भाग गया। अब पुलिस ये भी जांच कर रही है कि जब हत्यारों को मालूम था कि वे ड्राइंग रूम का कमरा खोलकर आसानी से भाग सकते हैं तो उन्होंने कमरे की दीवार पर मौजूद बड़ी खिड़की के फ्रेम की नीचे की ओर छोटी सी ग्रिल क्यों उखाड़ी? और फिर उसका शीशा क्यों नहीं तोड़ा?
दूसरा, पुलिस इस बात का भी जवाब ढूंढ रही है कि घर में हत्यारों की संख्या कितनी थी? क्योंकि जिस तरह से बुजुर्ग दंपति पर हथियारों से वार किए गए, वे अकेले हत्यारे का काम नहीं हो सकता? पुलिस ने पूरे घर की तलाशी लेकर कुछ ऐसे सुराग ढूंढने का प्रयास किया है, जिससे इस डबल मर्डर मिस्ट्री को सुलझाया जा सके।  इस दौरान एसपी अंबाला अभिषेक जोरवाल, महेशनगर थाना प्रभारी इंस्पेक्टर सुभाष, सीआईए वन प्रभारी कमलजीत, सीआईए टू इंस्पेक्टर संदीप, सब इंस्पेक्टर गुलजार सिंह, हैड कांस्टेबल राजीव मोहन, जंगशेर सिंह, रंजीत समेत अन्य मौजूद रहे।

स्नीपर डॉग क्यों नहीं भौंका?
पुलिस के समक्ष एक और बड़ा सवाल ये खड़ा है कि घर में जब एक स्नीपर लैबरा डॉग मौजूद था, तो हत्यारों की एंट्री पर वे क्यों नहीं भौका? उल्लेखनीय है कि इसी ब्रीड के कुत्तों का इस्तेमाल पुलिस अमला अपने महत्वपूर्ण केसों को सुलझाने में करता है। पुलिस इस कुत्ते को सबसे एक्टिव व लॉयल मानती है। यहां इस घर में भी जहां हत्या हुई, वहां भी स्नीपर डॉग मौजूद था। पुलिस  जांच दल ने कुत्तों की एक्टिविटी भी चेक की, क्या किसी ने कुत्ते को कुछ नशीला पदार्थ खिलाया तो नहीं? लेकिन कुत्ता पुलिस को पूरा एक्टिव दिखाई दिया।

अब इलाके की चोरियों को खंगाली पुलिस
पुलिस अधीक्षक अभिषेक जोरवाल जब मौका-ए-वारदात पर आए तो लोगों ने अपना गुस्सा जाहिर करते हुए बताया कि उनके इलाकों में आए दिन चोरियां हो रही हैं। छोटी से बड़ी चोरी की वारदात से इलाकावासी खौफजदा हैं। इस पर एसपी अंबाला ने अब क्राइम विशेषज्ञों को इस इलाके में हुई चोरियों की वारदातों को खंगालने के आदेश दिए हैं। दरअसल, इन वारदातों के दौरान पुलिस ने जो फिंगर प्रिंट के निशान जुटाकर अपने रिकार्ड में रखे हैं, उन्हीं फिंगर प्रिंट के निशान पुलिस अब यहां डबल मर्डर वाले घर से जुटाए गए निशानों से मिलाना चाहती है।

मोबाइल करते रहे लोग, नहीं उठा पुलिस कंट्रोल का फोन
आसपास के लोगों ने एसपी के सामने इस घटना के बाद पुलिस कंट्रोल रूम में तैनात पुलिस कर्मियों की लापरवाही पर भी नाराजगी जताई। लोगों ने बाकायदा पुलिस अधीक्षक को मोबाइल में कॉल डिटेल दिखाकर उन्हें बताया कि वे इस घटना के बाद से ही अल सुबह पुलिस कंट्रोल रूम 100 नंबर पर फोन करते रहे, लेकिन किसी ने फोन ही नहीं उठाया। एसपी ने उन्हें आश्वासन देकर शांत करवाया।

कॉलोनीवासियों का पुलिस को 24 घंटे का अल्टीमेटम
महेश नगर इलाके के अशोक नगर में हुए डबल मर्डर को लेकर महेश नगर वेलफेयर की ओर से समस्त नगरों की आपातकालीन बैठक कार्यकारी अध्यक्ष राजीव जैन के निवास स्थान पर बुलाई गई। इसमें सदस्यों ने बुजुर्ग दंपति की आत्मा शांति के लिए दो मिनट का मौन रखा और उनके परिवार व मित्रों के प्रति संवेदनाएं व्यक्त कीं।
इस दौरान कार्यकारी अध्यक्ष राजीव जैन ने बताया कि बैठक में मतिदास नगर, अशोक नगर, अजीत नगर, शिव प्रताप नगर, दयाल बाग, वशिष्ठ नगर, गोबिंद नगर व महेश नगर के इलाकावासी शामिल रहे और उन्होंने महेश नगर वेलफेयर एक्शन कमेटी का गठन किया। जिसमें सदस्यों ने डबल मर्डर के बाद इलाके की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए अपनी मांगों पर विचार विमर्श किया। उन्होंने मांग की कि आरोपी को 24 घंटे के अंदर पकड़ा जाए व पीड़ित परिवार को प्रति व्यक्ति के हिसाब से पचास लाख रुपये का मुआवजा दिया जाना चाहिए। जबकि महेश नगर में सम्मिलित सभी नगरों के लिए पुलिस प्रशासन कम से कम पांच राइडर मोटरसाइकिल द्वारा रात्रि में गश्त करें व सभी नगरों के मुख्य चौराहों पर 8-10 सीसीटीवी कैमरे लगवाए जाएं व टांगरी बांध के ऊपर व दो तीन मुख्य चौराहों पर पुलिस पोस्ट बनवाई जाए। उन्होंने कहा कि अगर वेलफेयर की मांगो कों पूरा नहीं किया गया तो वेलफेयर सोसाइटी के बैनर तले महेश नगर पुलिस थाने के सामने शांतिपूर्ण धरना दिया जाएगा।

दो संदिग्ध युवक हिरासत में लिए
 पुलिस की सीआईए टीम ने फिलहाल इस मामले में दो युवकों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है। दोनों युवक संदिग्ध हरकतों में अमूमन लिप्त बताए जाते हैं। एक संदिग्ध युवक तो उस वक्त हिरासत में लिया गया, जब वे मौका-ए-वारदात पर आसपास के लोगों से ये कंफर्म कर रहा था कि दोनों बुजुर्ग दंपति मर गए हैं या उनमें से कोई जीवित बचा है। लोगों को उस पर शक हुआ तो उन्होंने वहीं मौजूद पुलिस को बुला लिया। पुलिस ने उस व्यक्ति की संदिग्ध मौजूदगी को देखते हुए उसे हिरासत में ले लिया है।
इलाकों के सीसीटीवी खंगाल रही पुलिस
महेशनगर पुलिस की एक टीम आसपास कॉलोनी में कुछ लोगों के घरों के बाहर लगे सीसीटीवी कैमरे भी खंगाल रही है। पुलिस का मानना है कि शायद इस घटना को अंजाम देकर भागने वाले हत्यारे किसी गली में भागते हुए किसी सीसीटीवी फुटेज में दिखाई दे जाएं। अभी इलाके में लोगों के घरों के बाहर लगे सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं। लेकिन अभी कोई ठोस सुबूत नहीं लगा है।
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