अंबाला कैंट। बुधवार को पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस में मंत्री अनिल विज के दरबार चालक लाइसेंस टेस्ट के लिए रिश्वत मांगने का मामला सामने आया। इस पर उन्होंने डीसी अंबाला को जांच के आदेश दिए हैं। इस दौरान मंत्री ने 276 समस्याएं सुनीं और अधिकारियों को इनके समाधान के निर्देश दिए। स्वास्थ्य मंत्री के दरबार में अंबाला छावनी के एक युवा ने शिकायत रखी कि एसडीएम कार्यालय में चालक लाइसेंस के लिए टेस्ट पास करवाने के लिए उनसे रिश्वत की मांग की गई है। स्वास्थ्य मंत्री ने इस मामले की जांच उपायुक्त अंबाला से करवाने की बात कही और कहा कि शिकायत सही पाए जाने पर संबंधित कर्मचारी को निलंबित किया जाए। इसी प्रकार अस्थायी कर्मचारियों ने प्रदेश में एक समान डीसी रेट का मुद्दा रखा। इन कर्मचारियों का दावा है कि अन्य जिलों में डीसी रेट अधिक है। स्वास्थ्य, खेल एवं युवा कार्यक्रम मंत्री अनिल विज ने कहा कि अस्थाई कर्मचारियों के लिए पूरे प्रदेश में एक जैसे डीसी रेट होने चाहिए। उन्होंने कहा कि वे इस मसले को पहले भी उठा चुके हैं और अब इसके लिए मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर इन रेटों में समानता लाने का अनुरोध करेंगे।
इसी प्रकार वर्ष 2012 में एएलएम की भर्ती प्रक्रिया में जाली दस्तावेज लगाने वाले प्रार्थियों की नियुक्ति की शिकायत आने पर स्वास्थ्य मंत्री ने इस मामले की विजिलेंस से जांच करवाने की बात कही और अपने अनुमोदन सहित जांच के लिए शिकायत पुलिस महानिदेशक हरियाणा को भिजवाई गई। गांव जटवाड़ के लोगों ने शिकायत रखी कि उनके गांव में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र काफी पहले से स्वीकृत है और इसके लिए ग्राम पंचायत द्वारा भूमि भी स्वास्थ्य विभाग के नाम स्थानांत्रित की हुई है। लेकिन अभी तक यह केंद्र नहीं बनाया गया है। स्वास्थ्य मंत्री ने मामले की जांच करके उचित कार्रवाई की बात कही।
दरबार में नगर निगम के अधिकारियों द्वारा विकास कार्यों में ऐसे क्षेत्रों जो अंबाला छावनी विधानसभा क्षेत्र से बाहर हैं को शामिल करने पर स्वास्थ्य मंत्री ने नाराजगी व्यक्त की और कहा कि यदि जांच में कोई अधिकारी दोषी पाया गया तो उसके विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। इस अवसर पर एसडीएम सुभाष चंद्र सिहाग, जीएम रोडवेज कुलधीर सिंह, डीएसपी सुरेश कौशिक, सिविल सर्जन डॉ. विनोद गुप्ता, भाजपा मंडल अध्यक्ष सोम चोपड़ा, जसबीर जस्सी, बलविंद्र सिंह शाहपुर, जगदीश अरोड़ा, नरेंद्र राणा, जोगिंद्र कुंडू, सुरेंद्र तिवारी, गुरपाल माजरा, कुणाल शर्मा, सतपाल छाबड़ा, गुरविंद्र शर्मा, फकीर चंद सैनी, रवि सहगल, विजेंद्र चौहान रहे।