तीन दिन पहले गांव गुनारा में हमलावरों द्वारा घर में घुस कर किए कातिलाना हमले में गंभीर रूप से घायल युवक बृजेश कश्यप ने बुधवार सुबह बरेली में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। इस मामले में पहले से दर्ज मुकदमे को पुलिस ने हत्या में तरमीम कर दिया है। वहीं, नामजद तीन सगे भाइयों में से दो को हिरासत में लेने की भी चर्चा है, हालांकि पुलिस ने अभी इसकी पुष्टि नहीं की है। मामला दो संप्रदायों से जुड़ा होने के कारण गांव में एहतियातन पुलिस तैनात कर दी गई है।
गांव गुनारा में 16 अक्टूबर की शाम जुआ खेलने के दौरान बृजेश कश्यप और गांव के ही बबलू के बीच झगड़ा हो गया था। आरोप है कि इसके बाद बबलू ने लाठी-डंडों से लैस होकर अपने भाई वसीम उर्फ भारी लल्ला तथा मोहम्मद अहमद उर्फ भूरे को साथ लेकर बृजेश के घर पर धावा बोलकर उसे बुरी तरह लठिया दिया। अधिक चोट लग जाने पर बृजेश जब बेहोश होकर गिर गया तो हमलावर फरार हो गये। इस मामले में बृजेश की पत्नी गीता देवी की तहरीर पर पुलिस ने तीनों आरोपी भाइयों के खिलाफ हमले की एनसीआर दर्ज कर ली थी। गंभीर हालत के चलते उसे पहले जिला अस्पताल में भरती कराया गया लेकिन बाद वहां में से बरेली रेफर कर दिया गया। वहां बुधवार सुबह इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। इस मामले में भारी लल्ला तथा भूरे को पूछताछ के लिए पुलिस ने हिरासत में लिया है लेकिन आधिकारिक तौर पर पुष्टि नहीं की गई है। बता दें कि बृजेश मेहनत मजदूरी कर अपने परिवार का भरण पोषण करता था। उसके घर में पत्नी के अलावा चार लड़के तथा दो लड़कियां हैं, इनमें बड़ी लड़की मात्र 15 साल की है। अन्य सभी बच्चे अभी छोटे हैं।
50 लाख की आर्थिक मदद की मांग
जलालाबाद। गांव गुनारा पहुंचे भाजपा के क्षेत्रीय उपाध्यक्ष तथा मछुुआरा प्रकोष्ठ के प्रदेश संयोजक मनोज कश्यप ने बृजेश की हत्या पर गहरा दु:ख जताते हुए मुख्यमंत्री से उसके परिवार को 50 लाख रुपये की आर्थिक मदद और घर के एक सदस्य को सरकारी नौकरी दिये जाने की मांग की है। आरोप लगाया कि बृजेश की हत्या में शामिल आरोपियों को राजनैतिक संरक्षण मिला हुआ है।
हमले में घायल बृजेश की मौत हो गई है। इस मामले में पहले ही एनसीआर दर्ज हुई थी। अब हत्या समेत उचित धाराओं में केस को तरमीम किया जा रहा है। जल्द ही गिरफ्तारी भी कर लेंगे। - उमेश शर्मा, सीओ जलालाबाद