कैंट और सिटी में इस वक्त अवैध कब्जों और अतिक्रमण को लेकर नगर निगम की टीम सख्त दिखाई दे रही है। सिटी के बलदेव नगर में हाईकोर्ट के अवमानना नोटिस के बाद पांचवें दिन भी नगर निगम की कार्रवाई जारी रही और वहां से तमाम अवैध कब्जों को जेसीबी मशीनों से साफ कर दिया गया, वहीं शुक्रवार को निगम ने अंबाला कैंट के बाजारों में भी अभियान छेड़ा। इस कार्रवाई के दौरान नगर निगम कर्मचारी और दुकानदार उलझ गए। वहीं दुकानदारों ने निगम कर्मियों पर कार्रवाई में पक्षपात करने का आरोप लगाते हुए हंगामा भी किया। बाद में होमगार्ड कर्मियों ने बीचबचाव किया। आखिरकार कई दुकानदारों का सामान नगर निगम ने जब्त कर लिया। ये दुकानदार अपनी दुकानों के बाहर कई फीट तक सामान बाहर रखे हुए थे, जिस वजह से सड़क तंगहाल थी।
हंगामे के बाद सामान किया जब्त, दी चेतावनी
म्यूनिसिपल कॉरपोरेशन अंबाला (एमसीए) की टीम ने विभिन्न बाजारों में कार्रवाई कर अतिक्रमण करने वाले दुकानदारों पर शिकंजा कसा। कार्रवाई के दौरान एमसीए टीम में शामिल कर्मचारियों ने दुकानदारों के बाहर रखे सामान को जब्त कर लिया। कई दुकानदारों को भविष्य में दोबारा दुकान के बाहर सामान न रखने की चेतावनी दी।
एमसीए की टीम ने रेलवे रोड से अपनी कार्रवाई शुरू की और विजय रत्न चौक, गांधी मार्केट, निकलसन रोड व अन्य बाजारों से अतिक्रमण हटवाए। उधर, एमसीए द्वारा कार्रवाई की सूचना पाकर बाजारों में हड़कंप मच गया। इसके बाद दुकानदारों ने आनन-फानन में अपना सामान समेटना शुरू कर दिया। कार्रवाई के दौरान कई जगह दुकानदारों व कर्मचारियों के बीच तीखी बहस भी हुई और कार्रवाई का विरोध भी जताया। उसके बावजूद टीम ने अपनी कार्रवाई जा रखी और सामान को ट्रालियाें में लादकर अपने साथ ले गए।
उधर, एमसीए की टीम जैसे ही विजय रत्न चौक पर पहुंची तो एक प्राइवेट कंपनी की ओर से अपनी ढोल के साथ विज्ञापन किया जा रहा था। इसमें कुछ बुुत भी तैयार किए गए थे। जो सड़कों के किनारे खड़े होकर ट्रैफिक व्यवस्था प्रभावित कर रहे थे। एमसीए की टीम में मौजूदा सेनेटरी इंस्पेक्टर सुनील दत्त ने उनका सामान भी जब्त करने के निर्देश दिए। लेकिन संबंधित कंपनी के कर्मचारियों के विरोध करने पर उन्हें छोड़ दिया गया। इसके बाद टीम ने गांधी मार्केट में भी दुकानों के बाहर रखा सामान जब्त किया।
बलदेव नगर के बाशिंदों में गुस्सा
उधर, पांच दिन से चल रही तोडफ़ोड़ की कार्रवाई फिलहाल शुक्रवार को थम गई। लेकिन जिस तरह से यहां नगर निगम ने तोडफ़ोड़ की है, उसे लेकर यहां लोगों में गुस्सा बरकरार है। दरअसल, ये कब्जे कई दशकों पुराने थे, जिस पर नगर निगम ने भी फिलहाल आंखें मूंद रखी थी, लेकिन अब चूंकि एक व्यक्ति की हाईकोर्ट में डाली गई याचिका पर अब जब नगर निगम को अवमानना नोटिस मिला, तो निगम ने इस कार्रवाई को शुरू किया। अब शुक्रवार को नगर निगम ने बलदेव के तमाम अवैध कब्जों को ढहा दिया है। ये कब्जे घरों व दुकानदारो के सामने नालों व सड़कों पर पांच से बीच फीट थे। लेकिन इस कार्रवाई के दौरान लोगों का कहना है कि ये कार्रवाई इतने बेतरतीब ढंग से की गई कि उनके मकानों व दुकानों की दीवारें व लैंटर तक हिल गए, दुकानों के शीश्ेा तक टूट गए। इतना ही नहीं घरों के मुख्य दरवाजे के आगे नाले पर बना रैंप तक तोड़ दिए गए, अब वे कैसे घरों में कैसे घुसेंगे?
कैंट की कालोनियों में कौन करेगा कार्रवाई
सिटी के बलदेव नगर में भले ही हाईकोर्ट के आदेश पर नगर निगम ने कार्रवाई की। लेकिन यहां अंबाला कैंट की भी कालोनियों में ऐसे ही हालात है, जिस पर निगम ने आंखें मूंद रखी है। कैंट के हाउसिंग बोर्ड कालोनी, सुभाष नगर, ट्रिब्यून कालोनी, कस्तूरबा कालोनी, इत्यादि में लोगों ने सड़कों व नालों पर इसी तरह पांच से बीस फीट तक पक्के कब्जे कर रखे हैं। लेकिन इस ओर नगर निगम का कोई ध्यान नहीं है, लिहाजा इन कालोनियों की खुली सड़कें भी तंग है और यहां से गुजरना बहुत मुश्किल हो जाता है।
सिटी में हाईकोर्ट के आदेश पर कार्रवाई की जा रही है, इसलिए बलदेवनगर में अवैध कब्जे हटा दिए गए हैं। कैंट मे भी जिन कालोनियों में इसी तरह के कब्जे हैं, वहां भी सर्वे करवाकर जल्द इन कालोनियों के कब्जों को भी हटवाकर सड़कों को चौड़ा किया जाएगा।
-गगनदीप सिंह थापर, ज्वाइंट कमिश्नर-