सेक्टर-49 स्थित सैनिक कॉलोनी सोसायटी में प्रधान का चुनाव कराने को लेकर एक बार फिर हंगामा हुआ। चुनाव के ऐन वक्त पर चुनाव अधिकारी यशपाल के न आने और बीमार होने के कारण चुनाव कराने में असमर्थता व्यक्त करने पर सोसायटी के लोगों ने नाराजगी जताई और सोसायटी के बाहर निकलकर सड़क पर जाम लगा दिया।
सूचना पर पहुंची पुलिस ने लोगों को समझा बुझाकर किसी तरह मामला शांत कराया। सोसायटी में काफी देर तक हंगामा होता रहा। बाद में चुने गए निदेशकों ने आपसी सहमति से प्रधान और उप-प्रधान का चुनाव कर उसकी रिपोर्ट सहायक रजिस्टार सोसायटी पंजीकरण को दे दी है।
बता दें कि गत 27 जनवरी को भी सोसायटी के प्रधान का चुनाव होना था लेकिन विवाद के कारण चुनाव टल गया था। इसकी नई तिथि शुक्रवार रखी गई थी। शुक्रवार को प्रबंधन कमेटी के चुनाव के लिए सात में से पांच सदस्य सामुदायिक भवन में सुबह 10 बजे ही पहुंच गए।
बड़ी संख्या में कॉलोनीवासी भी जमा हो गए। सुबह 11 बजे चुनाव चुनाव होना था। बताया जाता है कि चुनाव अधिकारी बने सहायक रजिस्टार यशपाल ने सोसायटी मैनेजर को सूचना दी कि वह बीमार हैं। इसलिए चुनाव नहीं हो सकता। सूचना पर लोगों ने नाराजगी जाहिर करते हुए हंगामा करना शुरू कर दिया।
लोगों का कहना था कि प्रशासन सोसायटी प्रबंधन का चुनाव नहीं करवाना चाहता है। विरोध प्रदर्शन करते हुए लोग नारेबाजी करते हुए सैनिक कॉलोनी रोड पर चले गए और वहां सड़क पर जाम लगा दिया। जाम की सूचना मिलते ही एसीपी एनआइटी शाकिर हुसैन भी मौके पर पहुंच गए। उन्होंने लोगों को समझाकर शांत करने का प्रयास किया।
लेकिन कॉलोनी के लोग मांग पर अड़े रहे। काफी देर तक हंगामा होने के बाद लोगों सोसायटी के सामुदायिक भवन में ताला लगाया दिया। स्थानीयवासी नीतू व जगत का कहना था कि सोसायटी के लेाग समस्याओं से जूझ रहे हैं लेकिन प्रशासन चुनाव न कराके लोकतंत्र को कलंकित कर रहा है। सोसायटी की भावनाओं से खिलवाड़ किया जा रहा है।
सर्वसम्मति से चुना प्रधान और उपप्रधान
घंटे पर चले हंगामे के बाद सभी पांचों सदस्य शकुंतला अरोड़ा, अंजू चौधरी, अमरनाथ रावल, देवेंद्र आहूजा और महाबीर सिंह ने आपस में सर्वसम्मति से प्रधान और उपप्रधान चुन लिया। शकुंतला अरोड़ा को प्रधान और अंजू चौधरी को उप-प्रधान बनाया गया। अनिल अरोड़ा ने बताया कि निर्वाचित हुए निदेशकों से सर्व सम्मति से प्रधान और उप प्रधान का चुनाव कर सहायक रजिस्ट्रार कार्यालय को सूचना भेज दी गई है। अब रजिस्टार को मंजूरी देनी है।