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Ambala: नशा मुक्ति केंद्र से मुक्त कराए 28 को परिजनों के हवाले किया, चार अस्पताल में दाखिल, 7 पर केस दर्ज

Wed, 11 Oct 2023 12:37 AM IST
भूपेंद्र सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, अंबाला (हरियाणा)

सार

संचालन अनाधिकृत रूप से हो रहा था, भर्ती लोगों को किया प्रताड़ित जा रहा था, संचालक समेत सात पर केस दर्ज किया गया है।
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अवैध नशा मुक्ति केंद्र पर कार्रवाई करती हुई पुलिस व स्वास्थ्य विभाग की टीम - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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हरियाणा के अंबाला के मटहेड़ी गांव में अवैध रूप से चल रहे नशा मुक्ति केंद्र से छुड़वाए गए 32 युवकों में से 28 को उनके परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया, जबकि चार युवकों को अभी परिजनों के आने तक सिटी ट्रामा सेंटर के आइसोलेशन रूम में दाखिल कराया गया है। खास बात यह है कि नशा मुक्ति केंद्र में 28 युवक पंजाब के ही थे।

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उधर, नग्गल पुलिस ने एसएमओ डॉ. राजिंद्र राय की शिकायत पर नशा मुक्ति केंद्र संचालक कर्णवीर सिंह, प्रिंस कुमार, विनोद कुमार, शिवम चुघ, सुनील कुमार, गुरप्रीत सिंह, भावुक कुमार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी।

विदित हो कि 20 हजार रुपये किराये की बिल्डिंग में पिछले 10 माह से अनाधिकृत रूप से नशा मुक्ति केंद्र चलाया जा रहा था। नशा छुड़वाने के नाम पर युवकों को बेसमेंट में बने एक हॉल में रखा जाता था। जिला प्रशासन ने सूचना मिलने क बाद सोमवार को छापामारी की थी। इस दौरान बेसमेंट में 32 लोगों को अमानवीय हालत में पाया गया।
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हैरानी की बात यह थी कि शहर से कई किलोमीटर दूरी पर स्थित केंद्र के बाहर कोई बोर्ड नहीं था। भीतर घुसने पर पता चला कि यह श्री बाला फाउंडेशन के नाम से चलाया जा रहा था। छापामारी टीम में मेंटल हेल्थ एसएमओ डॉ. राजिंद्र राय, एएसएमओ डॉ. विपिन भंडारी, एमई ऑफिसर डॉ. दीपांशी गुप्ता, डीएचडब्ल्यूओ प्रतिनिधि संजीत, एडीसी अंबाला प्रतिनिधि अनिल कुमार और नग्गल पुलिस शामिल रही।

नशा छुड़वाने के नाम पर दी जाती थी यातनाएं, पीड़ितों ने बयां की दास्तां
अस्पताल में दाखिल युवकों ने नशा छुड़वाने के नाम पर दी जाने वाली यातनाओं की दास्तां बयां की तो सभी दंग रह गए। लुधियाना निवासी गगनदीप, यमुनानगर निवासी वरूण, पटियाला निवासी शिवम, पेहवा निवासी जीता सिंह ने बताया कि नशा केंद्रों में आने के बाद वह बेसमेंट में ही पड़े हैं। कोई सुविधाएं नहीं दी जाती। यहां तक कि बिजली जाने के बाद इनवर्टर की सुविधा भी नहीं थी। कई बार उन्हें निर्वस्त्र करके यातनाएं दी जाती थीं। बीमार होने पर कोई दवा तक नहीं दी जाती थी। खाने के नाम पर सिंपल दाल रोटी दे दी जाती थी और वो भी भर पेट नहीं। कोई भी फायर उपकरण नहीं था और न ही कोई खिड़की या रोशनदान।

टीम पहुंची तो केंद्र पर लगा था ताला, खुलवाने के बाद भी नहीं मिला कोई स्टॉफ पुलिस को दी शिकायत में एसएमओ डॉ. राजिंद्र राय ने बताया कि वह केंद्र में पहुंचे तो कोई बोर्ड नहीं लगा था। केंद्र में घुसने की एकमात्र एंट्री थी और उस पर भी ताला लगा था। जांच पड़ताल करने पर जगह के मालिक को बुलाने पर कुछ समय बाद इसका ताला खुलवाया गया। भीतर कोई भी मैनेजर, स्टाफ नहीं मिला। यहां कोई डॉक्टर भी नहीं था, जबकि नियमों के मुताबिक मेडिकल स्टाफ का होना बेहद जरूरी है।

अवैध रूप से चल रहे नशा मुक्ति की बिल्डिंग को खाली करवा दिया गया है। संचालक सहित सात पर मामला दर्ज कर लिया है और जल्द ही उन्हें काबू कर लिया जाएगा। नशा मुक्ति केंद्र में मिले 28 को उनके परिजनों को सौंप दिया गया है, जबकि चार के परिजन अभी नहीं आए है। उन्हें नागरिक अस्पताल अंबाला सिटी में रखवाया गया है। -सुनीता ढाका, इंस्पेक्टर नग्गल थाना

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