गुल्लक फंड को लेकर एसए जैन विजय वल्लभ पब्लिक स्कूल व टीचर्स के विवाद में शनिवार को नया मोड़ आ गया है। जिला शिक्षा अधिकारी के आदेशों के बाद ज्वाइनिंग करने पहुंची प्रिंसिपल और टीचरों को मैनेजमेंट की ओर से स्कूल में छुट्टी कर दिए जाने के कारण बैरंग लौटना पड़ा। स्कूल मैनेजमेंट का कहना था कि स्कूल में कार्यरत अन्य टीचरों के विरोध के कारण माहौल बिगड़ने का डर था। इसके चलते उन्हें छुट्टी करनी पड़ी।
गौरतलब है कि करीब एक माह से सिटी के एसए जैन विजय वल्लभ स्कूल मैनेजमेंट व प्रिंसिपल के बीच विवाद चल रहा है। इसके चलते स्कूल मैनेजमेंट ने प्रिंसिपल व एक टीचर की छुट्टी कर दी थी। शुक्रवार को जिला शिक्षा अधिकारी देर शाम एक ईमेल के माध्यम से स्कूल को सूचित कर प्रिंसिपल व टीचर को री-ज्वाइन करवाने के आदेश दिए थे।
लेकिन स्कूल मैनेजमेंट ने शिक्षा विभाग के नोटिफिकेशन का हवाला देते हुए उन्हें री ज्वाइन करवाने से मना कर दिया और स्कूल का माहौल बिगड़ने के डर से छुट्टी कर दी। प्रिंसिपल तेजिंद्र पाल कौर ने कहा कि वह जिला शिक्षा अधिकारी के आदेशों पर स्कूल ज्वाइन करने आई थी लेकिन गेट नहीं खोला गया और स्कूल में छुट्टी कर दी गई है। वह जिला शिक्षा अधिकारी व डीसी से इसकी शिकायत करेंगी।
उधर, स्कूल प्रबंधक आलोक जैन ने कहा कि सुबह जब स्कूल स्टाफ ने उन्हें जब जिला शिक्षा अधिकारी की ओर से भेजी गई मेल के बारे में सूचित किया तो साथ ही यह भी कहा गया कि यदि वह प्रिंसिपल और टीचर दोबारा स्कूल आती हैं तो सभी तीस टीचर स्कूल से बाहर आ जाएंगे। ऐसे में स्कूल का माहौल बिगड़ने और टीचरों के बीच टकराव की स्थिति बन सकती थी। इसके चलते बच्चों पर बुरा प्रभाव पड़ता, इसलिए उन्हें अन्य तीस टीचरों व बच्चों की मनोस्थिती को देखते हुए स्कूल में छुट्टी करनी पड़ी।स्कूल प्रबंधक समिति के प्रबंधक आलोक जैन ने कहा कि जिला शिक्षा अधिकारी की जांच सही नहीं है। उन्होंने कहा कि जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा किसी प्रेशर में एकतरफा कार्रवाई की गई है।