अमर उजाला ब्यूरो
मुलाना (अंबाला)।
टंगैल नंदीशाला में शनिवार को एक और गोवंश की मौत हो गई। गोवंश की मौत ठंड से हुई या किसी बीमारी से इसकी पुष्टि नहीं हो पाई है। लेकिन आए दिन गोशाला में गोवशों की मौत होना एक जांच का विषय है। सर्दी में शेड व अन्य व्यवस्थाओं के बगैर गोवंश खतरे के साय में जी रहा है। अगर यही हालात रहे तो गोशाला में गोवंश दम तोड़ता रहेगा। अभी तक प्रशासन इस ओर संजीदा नहीं है। नंदीशाला में पहले 486 गोवंश थे, इसमें करीब 188 की अब तक मौत हो चुकी हैं। गोशाला में काम करने वाले कर्मचारियों ने बताया कि आए दिन गोवंश मर रहे हैं। लेकिन प्रशासन इसे गंभीरता से नहीं ले रहा।
ऑन-ऑफ स्विच नहीं, ट्यूबवेल बंद
नंदीशाला में पशुओं के लिए पीने का पानी पास स्थित खेतों के ट्यूबवेल से जाया जा रहा है। जबकि नंदीशाला में ही ट्यूबवेल की सुविधा है। यहां बिजली की सप्लाई भी है लेकिन ऑन-ऑफ का बटन न लगा होने के कारण ट्यूबवेल नहीं चल पा रहा।
कर्मी बोले, नंदीशाला में कई असुविधाएं
यहां पर कार्यरत राजेंद्र, बलबीर व सुरमुख कर्मचारी ने बताया कि गोशाला में असुविधाएं ही असुविधाएं हैं। ट्रैक्टर-ट्राली किराए का लेकर आना पड़ता है। अगर ट्रैक्टर-ट्राली गोशाला का हो तो चारा लेकर आने में आसानी रहती है, लेकिन यहां पर किराए का वाहन लेकर आना पड़ रहा है या फिर किसानों से ट्रैक्टर-ट्राली की मांग की जाती है। गोशाला में रोजाना करीब 35 क्विंटल चारा आता है।
कमेटी पहले ही कर चुकी किनारा
बता दें कि गोशाला का प्रबंधन पहले एक कमेटी के पास था। मगर प्रशासन के असहयोग की वजह से कमेटी ने इसका जिम्मा छोड़ दिया था। मामले की जानकारी बराड़ा एसडीएम के अलावा डीसी को दी गई थी। इसके बाद प्रशासन ने नंदीशाला को चलाने का दावा किया था, मगर अब तक कोई सुधार यहां पर नहीं हुआ है।
वर्जन
नंदीशाला में शेड की व्यवस्था की जा रही है। धीरे-धीरे सभी व्यवस्था हो जाएंगी। प्रशासन इस ओर कार्य कर रहा है।
- गिरीश कुमार, एसडीएम, बराड़ा।
- अब तक हो चुकी है 188 गोवंश की मौत, प्रशासन मौन