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डीएसपी के पिता की कार छीनने व घायल करने के दो आरोपियों को दस-दस साल कैद व जुर्माना

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अंबाला सिटी। जिला सत्र एवं न्यायाधीश विक्रम अग्रवाल की अदालत ने कार छीनने और घायल करने के एक मामले में संलिप्त दो आरोपियों को दोषी करार देते हुए उन्हें 10-10 साल कारावास और 25-25 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना अदा नहीं करने की सूरत में आरोपियों को दो-दो साल की अतिरिक्त सजा काटनी होगी। कोर्ट ने 9 महीने 13 दिन चली कानूनी कार्यवाही के तहत यह फैसला सुनाया है। वारदात के समय शहर सेक्टर आठ निवासी डॉ. रतन कुमार की बेटी डीएसपी पंखुड़ी गुरुग्राम में तैनात थीं।
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शहर सेक्टर आठ निवासी डॉ. रतन कुमार ने 14 जुलाई 2018 को पड़ाव थाना में शिकायत दर्ज करवाई थी। शिकायत में उन्होंने बताया कि उस दिन वह अपनी पत्नी शशि के साथ शाम करीब सात बजे अपनी कार में शॉपिंग के लिए अंबाला-दिल्ली मार्ग स्थित एनएच-वन अंबाला कैंट के मॉल में गये थे। वह शॉपिंग करके जैसे ही बाहर निकले तो उनकी पत्नी कुछ सामान भूल गई थी, जिसे लेने के लिए वह दोबारा अंदर चली गई। वह बाहर कार में उसका इंतजार करने लगे। इस दौरान दो नौजवान लड़के अचानक उनकी कार के पास आये और आते ही उनमें से एक ने उनके सिर पर पंच मारा। इस दौरान दूसरे लड़के ने उसे जबरदस्ती कार से बाहर खींच लिया और धक्का दे दिया। इसके बाद आरोपी कार लेकर वहां से फरार हो गये। इस दौरान उन्हें काफी चोटें आईं, जिसके बाद उन्होंने 100 नंबर पर फोन करके पुलिस को सूचित किया। पुलिस की मदद से उसे छावनी सिविल अस्पताल में भर्ती करवाया गया। पुलिस ने मामले में कार्रवाई करते हुए 14 जुलाई रात को ही लगभग 12.30 बजे आरोपियों को कुरुक्षेत्र के जीटी रोड पर उमरी ब्रिज के पास से गिरफ्तार कर लिया। उनकी पहचान इंद्री (करनाल) निवासी सचिन चोपड़ा और मोनू वोहरा के तौर पर हुई थी। पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ आईपीसी की धारा 379बी के तहत मामला दर्ज किया। इसी मामले में जिला एवं सत्र न्यायाधीश विक्रम अग्रवाल की कोर्ट ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद आरोपियों को दोषी करार देते हुुए 10-10 साल की सजा और 25-25 हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई है।
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